मोहब्बत‬

मोहब्बत‬

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फ़रिश्ते ही होंगे जिनका हुआ इश्क मुकम्मल,
इंसानों को तो हमने सिर्फ बर्बाद होते देखा है…

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पता नहीं,
इश्क़ है या कुछ और,
पर तेरी परवाह करना,
अच्छा लगता है मुझे।

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इश्क़ है अगर
शिकायत न कीजिए..!

और शिकवे हैं तो
मोहब्बत न कीजिए..!!

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दिल धड़कने का सबब याद आया

वो तिरी याद थी अब याद आया

नासिर काज़मी

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इश्क़ का रोग भला कैसे पलेगा मुझ से
क़त्ल होता ही नहीं यार अना का मुझ से

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मैं भी हुआ करता था वकील इश्क
वालों का कभी नज़रें उससे क्या मिलीं
आज खुद कटघरे में हूँ !

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कोई समझे तो एक बात कहूँ

इश्क़ तौफ़ीक़ है गुनाह नहीं

फ़िराक़ गोरखपुरी

 

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चेहरे पर हंसी छा जाती है, आँखों में सुरूर आ जाता है,
जब तुम मुझे अपना कहते हो, मुझे खुद पर गुरुर आ जाता है..!!

 

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दिल में हर बात आज भी वही है,
ज़ाहिर है तुझ पे मेरा हक़ नहीं है,
देखते देखते यु मंज़र बदल गया,
तू मेरा होकर भी मेरा नहीं है..!!

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अनजाने वो पास मेरे जब आती है,
दिल की धड़कन बढ़ जाती है,
जाने! कैसे लोग मोहब्बत करते हैं,
दिल कहता है होती है हो जाती है..!!

 

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माचिस तो यूँ ही बदनाम है हुजुर,
हमारे तेवर तो आज भी आग लगाते है..!!

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हमेँ कँहा मालूम था क़ि इश्क़ होता क्या है,
बस एक तुम मिले और ज़िन्दगी मुहब्बत बन गई..!!

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एक ख़लिश सी रह गयी दिल में,
मुझ जैसा इश्क़ करता, मुझ से भी कोई!
~अनिल कुमार साहू
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ishq ek nasha hai,
dil ka chaahat hai,
dilon ka saroor pyaar ho jaata hai,
najaron se kisakee khata kisaka kasoor.
इश्क एक नशा है,
दिल का चाहत है,
दिलों का सरूर प्यार हो जाता है,
नजरों से किसकी खता किसका कसूर।

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क्या कहूँ
तुमसे मैं, क्या है इश्क,
जान का रोग है
बला है इश्क
☜☆☞
Kya Kahun
Tumase, Mai, Kya Hai Ishk?
Jaan Ka Rog Hai
Bala Hain Ishq

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मोहब्बतों में दिखावे की दोस्ती न मिला

अगर गले नहीं मिलता तो हाथ भी न मिला

बशीर बद्र

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इश्क का तो पता नहीं पर
जो तुमसे है वो किसी और से नहीं !

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Tere ishq me har imtihan de denge,
Hume hai tumse mohabbat,
Sari duniya se keh denge.

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तिरे इश्क़ की इंतिहा चाहता हूँ

मिरी सादगी देख क्या चाहता हूँ

अल्लामा इक़बाल

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हम एस कदर तुम पर मर मिटेंगे
तुम जहाँ देखोगे तुम्हे हम ही दिखेंगे

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चाँद मेरी ज़िंदगी में तब लग जाएँगे जब मेरे
एहसासों के साथ=साथ उनके ज़ज़्बात भी जग जाएंगे !

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चाहे कितनी भी
तकलीफ दे इश्क़,
पर सुकून भी
इश्क़ से ही मिलता है

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अब जुदाई के सफ़र को मिरे आसान करो

तुम मुझे ख़्वाब में आ कर न परेशान करो

मुनव्वर राना

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इश्क का तो पता नहीं पर
जो तुमसे है वो किसी और से नहीं !

