मोहब्बत‬

मोहब्बत‬ ==== फ़रिश्ते ही होंगे जिनका हुआ इश्क मुकम्मल, इंसानों को तो हमने सिर्फ बर्बाद होते देखा है… ==== पता नहीं, इश्क़ है या कुछ और, पर तेरी परवाह करना, अच्छा लगता है मुझे। ==== इश्क़ है अगर शिकायत न कीजिए..! और शिकवे हैं तो मोहब्बत न कीजिए..!! ==== दिल धड़कने का सबब याद आया वो तिरी याद थी अब याद आया नासिर काज़मी ==== इश्क़ का रोग भला कैसे पलेगा मुझ से क़त्ल होता ही नहीं…

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