old bollywood songs lyrics in hindi fonts

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old bollywood songs lyrics in hindi fonts

सिमटी हुई ये घड़ियाँ – Simti Hui Ye Ghadiyaan (Lata Mangeshkar, Md.Rafi, Chambal Ki Kassam)

Movie Name /Album Name-: चम्बल की कसम (1980)
Music Producer/Music By-: खय्याम
Lyrics Writer/Lyrics by- : साहिर लुधियानवी
Singers/Performed By: लता मंगेशकर, मोहम्मद रफ़ी

सिमटी हुई ये घड़ियाँ, फिर से न बिखर जाए
इस रात में जी लें हम, इस रात में मर जाएँ

अब सुबह न आ पाए, आओ ये दुआ माँगें
इस रात के हर पल से, रातें ही उभर जाएँ
सिमटी हुई ये घड़ियाँ

दुनिया की निगाहें अब हम तक न पहुँच पाए
तारों में बसें चलकर, धरती में उतर जाएँ
सिमटी हुई ये घड़ियाँ

हालात के तीरों से छलनी हैं बदन अपने
पास आओ के सीनों के, कुछ ज़ख़्म तो भर जाए
सिमटी हुई ये घड़ियाँ

आगे भी अँधेरा है, पीछे भी अँधेरा है
अपनी हैं वो ही साँसें, जो साथ गुज़र जाए
सिमटी हुई ये घड़ियाँ

बिछड़ी हुई रूहों का ये मेल सुहाना है
इस मेल का कुछ एहसाँ जिस्मों पे भी कर जाएँ
सिमटी हुई ये घड़ियाँ

तरसे हुए जज़्बों को अब और न तरसाओ
तुम शाने पे सर रख दो, हम बाँहों में भर जाएँ
सिमटी हुई ये घड़ियाँ

अगर हम कहें – Agar Hum Kahen (Jagjit Singh, Chitra Singh, Passions)

Movie Name /Album Name-: पैशन्स (1987)
Music Producer/Music By-: जगजीत सिंह
Lyrics Writer/Lyrics by- : सुदर्शन फाकिर
Singers/Performed By: जगजीत सिंह, चित्रा सिंह

अगर हम कहें और वो मुस्कुरा दें
हम उनके लिए ज़िंदगानी लुटा दें

हर एक मोड़ पर हम ग़मों को सज़ा दें
चलो ज़िंदगी को मोहब्बत बना दें

अगर ख़ुद को भूले तो, कुछ भी न भूले
कि चाहत में उनकी, ख़ुदा को भुला दें

कभी ग़म की आँधी, जिन्हें छू न पाए
वफ़ाओं के हम, वो नशेमन बना दें

क़यामत के दीवाने कहते हैं हमसे
चलो उनके चहरे से पर्दा हटा दें

सज़ा दें, सिला दें, बना दें, मिटा दें
मगर वो कोई फ़ैसला तो सुना दें

कठिन है राह गुज़र – Kathin Hai Raah Guzar (Ghulam Ali, Pankaj Udhas, Ahmed Faraz)

Movie Name /Album Name-:हुस्न-ए-ग़ज़ल (2007), महफ़िल (1983)
Music Producer/Music By-: गुलाम अली, पंकज उदास
Lyrics Writer/Lyrics by- : अहमद फ़राज़
Singers/Performed By: गुलाम अली, पंकज उदास

कठिन है राह गुज़र थोड़ी दूर साथ चलो
बहुत कड़ा है सफ़र थोड़ी दूर साथ चलो
कठिन है राह गुज़र…

तमाम उम्र कहाँ कोई साथ देता है
ये जानता हूँ मगर थोड़ी दूर साथ चलो
कठिन है राह गुज़र…

नशे में चूर हूँ मैं भी तुम्हें भी होश नहीं
बड़ा मज़ा हो अगर थोड़ी दूर साथ चलो
कठिन है राह गुज़र…

ये एक शब की मुलाक़ात भी गनीमत है
किसे है कल की ख़बर थोड़ी दूर साथ चलो
कठिन है राह गुज़र…