 

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छुपा लूं तुझको अपनी बाँहों में इस तरह,
कि हवा भी गुजरने की इजाज़त मांगे,
मदहोश हो जाऊं तेरे प्यार में इस तरह,
कि होश भी आने की इजाज़त मांगे..!!

 

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प्यार, इश्क, मोहब्बत सब धोखेबाजी है,
अपनी लाइफ में तो सिर्फ Attitude ही काफी है..!!

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खामोश होकर कही खोने लगा हूँ,
और अपने दिल को देख धीमे से मुस्कुराने लगा हूँ..!!

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अपने होठों पर सजा कर तुझे मैं,
तेरे ही गीत गाना चाहता हूँ,
जल कर बुझ जाना हमारी किस्मत में सही,
बस एक बार रोशन होना चाहता हूँ..!!

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मोहब्बत सूरत से नही होती, मोहब्बत तो दिल से होती है,
सूरत उनकी खुद ब खुद अच्छी लगने लगती जिनकी कद्र दिल में होती है..!!

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चलते तो हैं वो साथ मेरे
पर अदाज देखिए जैसे की इश्क
करके वो एहसान कर रहें है !

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तेरे इश्क़ में हर इम्तिहान दे देंगे,
हमे है तुमसे मोहब्बत,
सारी दुनिया से कह देंगे।

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करूँगा क्या जो मोहब्बत में हो गया नाकाम

मुझे तो और कोई काम भी नहीं आता

ग़ुलाम मोहम्मद क़ासिर

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Chahe Kitani Bhi
Taklif De ishk
Par Sukun Bhi
Ishq Se Hi Milata Hai

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मैं भी हुआ करता था
वकील इश्क वालों का कभी….
नज़रें उस से क्या मिलीं
आज खुद कटघरे में हूँ….”

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खुशबू से है वो जब आसपास भी नहीं होते
फिर भी महसूस होते है।

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तुम को आता है प्यार पर ग़ुस्सा

मुझ को ग़ुस्से पे प्यार आता है

अमीर मीनाई

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vo achchhe hain to behatar bure hain,
to bhee kabool mijaaz – e – ishk mein,
aib – o – hunar dekhe nahin jaate!
वो अच्छे हैं तो बेहतर बुरे हैं,
तो भी कबूल मिजाज़ – ए – इश्क में,
ऐब – ओ – हुनर देखे नहीं जाते!

 

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जी चाहे कि दुनिया की हर एक फ़िक्र भुला कर,
दिल की बातें सुनाऊं तुझे मैं पास बिठाकर..!!

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एक बार ‪Click‬ करके तो देख,
बिना ‪Laoding‬ लिए सीधे ‪Dil‬ मे उतर जाऊंगा..!!

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तोड़ने वाले के हाथ में ज़ख्म लग जाता,
अगर ये दिल शीशे का बना होता..!!

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मोहब्बत की आजमाइश दे दे कर थक गया हूँ ऐ खुदा,
किस्मत मेँ कोई ऐसा लिख दे, जो मौत तक वफा करे..!!

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काश तुम पूछो के तुम मेरे क्या लगते हो,
मैं ग़ले लगाऊँ और कहु सब कुछ..!!

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भटक जाते हैं लोग अक्सर
इश्क़ की गलियों में,
इस सफर का कोई इक
नक्शा तो होना चाहिए।

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मेरे इश्क़ से मिली है तेरे हुस्न को ये शौहरत
तेरा ज़िक्र ही कहाँ था मेरी दीवानगी से पहले !

