कुँवर नारायण-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Kunwar Narayan 7

कुँवर नारायण-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Kunwar Narayan 7 कविता की मधुबनी में-कविताएँ -कुँवर नारायण-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Kunwar Narayan कोई दुःख-कविताएँ -कुँवर नारायण-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Kunwar Narayan खाली पीछा-कविताएँ -कुँवर नारायण-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Kunwar Narayan छोटी सी दुनिया-कविताएँ -कुँवर नारायण-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Kunwar Narayan सुबह हो रही थी-कविताएँ -कुँवर नारायण-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem…

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कविता की मधुबनी में-कविताएँ -कुँवर नारायण-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Kunwar Narayan

कविता की मधुबनी में-कविताएँ -कुँवर नारायण-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Kunwar Narayan सुबह से ढूँढ़ रहा हूँ अपनी व्यस्त दिनचर्या में सुकून का वह कोना जहाँ बैठ कर तुम्हारे साथ महसूस कर सकूँ सिर्फ अपना होना याद आती बहुत पहले की एक बरसात, सर से पाँव तक भीगी हुई मेरी बाँहों में कसमसाती एक मुलाकात थक कर सो गया हूँ एक व्यस्त दिन के बाद : यादों में खोजे नहीं मिलती वैसी कोई दूसरी…

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कोई दुःख-कविताएँ -कुँवर नारायण-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Kunwar Narayan

कोई दुःख-कविताएँ -कुँवर नारायण-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Kunwar Narayan कोई दु:ख मनुष्य के साहस से बड़ा नहीं- वही हारा जो लड़ा नहीं

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खाली पीछा-कविताएँ -कुँवर नारायण-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Kunwar Narayan

खाली पीछा-कविताएँ -कुँवर नारायण-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Kunwar Narayan एक बार धोखा हुआ कि तितलियों के देश में पहुँच गया हूँ और एक तितली मेरा पीछा कर रही... मैं ठहर गया तो वह भी ठहर गई, मैंने अपने पीछे मुड़कर देखा तो अपने पीछे मुड़कर उसने भी देखा फिर जब मैं उसके पीछे भागने लगा वह भी अपने पीछे की ओर भागने लगी। दरअसल वह भी मेरी तरह धोखे में थी कि वह…

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छोटी सी दुनिया-कविताएँ -कुँवर नारायण-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Kunwar Narayan

छोटी सी दुनिया-कविताएँ -कुँवर नारायण-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Kunwar Narayan छोटी-सी दुनिया बड़े-बड़े इलाके हर इलाके के बड़े-बड़े लड़ाके हर लड़ाके की बड़ी-बड़ी बन्दूकें हर बन्दूक के बड़े-बड़े धड़ाके सब को दुनिया की चिन्ता सब से दुनिया को चिन्ता

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सुबह हो रही थी-कविताएँ -कुँवर नारायण-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Kunwar Narayan

सुबह हो रही थी-कविताएँ -कुँवर नारायण-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Kunwar Narayan सुबह हो रही थी कि एक चमत्कार हुआ आशा की एक किरण ने किसी बच्ची की तरह कमरे में झाँका कमरा जगमगा उठा "आओ अन्दर आओ, मुझे उठाओ" शायद मेरी ख़ामोशी गूँज उठी थी।

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रोते-हँसते-कविताएँ -कुँवर नारायण-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Kunwar Narayan

रोते-हँसते-कविताएँ -कुँवर नारायण-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Kunwar Narayan जैसे बेबात हँसी आ जाती है हँसते चेहरों को देख कर जैसे अनायास आँसू आ जाते हैं रोते चेहरों को देख कर हँसी और रोने के बीच काश, कुछ ऐसा होता रिश्ता कि रोते-रोते हँसी आ जाती जैसे हँसते-हँसते आँसू !

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मौत ने कहा-कविताएँ -कुँवर नारायण-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Kunwar Narayan

मौत ने कहा-कविताएँ -कुँवर नारायण-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Kunwar Narayan फ़ोन की घण्टी बजी मैंने कहा — मैं नहीं हूँ और करवट बदल कर सो गया। दरवाज़े की घण्टी बजी मैंने कहा — मैं नहीं हूँ और करवट बदल कर सो गया। अलार्म की घण्टी बजी मैंने कहा — मैं नहीं हूँ और करवट बदल कर सो गया। एक दिन मौत की घण्टी बजी... हड़बड़ा कर उठ बैठा — मैं हूँ... मैं हूँ...…

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