तवाफ़-ए-मंज़िल-ए-जाना हमें भी करना है
‘फ़राज़’ तुम भी अगर थोड़ी दूर साथ चलो
कठिन है राह गुज़र…

कभी होती नहीं है – Kabhi Hoti Nahin Hai (Kishore Kumar, Asha Bhosle, Khara Khota)

Movie Name /Album Name-: खरा खोटा (1981)
Music Producer/Music By-: बाबला मेहता
Lyrics Writer/Lyrics by- : इन्दीवर
Singers/Performed By: किशोर कुमार, आशा भोंसले

किशोर कुमार
कभी होती नहीं है जिसकी हार
वो है प्यार, वो तो है प्यार
कोई कभी छू न पाए
मौत आ के, लौट जाए
ये वो दुआ है प्यार
वो है ये प्यार
कभी होती नहीं है…

जीवन नया हमको तुमने दिया
तकदीर से अब नहीं है गिला
नहीं है गिला
है दर क्या हम समझने लगे
हमदर्द तुमसा हमें जो मिला
अंधेरों में, रौशनी है
वीरानों में, ज़िन्दगी है
नाम-ए-खुदा है प्यार
वो तो है प्यार…

नफरत से भी तुम मोहब्बत करो
पहला सबक हमने तुमसे लिया
तुमसे लिया
ज़मीं आसमाँ आज मिल ही गए
मुश्किल को मुमकिन बना ही दिया
बना ही दिया
कोई यहाँ, ऐसा कहाँ
जीत ले जो, सारा जहां
ये वो अदा है प्यार
वो तो है प्यार…

आशा भोंसले
ज़रा कर के तो देखो मेरे प्यार
क्या है प्यार, क्या है ये प्यार
धीरे-धीरे, आता है जो
आ के नहीं, जाता है जो
ये वो नशा है प्यार
ओ मेरे यार
ज़रा कर के तो…

नफरत तो है एक झूठा नशा
देता है ताकत घड़ी दो घड़ी
घड़ी दो घड़ी
इंसा को इंसा बनाती है जो
मोहब्बत की ताकत है सबसे बड़ी
रूठे हुए, दिल मिले
टूटे हुए, दिल खिले
ये वो दवा है प्यार
ओ मेरे प्यार…

जीने की शक्ति देता है जो
इक नाम इसका विश्वास है
प्यार विश्वास है
अपना है कोई जहां में कहीं
इस बात का एक एहसास है
प्यार एहसास है
थोड़ी वफ़ा, थोड़ा यकीं
हो जाएगी दुनिया हसीं
गर प्यार पे ऐतबार
ओ मेरे यार…

आँख से आँख मिला – Aankh Se Aankh Mila (Chitra Singh, A Sound Affair)

Movie Name /Album Name-: अ साउंड अफेयर (1985)
Music Producer/Music By-: जगजीत सिंह
Lyrics Writer/Lyrics by- : सईद राही
Singers/Performed By: चित्रा सिंह

आँख से आँख मिला, बात बनाता क्यूँ है
तू अगर मुझसे ख़फ़ा है तो छुपाता क्यूँ है
आँख से आँख मिला…

ग़ैर लगता है न अपनों की तरह मिलता है
तू ज़माने की तरह मुझको सताता क्यूँ है

वक़्त के साथ ख़यालात बदल जाते हैं
ये हक़ीक़त है मगर मुझको सुनाता क्यूँ है

एक मुद्दत से जहाँ क़ाफ़िले गुज़रे ही नहीं
ऐसी राहों पे चराग़ों को जलाता क्यूँ है
तू अगर मुझसे ख़फ़ा…

आदमी आदमी को – Aadmi Aadmi Ko (Jagjit, Chitra Singh, Someone Somewhere)

Movie Name /Album Name-: समवन समवेयर (1986)
Music Producer/Music By-: जगजीत सिंह
Lyrics Writer/Lyrics by- : सुदर्शन फ़ाकिर
Singers/Performed By: जगजीत सिंह, चित्रा सिंह