 

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इश्क़ पर ज़ोर नहीं है ये वो आतिश ‘ग़ालिब’

कि लगाए न लगे और बुझाए न बने

मिर्ज़ा ग़ालिब

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शायरी उसी के लबों पर सजती है साहिब
जिसकी आँखों में इश्क़ रोता हो

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ना रूठना ना मनाना, ना गिला ना शिकवा कर,
गर करना है तो बस इश्क़ कर, बे=इन्तहा कर।

कुछ बूंदें तो गिरा प्यार की दिल जमीन पर,
बड़ी आग लगी है दिल में सब कुछ लुटाकर।

एहसान एक कर, मिला कर नजरों से नजर,
कभी हकीकत में भी आ ख्वाबों से निकलकर।

गर करना है तो इश्क़ कर…और बे=इन्तहा कर।

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चाँद मेरी ज़िंदगी में तब लग जाएँगे जब मेरे
एहसासों के साथ=साथ
उनके ज़ज़्बात भी जग जाएंगे !

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सारी दुनिया के ग़म हमारे हैं

और सितम ये कि हम तुम्हारे हैं

जौन एलिया

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bahut shauk tha hame bhee dil lagaane ka,
shauk shauk mein zindagee barbaad kar baithe.

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इश्क में जिसने भी बुरा हाल बना रखा है,
वही कहता है अजी इश्क में क्या रखा है !

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इश्क है वही जो हो एक तरफा;
इजहार है इश्क तो ख्वाईश बन जाती है;
है अगर इश्क तो आँखों में दिखाओ;
जुबां खोलने से ये नुमाइश बन जाती है।

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तेरा मिलना ख़ुशी की बात सही

तुझ से मिल कर उदास रहता हूँ

साहिर लुधियानवी

 

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मुझे ना सताओ इतना कि मैं रुठ जाऊं तुमसे,
मुझे अच्छा नहीं लगता अपनी साँसों से जुदा होना..!!

 

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ज्यादा ‪Smart बनने की कोशिश मत कर पगले,
क्योंकि मेरे ‪बाल‬ भी तेरे औकात‬ से लंबे है..!!

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हाल ए दिल जब सुनाया जायेगा,
मेरे नाम से फिर उसको बुलाया जायेगा..!!

 

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दिल परेशान रहता है उनके लिए,
हम कुछ नहीं लगते जिनके लिए..!!

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उनका क्या कहूं दोस्तों प्यार मेरा कैसा है,
वो चाँद तो नही चाँद उसके जैसा है..!!

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बहुत शौक था हमे भी दिल लगाने का,
शौक शौक में ज़िन्दगी बर्बाद कर बैठे।

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चर्चे… किस्से…नाराजगी आने दो,
मुझको इश्क़ में और
इश्क़ को मुझमें मशहूर हो जाने दो।

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इश्क ने हमसे कुछ ऐसी साजिशें रची हैं,
मुझमें मैं नहीं हूँ अब बस तू ही तू बसी है।

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अंजाम=ए=वफ़ा ये है जिस ने भी मोहब्बत की

मरने की दुआ माँगी जीने की सज़ा पाई

नुशूर वाहिदी

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चलते तो हैं वो साथ मेरे
पर अदाज देखिए जैसे की इश्क
करके वो एहसान कर रहें है !

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सिर्फ सितारों में ही होती मोहब्बत अगर,
तो इन अल्फाजों को खूबसूरती कौन देता,
बस पत्थर बनकर रह जाता ताजमहल,
अगर इश्क़ इसे अपनी पहचान ना देता।

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कुछ तो शराफत सीख ले मोहब्बत तू शराब से
बोतल पर कम से कम लिखा तो होता है
कि मैं जानलेवा हूं

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हमें भी नींद आ जाएगी हम भी सो ही जाएँगे

अभी कुछ बे=क़रारी है सितारो तुम तो सो जाओ

क़तील शिफ़ाई

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ye aag ke ghar mein rahane ka shauqeen hai bahut,
ishq ko dil kee bastee mein panaah mat dena
ये आग के घर में रहने का शौक़ीन है बहुत,
इश्क को दिल की बस्ती में पनाह मत देना

 

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कुछ इस अदा से आज वो पहलू=नशीं रहे,
जब तक हमारे पास रहे हम नहीं रहे..!

