टप्पे- योगेश छिब्बर ‘आनन्द’ -Hindi Poetry-कविता-Hindi Poem | Kavita Yogesh Chhibber Anand 

टप्पे- योगेश छिब्बर ‘आनन्द’ -Hindi Poetry-कविता-Hindi Poem | Kavita Yogesh Chhibber Anand 1. ये मेरी अर्ज़ी है, मैं वो बन जाऊँ जो तेरी मर्ज़ी है। 2. सारा जग सौदाई, तुमको देखा तो, ये बात समझ आई।

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क्षणिकाएँ- योगेश छिब्बर ‘आनन्द’ -Hindi Poetry-कविता-Hindi Poem | Kavita Yogesh Chhibber Anand 

क्षणिकाएँ- योगेश छिब्बर ‘आनन्द’ -Hindi Poetry-कविता-Hindi Poem | Kavita Yogesh Chhibber Anand   #1. सुख यह नहीं कि जीवन में तुम भी हो सुख यह है कि जीवन में तुम ही हो। #2. न उतने हो न इतने हो तुम अपनी प्यास जितने हो। #3. लो, तुम्हारे भीतर रखता हूँ खरे विचार की चिनगारी अब आग जले तुम्हारी जिम्मेदारी।  

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तितली- योगेश छिब्बर ‘आनन्द’ -Hindi Poetry-कविता-Hindi Poem | Kavita Yogesh Chhibber Anand 

तितली- योगेश छिब्बर ‘आनन्द’ -Hindi Poetry-कविता-Hindi Poem | Kavita Yogesh Chhibber Anand   तितली जब भी उड़ेगी किसी फूल की तरफ उड़ेगी तितली जब भी उतरेगी किसी फूल पर उतरेगी तितली जब भी नष्ट होगी कहीं फूलों के बीच नष्ट होगी उसे जीना आता है उसे मरना आता है।  

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चिड़िया बम नहीं बनाएगी- योगेश छिब्बर ‘आनन्द’ -Hindi Poetry-कविता-Hindi Poem | Kavita Yogesh Chhibber Anand 

चिड़िया बम नहीं बनाएगी- योगेश छिब्बर ‘आनन्द’ -Hindi Poetry-कविता-Hindi Poem | Kavita Yogesh Chhibber Anand   चिड़िया को भी खतरा है लंबे डैनों वाले बाज से उसके बच्चों को खतरा है भूखे काले नाग से उनका घोंसला डरता है शैतान लड़कों के हाथ से मगर चिड़िया बम नहीं बनाएगी चिड़िया के भी दुश्मन हैं मगर वह बम नहीं बनाती चिड़िया की किसी पीढ़ी में बुद्ध ने जन्म नहीं लिया चिड़िया के संसार में कोई ईसा नहीं हुआ…

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दोहे- योगेश छिब्बर ‘आनन्द’ -Hindi Poetry-कविता-Hindi Poem | Kavita Yogesh Chhibber Anand 

दोहे- योगेश छिब्बर ‘आनन्द’ -Hindi Poetry-कविता-Hindi Poem | Kavita Yogesh Chhibber Anand    बैठी आंगन प्रेम के, लेकर मन का सूप थोथा जगत् उड़ा दिया, बचा पिया का रूप पिया तुम्हारा रूप है, कैसा साहूकार नैना गिरवी रख लिये, दरस दिया इक बार एक पहर ठहरी सखी, कान्हा जी के ठौर पहुँची कोई और थी, लौटी कोई और इक गोपी लड़ती फिरे, माखन लिया चुराय दूजी बैठी रो रही, छिना न माखन, हाय मटकी फूटे से मिले,…

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अम्मा-कविता-योगेश छिब्बर ‘आनन्द’ -Hindi Poetry-कविता-Hindi Poem | Kavita Yogesh Chhibber Anand

अम्मा-कविता-योगेश छिब्बर ‘आनन्द’ -Hindi Poetry-कविता-Hindi Poem | Kavita Yogesh Chhibber Anand   लेती नहीं दवाई अम्मा, जोड़े पाई-पाई अम्मा । दुःख थे पर्वत, राई अम्मा हारी नहीं लड़ाई अम्मा । इस दुनियां में सब मैले हैं किस दुनियां से आई अम्मा । दुनिया के सब रिश्ते ठंडे गरमागरम रजाई अम्मा । जब भी कोई रिश्ता उधड़े करती है तुरपाई अम्मा । बाबू जी तनख़ा लाये बस लेकिन बरक़त लाई अम्मा । बाबूजी थे छड़ी बेंत की माखन…

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