आदमी आदमी को क्या देगा
जो भी देगा वही ख़ुदा देगा

मेरा क़ातिल ही मेरा मुन्सिब है
क्या मेरे हक़ में फ़ैसला देगा
आदमी आदमी को…

ज़िन्दगी को क़रीब से देखो
इसका चेहरा तुम्हें रुला देगा
आदमी आदमी को…

हमसे पूछो न दोस्ती का सिला
दुश्मनों का भी दिल हिला देगा
आदमी आदमी को…

इश्क़ का ज़हर पी लिया ‘फ़ाकिर’
अब मसीहा भी क्या दवा देगा
आदमी आदमी को…

कोई समझेगा क्या – Koi Samjhega Kya (Jagjit Singh, Chitra Singh, Someone Somewhere)

Movie Name /Album Name-: समवन समवेयर (1986)
Music Producer/Music By-: जगजीत सिंह
Lyrics Writer/Lyrics by- : फ़ना निज़ामी
Singers/Performed By: जगजीत सिंह, चित्रा सिंह

कोई समझेगा क्या राज़-ए-गुलशन
जब तक उलझे ना काँटों से दामन

यक-ब-यक सामने आना जाना
रुक न जाए कहीं दिल की धड़कन
कोई समझेगा क्या…

गुल तो गुल, ख़ार तक चुन लिए हैं
फिर भी खाली है गुलचीं का दामन
कोई समझेगा क्या…

कितनी आराइश-ए-आशियाना
टूट जाए ना शाख़-ए-नशेमन
कोई समझेगा क्या…

अज़मत-ए-आशियाना बढ़ा दी
बर्क़ को दोस्त समझूँ के दुश्मन
कोई समझेगा क्या…

हम कथा सुनाते राम सकल – Hum Katha Sunaate Ram Sakal (Ramayan)

Movie Name /Album Name-: रामायण – दूरदर्शन टीवी सीरियल (1987)
Music Producer/Music By-: रविन्द्र जैन
Lyrics Writer/Lyrics by- : रविन्द्र जैन
Singers/Performed By: कविता कृष्णमूर्ति, रविन्द्र जैन, देवकी पंडित

श्लोक
ॐ श्री महागणाधिपतये नमः
ॐ श्री उमामहेश्वराभ्याय नमः

वाल्मीकि गुरुदेव के पद पंकज सिर नाय
सुमिरे मात सरस्वती हम पर होऊ सहाय
मात पिता की वंदना करते बारम्बार
गुरुजन राजा प्रजाजन नमन करो स्वीकार।

हम कथा सुनाते राम सकल गुणधाम की
हम कथा सुनाते राम सकल गुणधाम की
ये रामायण है पुण्य कथा श्री राम की।

जम्बुद्विपे, भरत खंडे, आर्यावर्ते, भारतवर्षे
एक नगरी है विख्यात अयोध्या नाम की
यही जन्मभूमि है, परम पूज्य श्री राम की
हम कथा सुनाते राम सकल गुणधाम की
ये रामायण है पुण्य कथा श्री राम की
ये रामायण है पुण्य कथा श्री राम की।

रघुकुल के राजा धर्मात्मा, चक्रवर्ती दशरथ पुण्यात्मा
संतति हेतु यज्ञ करवाया, धर्म यज्ञ का शुभ फल पाया
नृप घर जन्मे चार कुमारा, रघुकुल दीप जगत आधारा
चारों भ्रातों के शुभ नामा, भरत, शत्रुघ्न, लक्ष्मण रामा।

गुरु वशिष्ठ के गुरुकुल जा के
अल्प काल विद्या सब पा के
पूरण हुई शिक्षा, रघुवर पूरण काम की
हम कथा सुनाते राम सकल गुणधाम की
ये रामायण है पुण्य कथा श्री राम की
ये रामायण है पुण्य कथा श्री राम की।

