परछाईयाँ कविता-साहिर लुधियानवी -Hindi Poetry-कविता-Hindi Poem | Kavita Sahir Ludhianvi Part 4

परछाईयाँ कविता-साहिर लुधियानवी -Hindi Poetry-कविता-Hindi Poem | Kavita Sahir Ludhianvi Part 4 सज़ा का हाल सुनाये जज़ा की बात करें सज़ा का हाल सुनाएँ जज़ा की बात करें ख़ुदा मिला हो जिन्हें वो ख़ुदा की बात करें उन्हें पता भी चले और वो ख़फ़ा भी न हों इस एहतियात से क्या मुद्दआ की बात करें हमारे अहद की तहज़ीब में क़बा ही नहीं अगर क़बा हो तो बंद-ए-क़बा की बात करें हर एक दौर का मज़हब नया…

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साहिर लुधियानवी -Hindi Poetry-कविता-Hindi Poem | Kavita Sahir Ludhianvi Part 4

साहिर लुधियानवी -Hindi Poetry-कविता-Hindi Poem | Kavita Sahir Ludhianvi Part 4 अब अगर हमसे ख़ुदाई भी खफ़ा हो जाए अब अगर हमसे ख़ुदाई भी खफ़ा हो जाए गैर-मुमकिन है कि दिल दिल से जुदा हो जाए जिस्म मिट जाए कि अब जान फ़ना हो जाए गैर-मुमकिन है... जिस घड़ी मुझको पुकारेंगी तुम्हारी बाँहें रोक पाएँगी न सहरा की सुलगती राहें चाहे हर साँस झुलसने की सज़ा हो जाए गैर-मुमकिन है... लाख ज़ंजीरों में जकड़ें ये ज़माने वाले…

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तल्खियाँ -साहिर लुधियानवी -Hindi Poetry-कविता-Hindi Poem | Kavita Sahir Ludhianvi Part 4

तल्खियाँ -साहिर लुधियानवी -Hindi Poetry-कविता-Hindi Poem | Kavita Sahir Ludhianvi Part 4 रद्दे-अमल चन्द कलियाँ निशात की चुनकर मुद्दतों महवे-यास रहता हूँ तेरा मिलना ख़ुशी की बात सही तुझ से मिलकर उदास रहता हूँ एक मंज़र उफक के दरीचे से किरणों ने झांका फ़ज़ा तन गई, रास्ते मुस्कुराये सिमटने लगी नर्म कुहरे की चादर जवां शाख्सारों ने घूँघट उठाये परिंदों की आवाज़ से खेत चौंके पुरअसरार लै में रहट गुनगुनाये हसीं शबनम-आलूद पगडंडियों से लिपटने लगे सब्ज…

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साहिर लुधियानवी -Hindi Poetry-कविता-Hindi Poem | Kavita Sahir Ludhianvi Part 1

साहिर लुधियानवी -Hindi Poetry-कविता-Hindi Poem | Kavita Sahir Ludhianvi Part 1 तेरे चेहरे से नज़र नहीं हटती तेरे चेहरे से नज़र नहीं हटती नज़ारे हम क्या देखें तुझे मिलके भी प्यास नहीं घटती नज़ारे हम क्या देखें पिघले बदन तेरे तपती निगाहों से शोलों की आँच आए बर्फ़ीली राहों से लगे कदमों से आग लिपटती नज़ारे हम क्या देखें रंगों की बरखा है खुशबू का साथ है किसको पता है अब दिन है की रात है लगे…

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तल्खियाँ -साहिर लुधियानवी -Hindi Poetry-कविता-Hindi Poem | Kavita Sahir Ludhianvi Part 3

तल्खियाँ -साहिर लुधियानवी -Hindi Poetry-कविता-Hindi Poem | Kavita Sahir Ludhianvi Part 3 मेरे गीत मेरे सरकश तराने सुन के दुनिया ये समझती है कि शायद मेरे दिल को इश्क़ के नग़्मों से नफ़रत है मुझे हंगामा-ए-जंग-ओ-जदल में कैफ़ मिलता है मेरी फ़ितरत को ख़ूँरेज़ी के अफ़सानों से रग़्बत है मेरी दुनिया में कुछ वक्त नहीं है रक़्स-ओ-नग़्में की मेरा महबूब नग़्मा शोर-ए-आहंग-ए-बग़ावत है मगर ऐ काश! देखें वो मेरी पुरसोज़ रातों को मैं जब तारों पे नज़रें…

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साहिर लुधियानवी -Hindi Poetry-कविता-Hindi Poem | Kavita Sahir Ludhianvi Part 2

साहिर लुधियानवी -Hindi Poetry-कविता-Hindi Poem | Kavita Sahir Ludhianvi Part 2 तेरे दर पे आया हूँ कुछ कर के जाऊँगा तेरे दर पे आया हूँ कुछ कर के जाऊँगा झोली भर के जाऊँगा या मर के जाऊँगा मैं तेरे दर पे आया हूँ ... तू सब कुछ जाने है हर ग़म पहचाने है जो दिल की उलझन है सब तुझ पे रौशन है घायल परवाना हूँ वहशी दीवाना हूँ तेरी शोहरत सुन सुन के उम्मीदें लाया हूँ…

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तल्खियाँ -साहिर लुधियानवी -Hindi Poetry-कविता-Hindi Poem | Kavita Sahir Ludhianvi Part 2

तल्खियाँ -साहिर लुधियानवी -Hindi Poetry-कविता-Hindi Poem | Kavita Sahir Ludhianvi Part 2 इसी दोराहे पर अब न इन ऊंचे मकानों में क़दम रक्खूंगा मैंने इक बार ये पहले भी क़सम खाई थी अपनी नादार मोहब्बत की शिकस्तों के तुफ़ैल ज़िन्दगी पहले भी शरमाई थी, झुंझलाई थी और ये अहद किया था कि ब-ई-हाले-तबाह अब कभी प्यार भरे गीत नहीं गाऊंगा किसी चिलमन ने पुकारा भी तो बढ़ जाऊँगा कोई दरवाज़ा खुला भी तो पलट आऊंगा फिर तिरे…

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साहिर लुधियानवी -Hindi Poetry-कविता-Hindi Poem | Kavita Sahir Ludhianvi Part 3

साहिर लुधियानवी -Hindi Poetry-कविता-Hindi Poem | Kavita Sahir Ludhianvi Part 3 तेरे बचपन को जवानी की दुआ देती हूँ तेरे बचपन को जवानी की दुआ देती हूँ और दुआ देके परेशान सी हो जाती हूँ मेरे मुन्ने मेरे गुलज़ार के नन्हे पौधे तुझको हालत की आँधी से बचाने के लिये आज मैं प्यार के आँचल में छुपा लेती हूँ कल ये कमज़ोर सहारा भी न हासिल होगा कल तुझे काँटों भरी राहों पे चलना होगा ज़िंदगानी की…

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