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तेरी एक हसीं पे ये दिल कुर्बान कर जाऊं,
ऐतबार ना हो अगर तो तेरा दिल चुरा ले जाऊँ,
ना बहने दूँ कभी इन आँखों से आंसू,
तू कहे तो तेरे सारे सितम सह जाऊं..!!

 

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इश्क़ में जिसने भी बुरा हाल बना रखा है,
वहीं कहता है कि अजी इश्क़ में क्या रखा है..!!

 

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झूठी शान के परिंदे ही ज्यादा फड़फड़ाते हैं,
बाज़ की उडान में कभी आवाज़ नहीं होती..!!

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ज़िन्दगी बहुत खुबसूरत हैं मुझे कभी यकीन ही नहीं हुआ,
आज तुम्हे पाकर लगता हैं जैसे आज ही इस दुनिया को समझा..!!
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इश्क में तेरे जागा वर्षों और तन्हाई बनी रही,
धूप रही मेरे चौतरफा पर पुरबाई बनी रही।

 

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मेरे इश्क़ से मिली है ,,
तेरे हुस्न को ये शौहरत ,
तेरा ज़िक्र ही कहाँ था
मेरी दीवानगी से पहले ,,

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तुम मोहब्बत को खेल कहते हो

हम ने बर्बाद ज़िंदगी कर ली

बशीर बद्र

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hamane to sirph haath phailaakar ishk maanga tha,
usane to haay choomakar meree jaan hee le lee.

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सीने में जलन आँखों में तूफ़ान क्यों होता है,
इस आशिकी में हर आदमी परेशान क्यों होता है।

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खुशबू से है वो जब आसपास भी नहीं होते
फिर भी महसूस होते है।

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हमसे ना कट सकेगा अंधेरो का ये सफर,
अब शाम हो रही हे मेरा हाथ थाम लो..!!

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आशियाना संग बसाऊंगा तेरे,
बस तुम दिल में रहना मेरे..!!

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मोहब्बत के अंजाम से डर रहे हैं,
निगाहों में अपनी खून भर रहें हैं,
मेरी जान को ले उड़ा है कोई,
और हम यही बैठे हुए शेर ओ शायरी कर रहे हैं..!!

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एक पल के लिए जब तू पास आता है,
मेरा हर लम्हा ख़ास बन जाता है,
सँवरने सी लगती है ये ज़िन्दगी अपनी,
जब भी तू मेरी बाहों में मुस्कुराता है..!!

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रिश्ते किसी से कितना भी निभा लो,
चाहे उसके दिल के सभी गम चुरा लो,
इतना जबरदस्त असर छोड़ दो किसी पर अपना,
की वो खुद कहे हमें अपना बना लो..!!

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रब ना करें इश्क की कमी किसी
को सताए प्यार करो उसी से
जो तुम्हें दिल की हर बात बताए

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हम तो समझे थे कि हम भूल गए हैं उन को

क्या हुआ आज ये किस बात पे रोना आया

साहिर लुधियानवी

 

 

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कुछ तो शराफत सीख ले,
ऐ इश्क़ शराब से………..!!
बोतल पे लिखा तो होता है,
मैं जानलेवा हूँ………….!!

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इक लफ़्ज़=ए=मोहब्बत का अदना ये फ़साना है

सिमटे तो दिल=ए=आशिक़ फैले तो ज़माना है

जिगर मुरादाबादी

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हमने तो सिर्फ हाथ फैलाकर इश्क मांगा था,
उसने तो हाथ चूमकर मेरी जान ही ले ली।

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इसमें इश्क़ की किस्मत भी बदल सकती थी,
जो वक़्त बीत गया मुझको आजमाने में।

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इश्क का दस्तूर ही ऐसा है
जो इस को जन लेता है
ये उसकी जन लेता है

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मकतब=ए=इश्क़ का दस्तूर निराला देखा

उस को छुट्टी न मिले जिस को सबक़ याद रहे

मीर ताहिर अली रिज़वी

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कोहरा सा बनकर मेरे दिल पे छा गए हो
तुम्हारे सिवाय कुछ दिखता ही नहीं !