मृदु स्वर कोमल भावना, रोचक प्रस्तुति ढंग
एक-एक कर वर्णन करें, लव-कुश राम प्रसंग
विश्वामित्र महामुनि राई, तिनके संग चले दोउ भाई
कैसे राम ताड़का मारी, कैसे नाथ अहिल्या तारी
मुनिवर विश्वामित्र तब, संग ले लक्ष्मण राम
सिया स्वयंवर देखने, पहुँचे मिथिला धाम।

जनकपुर उत्सव है भारी
जनकपुर उत्सव है भारी
अपने वर का चयन करेगी
सीता सुकुमारी
जनकपुर उत्सव है भारी।

जनक राज का कठिन प्रण, सुनो-सुनो सब कोय
जो तोड़े शिव धनुष को, सो सीता पति होय।

को तोरी शिव धनुष कठोर, सबकी दृष्टि राम की ओर
राम विनय गुण के अवतार, गुरुवर की आज्ञा सिरधार
सहज भाव से शिव धनु तोड़ा
जनकसुता संग नाता जोड़ा।

रघुवर जैसा और ना कोई
सीता की समता नही होई
दोउ करें पराजित, कांति कोटि रति काम की
हम कथा सुनाते राम सकल गुणधाम की
ये रामायण है पुण्य कथा श्री राम की
ये रामायण है पुण्य कथा श्री राम की।

सब पर शब्द मोहिनी डारी, मन्त्रमुग्ध भये सब नर नारी
यूँ दिन-रैन जात हैं बीते, लव कुश ने सब के मन जीते
वन गमन, सीता हरण, हनुमत मिलन
लंका दहन, रावण मरण, अयोध्या पुनरागमन
सविस्तार सब कथा सुनाई, राजा राम भये रघुराई
राम राज आयो सुखदाई, सुख समृद्धि श्री घर-घर आई।

काल चक्र ने घटना क्रम में, ऐसा चक्र चलाया
राम सिया के जीवन में फिर, घोर अँधेरा छाया।

अवध में ऐसा, ऐसा इक दिन आया
निष्कलंक सीता पे प्रजा ने, मिथ्या दोष लगाया
अवध में ऐसा, ऐसा इक दिन आया।

चल दी सिया जब तोड़ कर, सब नेह नाते मोह के
पाषाण हृदयों में ना अंगारे जगे विद्रोह के
ममतामयी माँओं के आँचल भी सिमट कर रह गए
गुरुदेव ज्ञान और नीति के सागर भी घट कर रह गए।

ना रघुकुल ना रघुकुलनायक, कोई न सिय का हुआ सहायक
मानवता को खो बैठे जब, सभ्य नगर के वासी
तब सीता को हुआ सहायक, वन का इक सन्यासी।

उन ऋषि परम उदार का, वाल्मीकि शुभ नाम
सीता को आश्रय दिया, ले आए निज धाम
रघुकुल में कुलदीप जलाए
राम के दो सुत सिय ने जाये।

श्रोतागण, जो एक राजा की पुत्री है
एक राजा की पुत्रवधू है
और एक चक्रवर्ती राजा की पत्नी है
वही महारानी सीता वनवास के दुखों में
अपने दिन कैसे काटती है
अपने कुल के गौरव
और स्वाभिमान की रक्षा करते हुए
किसी से सहायता मांगे बिना
कैसे अपना काम वो स्वयं करती है
स्वयं वन से लकड़ी काटती है
स्वयं अपना धान कूटती है
स्वयं अपनी चक्की पीसती है
और अपनी संतान को स्वावलंबी बनने की शिक्षा
कैसे देती है
अब उसकी एक करुण झाँकी देखिये

