अनुभूति के स्वर-मेरी इक्यावन कविताएँ -अटल बिहारी वाजपेयी-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita,

अनुभूति के स्वर-मेरी इक्यावन कविताएँ -अटल बिहारी वाजपेयी-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita, क्षमा याचना-अनुभूति के स्वर-मेरी इक्यावन कविताएँ -अटल बिहारी वाजपेयी-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita,  यक्ष प्रश्न-अनुभूति के स्वर-मेरी इक्यावन कविताएँ -अटल बिहारी वाजपेयी-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita, नई गाँठ लगती-अनुभूति के स्वर-मेरी इक्यावन कविताएँ -अटल बिहारी वाजपेयी-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita, आओ, मन की गांठें खोलें-अनुभूति के स्वर-मेरी इक्यावन कविताएँ -अटल बिहारी वाजपेयी-Hindi Poetry-हिंदी…

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राष्ट्रीयता के स्वर-मेरी इक्यावन कविताएँ -अटल बिहारी वाजपेयी-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita,

राष्ट्रीयता के स्वर-मेरी इक्यावन कविताएँ -अटल बिहारी वाजपेयी-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita,  सत्ता-राष्ट्रीयता के स्वर-मेरी इक्यावन कविताएँ -अटल बिहारी वाजपेयी-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita, अमर है गणतंत्र-राष्ट्रीयता के स्वर-मेरी इक्यावन कविताएँ -अटल बिहारी वाजपेयी-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita, उनकी याद करें-राष्ट्रीयता के स्वर-मेरी इक्यावन कविताएँ -अटल बिहारी वाजपेयी-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita, गगन मे लहरता है भगवा हमारा-राष्ट्रीयता के स्वर-मेरी इक्यावन कविताएँ -अटल बिहारी वाजपेयी-Hindi…

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चुनौती के स्वर-मेरी इक्यावन कविताएँ -अटल बिहारी वाजपेयी-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita,

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विविध के स्वर-मेरी इक्यावन कविताएँ -अटल बिहारी वाजपेयी-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita,

विविध के स्वर-मेरी इक्यावन कविताएँ -अटल बिहारी वाजपेयी-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita, सपना टूट गया-विविध के स्वर-मेरी इक्यावन कविताएँ -अटल बिहारी वाजपेयी-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita,  आओ! मर्दो नामर्द बनो-विविध के स्वर-मेरी इक्यावन कविताएँ -अटल बिहारी वाजपेयी-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita, जंग न होने देंगे-विविध के स्वर-मेरी इक्यावन कविताएँ -अटल बिहारी वाजपेयी-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita,  देखो हम बढ़ते ही जाते-विविध के स्वर-मेरी इक्यावन कविताएँ…

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मेरी इक्यावन कविताएँ -अटल बिहारी वाजपेयी-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita,

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चिह्न-न दैन्यं न पलायनम् -अटल बिहारी वाजपेयी-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita,

चिह्न-न दैन्यं न पलायनम् -अटल बिहारी वाजपेयी-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita, वैभव के अमिट चरण-चिह्न-न दैन्यं न पलायनम् -अटल बिहारी वाजपेयी-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita, कवि आज सुना वह गान रे-न दैन्यं न पलायनम् -अटल बिहारी वाजपेयी-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita, धन्य तू विनोबा !-न दैन्यं न पलायनम् -अटल बिहारी वाजपेयी-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita,  स्वाधीनता के साधना पीठ-न दैन्यं न पलायनम् -अटल बिहारी वाजपेयी-Hindi…

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सपना टूट गया-विविध के स्वर-मेरी इक्यावन कविताएँ -अटल बिहारी वाजपेयी-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita,

सपना टूट गया-विविध के स्वर-मेरी इक्यावन कविताएँ -अटल बिहारी वाजपेयी-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita, हाथों की हल्दी है पीली, पैरों की मेहँदी कुछ गीली पलक झपकने से पहले ही सपना टूट गया। दीप बुझाया रची दिवाली, लेकिन कटी न अमावस काली व्यर्थ हुआ आह्वान, स्वर्ण सवेरा रूठ गया, सपना टूट गया। नियति नटी की लीला न्यारी, सब कुछ स्वाहा की तैयारी अभी चला दो कदम कारवां, साथी छूट गया, सपना टूट गया।

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 आओ! मर्दो नामर्द बनो-विविध के स्वर-मेरी इक्यावन कविताएँ -अटल बिहारी वाजपेयी-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita,

 आओ! मर्दो नामर्द बनो-विविध के स्वर-मेरी इक्यावन कविताएँ -अटल बिहारी वाजपेयी-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita, मर्दों ने काम बिगाड़ा है, मर्दों को गया पछाड़ा है झगड़े-फसाद की जड़ सारे जड़ से ही गया उखाड़ा है मर्दों की तूती बन्द हुई औरत का बजा नगाड़ा है गर्मी छोड़ो अब सर्द बनो। आओ मर्दों, नामर्द बनो। गुलछरे खूब उड़ाए हैं, रस्से भी खूब तुड़ाए हैं, चूँ चपड़ चलेगी तनिक नहीं, सर सब के गए मुंड़ाए हैं,…

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