कुमार विश्वास-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Kumar Vishwas

कुमार विश्वास-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Kumar Vishwas मुक्तक -कुमार विश्वास-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Kumar Vishwas 5 मुक्तक -कुमार विश्वास-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Kumar Vishwas 4 मुक्तक -कुमार विश्वास-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Kumar Vishwas 3 मुक्तक -कुमार विश्वास-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Kumar Vishwas 2 मुक्तक -कुमार विश्वास-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Kumar Vishwas अगर दिल…

Continue Readingकुमार विश्वास-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Kumar Vishwas

मुक्तक -कुमार विश्वास-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Kumar Vishwas 5

मुक्तक -कुमार विश्वास-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Kumar Vishwas 5 कोई कब तक महज सोचे,कोई कब तक महज गाए कोई कब तक महज सोचे,कोई कब तक महज गाए ईलाही क्या ये मुमकिन है कि कुछ ऐसा भी हो जाए मेरा मेहताब उसकी रात के आगोश मे पिघले मैँ उसकी नीँद मेँ जागूँ वो मुझमे घुल के सो जाए जिसकी धुन पर दुनिया नाचे, दिल एक ऐसा इकतारा है जिसकी धुन पर दुनिया नाचे, दिल…

Continue Readingमुक्तक -कुमार विश्वास-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Kumar Vishwas 5

मुक्तक -कुमार विश्वास-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Kumar Vishwas 4

मुक्तक -कुमार विश्वास-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Kumar Vishwas 4 यह चादर सुख की मोल क्यूँ, सदा छोटी बनाता है यह चादर सुख की मोल क्यूँ, सदा छोटी बनाता है सिरा कोई भी थामो, दूसरा खुद छुट जाता है तुम्हारे साथ था तो मैं, जमाने भर में रुसवा था मगर अब तुम नहीं हो तो, ज़माना साथ गाता है किसी के दिल की मायूसी जहाँ से होके गुजरी है किसी के दिल की मायूसी…

Continue Readingमुक्तक -कुमार विश्वास-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Kumar Vishwas 4

मुक्तक -कुमार विश्वास-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Kumar Vishwas 3

मुक्तक -कुमार विश्वास-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Kumar Vishwas 3 कोई खामोश है इतना, बहाने भूल आया हूँ कोई खामोश है इतना, बहाने भूल आया हूँ किसी की इक तरनुम में, तराने भूल आया हूँ मेरी अब राह मत तकना कभी ए आसमां वालो मैं इक चिड़िया की आँखों में, उड़ाने भूल आया हूँ सदा तो धूप के हाथों में ही परचम नहीं होता सदा तो धूप के हाथों में ही परचम नहीं होता…

Continue Readingमुक्तक -कुमार विश्वास-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Kumar Vishwas 3

मुक्तक -कुमार विश्वास-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Kumar Vishwas 2

मुक्तक -कुमार विश्वास-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Kumar Vishwas 2 महफिल-महफ़िल मुस्काना तो पड़ता है महफिल-महफ़िल मुस्काना तो पड़ता है, खुद ही खुद को समझाना तो पड़ता है उनकी आँखों से होकर दिल जाना. रस्ते में ये मैखाना तो पड़ता है. जो धरती से अम्बर जोड़े, उसका नाम मोहब्बत है जो धरती से अम्बर जोड़े, उसका नाम मोहब्बत है, जो शीशे से पत्थर तोड़े, उसका नाम मोहब्बत है, कतरा कतरा सागर तक तो,जाती है…

Continue Readingमुक्तक -कुमार विश्वास-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Kumar Vishwas 2

मुक्तक -कुमार विश्वास-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Kumar Vishwas

मुक्तक -कुमार विश्वास-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Kumar Vishwas हमें मालूम है दो दिल जुदाई सह नहीं सकते हमें मालूम है दो दिल जुदाई सह नहीं सकते मगर रस्मे-वफ़ा ये है कि ये भी कह नहीं सकते जरा कुछ देर तुम उन साहिलों कि चीख सुन भर लो जो लहरों में तो डूबे हैं, मगर संग बह नहीं सकते वो जो खुद में से कम निकलतें हैं वो जो खुद में से कम निकलतें…

Continue Readingमुक्तक -कुमार विश्वास-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Kumar Vishwas

अगर दिल ही मुअज्जन हो सदायें काम आती हैं-मुक्तक -कुमार विश्वास-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Kumar Vishwas 

अगर दिल ही मुअज्जन हो सदायें काम आती हैं-मुक्तक -कुमार विश्वास-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Kumar Vishwas अगर दिल ही मुअज्जन हो सदायें काम आती हैं, समन्दर में सभी माफिक हवायें काम आती हैं मुझे आराम है ये दोस्तों की मेहरवानी है, दुआयें साथ हों तो सब दवायें काम आतीं है।

Continue Readingअगर दिल ही मुअज्जन हो सदायें काम आती हैं-मुक्तक -कुमार विश्वास-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Kumar Vishwas 

कुमार विश्वास-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Kumar Vishwas

कुमार विश्वास-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Kumar Vishwas कोई दीवाना कहता है-चन्द कलियां निशात की -कुमार विश्वास-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Kumar Vishwas  पल की बात थी-ये रदीफ़ो काफ़िया -कुमार विश्वास-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Kumar Vishwas  दिल तो करता है-ये रदीफ़ो काफ़िया -कुमार विश्वास-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Kumar Vishwas  सब तमन्नाएँ हों पूरी-ये रदीफ़ो काफ़िया -कुमार विश्वास-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi…

Continue Readingकुमार विश्वास-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Kumar Vishwas