जनक दुलारी कुलवधू दशरथजी की
राजरानी हो के दिन वन में बिताती है
रहते थे घेरे जिसे दास-दासी आठों याम
दासी बनी अपनी उदासी को छुपाती है
धरम प्रवीना सती, परम कुलीना
सब विधि दोष हीना जीना दुःख में सिखाती है
जगमाता हरिप्रिया लक्ष्मी स्वरूपा सिया
कूटती है धान, भोज स्वयं बनाती है
कठिन कुल्हाड़ी ले के लकड़ियाँ काटती है
करम लिखे को पर काट नहीं पाती है
फूल भी उठाना भारी जिस सुकुमारी को था
दुःख भरे जीवन का बोझ वो उठाती है
अर्धांगिनी रघुवीर की वो धर धीर
भरती है नीर, नीर नैन में न लाती है
जिसकी प्रजा के अपवादों के कुचक्र में वो
पीसती है चाकी, स्वाभिमान को बचाती है
पालती है बच्चों को वो कर्म योगिनी की भांति
स्वाभिमानी, स्वावलंबी, सबल बनाती है
ऐसी सीता माता की परीक्षा लेते, दुःख देते
निठुर नियति को दया भी नहीं आती है।

उस दुखिया के राज दुलारे,
हम ही सुत श्री राम तिहारे
सीता माँ की आँख के तारे
लव-कुश हैं पितु नाम हमारे
हे पितु भाग्य हमारे जागे
राम कथा कही राम के आगे।।

फ़ासिला तो है मगर – Faasla To Hai Magar (Chitra Singh, Jagjit Singh, Someone Somewhere)

Movie Name /Album Name-: समवन समवेयर (1986)
Music Producer/Music By-: जगजीत सिंह
Lyrics Writer/Lyrics by- : शमीम करहानी
Singers/Performed By: चित्रा सिंह, जगजीत सिंह

फ़ासिला तो है मगर, कोई फ़ासिला नहीं
मुझ से तुम जुदा सही, दिल से तो जुदा नहीं
फ़ासिला तो है मगर…

आसमाँ की फ़िक्र क्या, आसमाँ ख़फ़ा सही
आप ये बताइए, आप तो ख़फ़ा नहीं

कश्तियाँ नहीं तो क्या, हौसले तो पास हैं
कह दो ना ख़ुदाओं से, तुम कोई ख़ुदा नहीं

लीजिए बुला लिया, आपको ख्याल में
अब तो देखिए हमें, कोई देखता नहीं

आइए चराग़-ए-दिल, आज ही जलाएँ हम
कैसी कल हवा चले, कोई जानता नहीं
फ़ासिला तो है मगर…

नींद से आँख खुली है – Neend Se Aankh Khuli Hai (Chitra Singh, Beyond Time)

Movie Name /Album Name-: बियॉन्ड टाइम (1987)
Music Producer/Music By-: जगजीत सिंह
Lyrics Writer/Lyrics by- : शाहिद कबीर
Singers/Performed By: चित्रा सिंह

नींद से आँख खुली है, अभी देखा क्या है
देख लेना, अभी कुछ देर में, दुनिया क्या है
नींद से आँख खुली…

बाँध रखा है किसी सोच ने घर से हमको
वरना अपना दर-ओ-दीवार से रिश्ता क्या है
नींद से आँख खुली…

रेत की, ईंट की, पत्थर की हो, या मिट्टी की
किसी दीवार के साये का भरोसा क्या है
नींद से आँख खुली…

अपनी दानिस्त में समझे कोई दुनिया ‘शाहिद’
वरना हाथों में लकीरों के अलावा क्या है
नींद से आँख खुली…

वो फ़िराक़ और वो विसाल – Wo Firaaq Aur Wo Visaal (Jagjit Singh, Mirza Ghalib)

Movie Name /Album Name-: मिर्ज़ा ग़ालिब (टी वी सीरियल) (1988)
Music Producer/Music By-: जगजीत सिंह
Lyrics Writer/Lyrics by- : मिर्ज़ा ग़ालिब
Singers/Performed By: जगजीत सिंह