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महफ़िल ना सही तन्हाई तो मिलती है,
मिलना न सही जुदाई तो मिलती है,
कौन कहता इश्क़ में कुछ नहीं मिलता?
वफ़ा न सही बेवफाई तो मिलती है।

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अपनों की महफिल में गैर भी हैं इश्क के दुश्मन
और भी हैं मैं तो चाहता हूँ आपको मगर आपके चाहने
वाले और भी हैं !

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आज देखा है तुझ को देर के बअ’द

आज का दिन गुज़र न जाए कहीं

नासिर काज़मी

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बरसों से कायम है इश्क़ अपने उसूलों पर,
ये कल भी तकलीफ देता था
ये आज भी तकलीफ देता है.

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दिल की हसरत मेरी जुबान पे आने लगी,
तूने देखा और ये ज़िन्दगी मुस्कुराने लगी,
ये इश्क़ की इन्तहा थी या दीवानगी मेरी,
हर सूरत में सूरत तेरी नजर आने लगी।

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बरसों से कायम है इश्क़ अपने उसूलों पर
ये कल भी तकलीफ देता था ये आज भी तकलीफ देता है !

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इश्क में जिसने भी बुरा हाल बना रखा है,
वही कहता है अजी इश्क में क्या रखा है !

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ख़ुदा की इतनी बड़ी काएनात में मैं ने

बस एक शख़्स को माँगा मुझे वही न मिला

बशीर बद्र

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इश्क एक नशा है दिल की चाहत है
दिलों का सरूर प्यार हो जाता है
नजरों से किसकी खता किसका कसूर !

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ये इश्क भी शराब का नशा जैसा है दोस्तों,
करें तो मर जाएँ और छोड़े तो किधर जाएँ।

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बंद कर दिए हैं हमने तो
दरवाजे इश्क के
पर कमबख़्त तेरी यादें तो
दरारों से ही चली आई..

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मुझे अब तुम से डर लगने लगा है

तुम्हें मुझ से मोहब्बत हो गई क्या

जौन एलिया

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ishq kee bahut saaree udhaariyaan hai tum par,
chukaane kee baat karo to kuchh kishten tay kar len ?
इश्क की बहुत सारी उधारियां है तुम पर,
चुकाने की बात करो तो कुछ किश्तें तय कर लें ?

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राख से भी आएगी खुशबू मोहब्बत की
मेरे खत तुम सरे आम जलाया ना करो !

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तुझे देखे बिना तेरी तस्वीर बना दूँ,
तुझे मिले बिना तेरा हाल बता दूँ,
मेरी मोहब्बत में इतना दम है कि,
तेरी आँखों के आँसू अपनी आँखों से गिरा दूँ।

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ishq mein dil ka tamaasha dekha nahin jaata,
hamase toota hua sheesha dekha nahin jaata,
apane hisse kee khushiyaan loota hoon tum par,
hamase tera utara hua chehara dekha nahin jaata.

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क्या कहा इश्क़ जावेदानी है!

आख़िरी बार मिल रही हो क्या

जौन एलिया

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बंद कर दिए हैं हमने तो दरवाजे इश्क के
पर कमबख़्त तेरी यादें तो दरारों से ही चली आई !

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जब्त से काम लिया दिल ने तो क्या फक्र करूँ,
इसमें क्या इश्क की इज्ज़त थी कि रुसवा न हुआ,
वक्त फिर ऐसा भी आया कि उससे मिलते हुए,
कोई आँसू भी ना गिरा कोई तमाशा ना हुआ।

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इश्क की गहराईयों में..
खूबसूरत क्या है..!!
एक मैं हूँ, एक तुम हो
और ज़रुरत क्या है..!!

