Tehzeeb Hafi-SHER Part 2

Tehzeeb Hafi-SHER Part 2 ==================== कौन तुम्हारे पास से उठ कर घर जाता है तुम जिसको छू लेती हो वो मर जाता है ==================== इसलिए ये महीना ही शामिल नहीं उम्र की जंत्री में हमारी उसने इक दिन कहा था कि शादी है इस फरवरी में हमारी ==================== रुक गया है वो या चल रहा है हमको सब कुछ पता चल रहा है उसने शादी भी की है किसी से और गाँव में क्या चल रहा है…

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Tehzeeb Hafi-SHER Part 1

Tehzeeb Hafi-SHER Part 1   करता नही ख्याल तेरा इस ख्याल से तंग आ गया अगर तू मेरी देखभाल से चल मेरे साथ और तबियत की फिकर छोड़ दो मील दूर है मेरा घर हस्पताल से ==================== रातें किसी याद में कटती हैं और दिन दफतर खा जाता है दिल जीने पर माइल होता है तो मौत का डर खा जाता है सच पूछो तो तहज़ीब हाफी मै ऐसे दोस्त से आज़िज़ हूँ मिलता है तो बात…

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Tehzeeb Hafi-Ghazals Part 1

Tehzeeb Hafi-Ghazals Part 1   ये किस तरह का ताल्लुक है आपका मेरे साथ ये किस तरह का ताल्लुक है आपका मेरे साथ मुझे ही छोड़ के जाने का मशवरा मेरे साथ। यही कहीं हमें रस्तों ने बद्दुआ दी थी मगर मैं भुल गया और कौन था मेरे साथ। वो झांकता नहीं खिड़की से दिन निकलता है तुझे यकीन नहीं आ रहा तो आ मेरे साथ। अब उस जानिब से इस कसरत से तोहफे आ रहे हैं…

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Tehzeeb Hafi-Ghazals Part 7

Tehzeeb Hafi-Ghazals Part 7 उसके हाथों में जो खंजर है ज्यादा तेज है उसके हाथों में जो खंजर है ज्यादा तेज है और फिर बचपन से ही उसका निशाना तेज है जब कभी उस पार जाने का ख्याल आता मुझे कोई आहिस्ता से कहता था की दरिया तेज है आज मिलना था बिछड़ जाने की नीयत से हमे आज भी वो देर से पंहुचा है कितना तेज है अपना सब कुछ हार के लौट आये हो न…

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Tehzeeb Hafi-Ghazals Part 6

Tehzeeb Hafi-Ghazals Part 6 तारीकियों को आग लगे और दिया जले तारीकियों को आग लगे और दिया जले ये रात बैन करती रहे और दिया जले उस की ज़बाँ में इतना असर है कि निस्फ़ शब वो रौशनी की बात करे और दिया जले तुम चाहते हो तुम से बिछड़ के भी ख़ुश रहूँ या'नी हवा भी चलती रहे और दिया जले क्या मुझ से भी अज़ीज़ है तुम को दिए की लौ फिर तो मेरा मज़ार…

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Tehzeeb Hafi-Ghazals Part 5

Tehzeeb Hafi-Ghazals Part 5 अश्क ज़ाएअ' हो रहे थे देख कर रोता न था अश्क ज़ाएअ' हो रहे थे देख कर रोता न था जिस जगह बनता था रोना मैं उधर रोता न था सिर्फ़ तेरी चुप ने मेरे गाल गीले कर दिए मैं तो वो हूँ जो किसी की मौत पर रोता न था मुझ पे कितने सानहे गुज़रे पर इन आँखों को क्या मेरा दुख ये है कि मेरा हम-सफ़र रोता न था मैं ने…

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Tehzeeb Hafi-Ghazals Part 4

Tehzeeb Hafi-Ghazals Part 4   शोर करूँगा और न कुछ भी बोलूँगा   शोर करूँगा और न कुछ भी बोलूँगा ख़ामोशी से अपना रोना रो लूँगा सारी उम्र इसी ख़्वाहिश में गुज़री है दस्तक होगी और दरवाज़ा खोलूँगा तन्हाई में ख़ुद से बातें करनी हैं मेरे मुँह में जो आएगा बोलूँगा रात बहुत है तुम चाहो तो सो जाओ मेरा क्या है मैं दिन में भी सो लूँगा तुम को दिल की बात बतानी है लेकिन आँखें…

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Tehzeeb Hafi-Ghazals Part 3

Tehzeeb Hafi-Ghazals Part 3 तेरा चेहरा तेरे होंठ और पलकें देखें तेरा चेहरा तेरे होंठ और पलकें देखें दिल पे आँखें रक्खे तेरी साँसें देखें मेरे मालिक आप तो ऐसा कर सकते हैं साथ चले हम और दुनिया की आँखें देखें साल होने को आया है वो कब लौटेगा आओ खेत की सैर को निकले कुंजें देखें हम तेरे होंठों को लरजिश कब भूलें हैं पानी में पत्थर फेंकें और लहरें देखें कितनी रातें काट चुका हूँ…

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