वो फ़िराक़ और वो विसाल कहाँ
वो शब-ओ-रोज़-ओ-माह-ओ-साल कहाँ

थी वो इक शख़्स के तसव्वुर से
अब वो रानाई-ए-ख़याल कहाँ
वो शब-ओ-रोज़…

ऐसा आसाँ नहीं लहू रोना
दिल में ताक़त, जिगर में हाल कहाँ
वो शब-ओ-रोज़…

फ़िक़्र-ए-दुनिया में सर खपाता हूँ
मैं कहाँ और ये वबाल कहाँ
वो शब-ओ-रोज़…
वो फ़िराक़ और वो विसाल…

फिर कुछ इक दिल को – Phir Kuchh Ik Dil Ko (Jagjit Singh, Mirza Ghalib)

Movie Name /Album Name-: मिर्ज़ा ग़ालिब (टी वी सीरियल) (1988)
Music Producer/Music By-: जगजीत सिंह
Lyrics Writer/Lyrics by- : मिर्ज़ा ग़ालिब
Singers/Performed By: जगजीत सिंह

फिर कुछ इक दिल को बे-क़रारी है
सीना ज़ोया-ए-ज़ख़्म-ए-कारी है

फिर उसी बेवफ़ा पे मरते हैं
फिर वही ज़िन्दगी हमारी है

बे-ख़ुदी बे-सबब नहीं, “ग़ालिब”
कुछ तो है, जिसकी पर्दा-दारी है

इतनी शक्ति हमें देना – Itni Shakti Hamein Dena (Pushpa, Sushma, Ankush)

Movie Name /Album Name-: अंकुश (1986)
Music Producer/Music By-: कुलदीप सिंह
Lyrics Writer/Lyrics by- : अभिलाष
Singers/Performed By: पुष्पा पागधरे, सुषमा श्रेष्ठ

इतनी शक्ति हमें देना दाता
मन का विश्वास कमज़ोर हो ना
हम चले नेक रस्ते पे हमसे
भूलकर भी कोई भूल हो ना
इतनी शक्ति हमें देना दाता…

दूर अज्ञान के हो अंधेरे
तू हमें ज्ञान की रोशनी दे
हर बुराई से बचते रहें हम
जितनी भी दे भली ज़िन्दगी दे
बैर हो ना किसी का किसी से
भावना मन में बदले की हो ना
हम चले नेक रस्ते…

हम ना सोचें हमें क्या मिला है
हम ये सोचे किया क्या है अर्पण
फूल खुशियों के बाँटे सभी को
सबका जीवन ही बन जाए मधुबन
अपनी करुणा का जल तू बहा के
कर दे पावन हर एक मन का कोना
हम चले नेक रस्ते..

सारे बदन का ख़ून – Saare Badan Ka Khoon (Chitra Singh, Beyond Time)

Movie Name /Album Name-: बियॉन्ड टाइम (1987)
Music Producer/Music By-: जगजीत सिंह
Lyrics Writer/Lyrics by- : महमूद दुर्रानी
Singers/Performed By: चित्रा सिंह

सारे बदन का ख़ून, पसीने में जल गया
इतना चले के जिस्म हमारा पिघल गया
सारे बदन का ख़ून…

चलते थे, गिन रहे थे मुसीबत के रात-दिन
दम लेने हम जो बैठ गए, दम निकल गया
इतना चले के…

अच्छा हुआ, जो राह में ठोकर लगी हमें
हम गिर पड़े तो सारा ज़माना संभल गया
इतना चले के…

वहशत में कोई साथ हमारा ना दे सका
दामन की फ़िक्र की तो गिरेबाँ निकल गया
इतना चले के…

लाई हयात आए – Laai Hayaat Aae (K.L.Saigal, Bhupinder Singh, Zauq)

Movie Name /Album Name-: ग़ैर-फ़िल्मी, मिर्ज़ा ग़ालिब (टी वी सीरियल) (1988)
Music Producer/Music By-: जगजीत सिंह
Lyrics Writer/Lyrics by- : ज़ौक़
Singers/Performed By: कुन्दनलाल साईगल, भूपिंदर सिंह

