-श्लोक -गुरू अर्जन देव जी-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Guru Arjan Dev Ji

-श्लोक -गुरू अर्जन देव जी-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Guru Arjan Dev Ji श्लोक -गुरू अर्जन देव जी-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Guru Arjan Dev Ji 34 श्लोक -गुरू अर्जन देव जी-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Guru Arjan Dev Ji 33 श्लोक -गुरू अर्जन देव जी-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Guru Arjan Dev Ji 32 श्लोक -गुरू अर्जन देव जी-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem |…

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श्लोक -गुरू अर्जन देव जी-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Guru Arjan Dev Ji 34

श्लोक -गुरू अर्जन देव जी-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Guru Arjan Dev Ji 34 आदि मधि अरु अंति आदि मधि अरु अंति परमेसरि रखिआ ॥ सतिगुरि दिता हरि नामु अम्रितु चखिआ ॥ साधा संगु अपारु अनदिनु हरि गुण रवै ॥ पाए मनोरथ सभि जोनी नह भवै ॥ सभु किछु करते हथि कारणु जो करै ॥ नानकु मंगै दानु संता धूरि तरै ॥1॥523॥  तिस नो मंनि वसाइ तिस नो मंनि वसाइ जिनि उपाइआ ॥ जिनि…

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श्लोक -गुरू अर्जन देव जी-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Guru Arjan Dev Ji 33

श्लोक -गुरू अर्जन देव जी-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Guru Arjan Dev Ji 33  नानक सतिगुरि भेटिऐ नानक सतिगुरि भेटिऐ पूरी होवै जुगति ॥ हसंदिआ खेलंदिआ पैनंदिआ खावंदिआ विचे होवै मुकति ॥2॥522॥  उदमु करेदिआ जीउ तूं उदमु करेदिआ जीउ तूं कमावदिआ सुख भुंचु ॥ धिआइदिआ तूं प्रभू मिलु नानक उतरी चिंत ॥1॥522॥ सुभ चिंतन गोबिंद रमण सुभ चिंतन गोबिंद रमण निरमल साधू संग ॥ नानक नामु न विसरउ इक घड़ी करि किरपा भगवंत ॥2॥522॥…

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श्लोक -गुरू अर्जन देव जी-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Guru Arjan Dev Ji 32

श्लोक -गुरू अर्जन देव जी-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Guru Arjan Dev Ji 32  लधमु लभणहारु लधमु लभणहारु करमु करंदो मा पिरी ॥ इको सिरजणहारु नानक बिआ न पसीऐ ॥1॥521॥  पापड़िआ पछाड़ि पापड़िआ पछाड़ि बाणु सचावा संन्हि कै ॥ गुर मंत्रड़ा चितारि नानक दुखु न थीवई ॥2॥521॥  जा कउ भए क्रिपाल प्रभ जा कउ भए क्रिपाल प्रभ हरि हरि सेई जपात ॥ नानक प्रीति लगी तिन राम सिउ भेटत साध संगात ॥1॥521॥  रामु रमहु…

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श्लोक -गुरू अर्जन देव जी-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Guru Arjan Dev Ji 31

श्लोक -गुरू अर्जन देव जी-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Guru Arjan Dev Ji 31 साजन तेरे चरन की साजन तेरे चरन की होइ रहा सद धूरि ॥ नानक सरणि तुहारीआ पेखउ सदा हजूरि ॥1॥518॥ पतित पुनीत असंख पतित पुनीत असंख होहि हरि चरणी मनु लाग ॥ अठसठि तीरथ नामु प्रभ जिसु नानक मसतकि भाग ॥2॥518॥ कामु क्रोधु लोभु छोडीऐ कामु क्रोधु लोभु छोडीऐ दीजै अगनि जलाइ ॥ जीवदिआ नित जापीऐ नानक साचा नाउ ॥1॥519॥…

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श्लोक -गुरू अर्जन देव जी-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Guru Arjan Dev Ji 30

श्लोक -गुरू अर्जन देव जी-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Guru Arjan Dev Ji 30 लगड़ी सुथानि लगड़ी सुथानि जोड़णहारै जोड़ीआ ॥ नानक लहरी लख सै आन डुबण देइ न मा पिरी ॥1॥519॥  बनि भीहावलै हिकु साथी लधमु बनि भीहावलै हिकु साथी लधमु दुख हरता हरि नामा ॥ बलि बलि जाई संत पिआरे नानक पूरन कामां ॥2॥519॥ प्रेम पटोला तै सहि दिता प्रेम पटोला तै सहि दिता ढकण कू पति मेरी ॥ दाना बीना साई…

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श्लोक -गुरू अर्जन देव जी-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Guru Arjan Dev Ji 29  बारि विडानड़ै हुमस धुमस बारि विडानड़ै हुमस धुमस कूका पईआ राही ॥ तउ सह सेती लगड़ी डोरी नानक अनद सेती बनु गाही ॥1॥520॥ सची बैसक तिन्हा संगि सची बैसक तिन्हा संगि जिन संगि जपीऐ नाउ ॥ तिन्ह संगि संगु न कीचई नानक जिना आपणा सुआउ ॥2॥520॥ विछोहे ज्मबूर खवे विछोहे ज्मबूर खवे न वंञनि गाखड़े ॥ जे सो धणी मिलंनि…

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श्लोक-गुरू अर्जन देव जी-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Guru Arjan Dev Ji 27

श्लोक -गुरू अर्जन देव जी-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Guru Arjan Dev Ji 27  धंधड़े कुलाह चिति न आवै धंधड़े कुलाह चिति न आवै हेकड़ो ॥ नानक सेई तंन फुटंनि जिना सांई विसरै ॥1॥323॥  परेतहु कीतोनु देवता परेतहु कीतोनु देवता तिनि करणैहारे ॥ सभे सिख उबारिअनु प्रभि काज सवारे ॥ निंदक पकड़ि पछाड़िअनु झूठे दरबारे ॥ नानक का प्रभु वडा है आपि साजि सवारे ॥2॥323॥ तिंना भुख न का रही तिंना भुख न का…

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