लाई हयात आए क़ज़ा, ले चली चले
अपनी ख़ुशी न आए, न अपनी ख़ुशी चले

बेहतर तो है यही के ना, दुनिया से दिल लगे
पर क्या करें जो काम ना, बे-दिल-लगी चले

दुनिया ने किसका राह-ए-फना में दिया है साथ
तुम भी चले चलो यूँ ही, जब तक चली चले

जाते हवा-ए-शौक़ में है, इस चमन से ‘ज़ौक़’
अपनी बला से बाद-ए-सबा अब कभी चले
लायी हयात आये…

या मुझे अफ़सर-ए-शाहा – Yaa Mujhe Afsar-E-Shaaha (Bhupinder Singh, Mirza Ghalib)

Movie Name /Album Name-: मिर्ज़ा ग़ालिब (टी वी सीरियल) (1988)
Music Producer/Music By-: जगजीत सिंह
Lyrics Writer/Lyrics by- : बहादुर शाह ज़फ़र
Singers/Performed By: भूपिंदर सिंह

या मुझे अफ़सर-ए-शाहा ना बनाया होता
या मेरा ताज गदाया ना बनाया होता

ख़ाकसारी के लिए गरचे बनाया था मुझे
काश, संग-ए-जाना ना बनाया होता

नशा-ए-इश्क़ का गर ज़र्फ दिया था मुझको
उम्र का तंग न पैमाना बनाया होता

रोज़ मामूरा-ए-दुनिया में ख़राबी है ‘ज़फ़र’
ऐसी बस्ती से तो वीराना बनाया होता

या मुझे अफ़सर-ए-शाहा..

दोस्त ग़मख़्वारी में – Dost Ghamkhwaari Mein (Jagjit Singh, Mirza Ghalib)

Movie Name /Album Name-: मिर्ज़ा ग़ालिब (टी वी सीरियल) (1988)
Music Producer/Music By-: जगजीत सिंह
Lyrics Writer/Lyrics by- : मिर्ज़ा ग़ालिब
Singers/Performed By: जगजीत सिंह

दोस्त ग़मख़्वारी में मेरी सई फ़र्मावेंगे क्या
ज़ख़्म के भरने तलक नाख़ून न बढ़ जावेंगे क्या

हज़रत-ए-नासेह गर आयें दीदा-ओ-दिल, फ़र्श-ए-राह
कोई मुझको ये तो समझा दो कि समझावेंगे क्या

गर किया नासेह ने हमको क़ैद, अच्छा, यों सही
ये जुनून-ए-इश्क़ के अन्दाज़ छुट जावेंगे क्या

ख़ानाज़ाद-ए-ज़ुल्फ़ हैं ज़न्जीर से भागेंगे क्यों
हैं गिरफ़्तार-ए-वफ़ा, ज़िन्दाँ से घबरावेंगे क्या

है अब इस मा’मूरे में क़हत-ए-ग़म-ए-उल्फ़त ‘असद’
हमने ये माना कि दिल्ली में रहे, खावेंगे क्या

सब कहाँ कुछ – Sab Kahan Kuch (Begum Akhtar, Jagjit Singh, Mirza Ghalib)

Movie Name /Album Name-: ग़ैर-फ़िल्मी, मिर्ज़ा ग़ालिब (टी वी सीरियल) (1988)
Music Producer/Music By-: ख़य्याम, जगजीत सिंह
Lyrics Writer/Lyrics by- : मिर्ज़ा ग़ालिब
Singers/Performed By: बेगम अख़्तर, जगजीत सिंह

बेगम अख़्तर
सब कहाँ, कुछ लाला-ओ-गुल में नुमायाँ हो गईं
ख़ाक में क्या सूरतें होंगी, के पिन्हाँ हो गईं

याद थीं हम को भी रंगा-रंग बज़्म-आराईयाँ
लेकिन अब नक़्श-ओ-निगार-ए-ताक़-ए-निस्याँ हो गईं

हम मुवहि्द हैं, हमारा केश है तर्क-ए-रूसूम
मिल्लतें जब मिट गईं, अजज़ा-ए-ईमाँ हो गईं

नींद उस की है, दिमाग़ उस का है, रातें उस की हैं
तेरी ज़ुल्फ़ें जिस के बाज़ू पर परेशाँ हो गईं

रंज से ख़ूगर हुआ इंसाँ, तो मिट जाता है रंज
मुश्किलें मुझ पर पड़ीं इतनी, के आसाँ हो गईं

जगजीत सिंह
सब कहाँ, कुछ लाला-ओ-गुल में नुमायाँ हो गईं
ख़ाक में क्या सूरतें होंगी, के पिन्हाँ हो गईं

रंज से ख़ूगर हुआ इंसाँ, तो मिट जाता है रंज
मुश्किलें मुझ पर पड़ीं इतनी, के आसाँ हो गईं

यूँ ही गर रोता रहा “ग़ालिब”, तो ऐ अहल-ए-जहां
देखना, इन बस्तियों को तुम, के वीराँ हो गईं

बस के दुश्वार है – Bas Ke Dushwaar Hai (Chitra Singh, Jagjit Singh, Mirza Ghalib)

Movie Name /Album Name-: मिर्ज़ा ग़ालिब (टी वी सीरियल) (1988)
Music Producer/Music By-: जगजीत सिंह
Lyrics Writer/Lyrics by- : मिर्ज़ा ग़ालिब
Singers/Performed By: चित्रा सिंह, जगजीत सिंह

चित्रा सिंह
बस के दुश्वार है हर काम का आसाँ होना
आदमी को भी मयस्सर नहीं इंसाँ होना

कि मेरे क़त्ल के बाद उस ने जफ़ा से तौबा
हाय उस ज़ूद-पशेमाँ का पशेमाँ होना

हैफ़ उस चार गिरह कपड़े की क़िस्मत ‘ग़ालिब’
जिसकी क़िस्मत में हो आशिक़ का गरेबाँ होना
बस के दुश्वार है…

जगजीत सिंह
बस-कि दुश्वार है हर काम का आसाँ होना,
आदमी को भी मयस्सर नहीं इंसाँ होना

घर हमारा जो न रोते भी तो वीराँ होता
ब-हर गर बहर न होता तो बयाबाँ होता

इशरत-ए-क़तरा है दरिया में फ़ना हो जाना
दर्द का हद से गुज़रना है दवा हो जाना

दर्द मिन्नतकश-ए-दवा न हुआ
मैं न अच्छा हुआ, बुरा न हुआ

इब्न-ए-मरियम हुआ करे कोई
मेरे दुःख की दवा करे कोई

बक रहा हूँ जुनूँ में क्या क्या कुछ
कुछ न समझे ख़ुदा करे कोई

झूठी सच्ची आस पे – Jhoothi Sachchi Aas Pe (Chitra Singh, Jagjit Singh, Beyond Time)

Movie Name /Album Name-: बियॉन्ड टाइम (1987)
Music Producer/Music By-: जगजीत सिंह
Lyrics Writer/Lyrics by- : काशिफ़ इन्दोरी
Singers/Performed By: चित्रा सिंह, जगजीत सिंह

झूठी-सच्ची आस पे जीना
कब तक आख़िर, आख़िर कब तक
मय की जगह ख़ून-ए-दिल पीना
कब तक आख़िर, आख़िर कब तक
झूठी-सच्ची आस पे जीना…

सोचा है, अब पार उतरेंगे
या टकरा कर डूब मरेंगे
तूफ़ानों की ज़द पे सफ़ीना
कब तक आख़िर, आख़िर कब तक
झूठी-सच्ची आस पे जीना…

एक महीने के वादे पर
साल गुज़ारा, फिर भी ना आए
वादे का ये एक महीना
कब तक आख़िर, आख़िर कब तक
झूठी-सच्ची आस पे जीना…

सामने दुनिया भर के ग़म हैं
और इधर इक तन्हा हम हैं
सैकड़ों पत्थर, इक आईना
कब तक आख़िर, आख़िर कब तक
झूठी-सच्ची आस पे जीना…

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