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तुम मुझे छोड़ के जाओगे तो मर जाऊँगा

यूँ करो जाने से पहले मुझे पागल कर दो

बशीर बद्र

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तेरे इश्क़ में हर इम्तिहान दे देंगे
हमे है तुमसे मोहब्बत सारी दुनिया से कह देंगे !

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गजल=ए=उल्फत पढ़ लिया करो,
एक खुराक सुबह एक खुराक शाम,
ये वाहिद दवा है जिससे,
बीमारे=इश्क को मिलता है तुरंत आराम।

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रब ना करें इश्क की कमी किसी
को सताए प्यार करो उसी से
जो तुम्हें दिल की हर बात बताए

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तुम से बिछड़ कर ज़िंदा हैं

जान बहुत शर्मिंदा हैं

इफ़्तिख़ार आरिफ़

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इश्क में दिल का तमाशा देखा नहीं जाता,
हमसे टूटा हुआ शीशा देखा नहीं जाता,
अपने हिस्से की खुशियां लूटा हूँ तुम पर,
हमसे तेरा उतरा हुआ चेहरा देखा नहीं जाता।

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लिखने को हर दिन आधा इश्क़ लिखता हूँ
तुम आओगे तभी तो पूरा होगा !

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कोहरा सा बनकर मेरे दिल पे छा गए हो
तुम्हारे सिवाय कुछ दिखता ही नहीं !

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न पूछो हुस्न की तारीफ़ हम से

मोहब्बत जिस से हो बस वो हसीं है

आदिल फ़ारूक़ी

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इश्क की गहराईयों में खूबसूरत क्या है
एक मैं हूँ एक तुम हो और ज़रुरत क्या है !

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लगाके इश्क़ की बाजी सुना है दिल दे बैठे हो,
मुहब्बत मार डालेगी अभी तुम फूल जैसे हो।

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इश्क़ ने हमे बेनाम कर दिया,
हर खुशी से हमे अंजान कर दिया,
हमने तो कभी नही चाहा की हमे
भी मोहब्बत हो,
लेकिन तुम्हारी एक नज़र ने
हमे नीलाम कर दिया…

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ghar se nikalate hee roj tumhe dekhata hoon,
najaron se tere haseen yauvan ko choomata hoon,
laila tere ishk mein ban ke main aashik,
teree hee galee mein subah shaam ghoomata hoon.
घर से निकलते ही रोज तुम्हे देखता हूँ,
नजरों से तेरे हसीन यौवन को चूमता हूँ,
लैला तेरे इश्क में बन के मैं आशिक,
तेरी ही गली में सुबह शाम घूमता हूँ।

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ग़म और ख़ुशी में फ़र्क़ न महसूस हो जहाँ

मैं दिल को उस मक़ाम पे लाता चला गया

साहिर लुधियानवी

 

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इस कदर ये इश्क़ ऐसी साजिशें रचता है
कि मेरे चेहरे में उसका चेहरा दिखता है !
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उसी से पूछ लो उसके इश्क की कीमत,
हम तो बस भरोसे पे बिक गए।

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अपनों की महफिल में गैर भी
हैं इश्क के दुश्मन
और भी हैं मैं तो चाहता हूँ
आपको मगर आपके चाहने
वाले और भी हैं !

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उस को जुदा हुए भी ज़माना बहुत हुआ

अब क्या कहें ये क़िस्सा पुराना बहुत हुआ

अहमद फ़राज़

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शमा जली है मोहब्बत की परवाने पास आएंगे
माशूक निकले हैं सज धज कर अब इश्क़ का माहोल बनाएंगे !
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इक बात कहूँ इश्क़ बुरा तो नहीं मानोगे,
बड़ी मौज के थे दिन, तुमसे पहचान से पहले।

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जाने कब उतरेगा क़र्ज़ उसकी मोहब्बत का . .
हर रोज आँसुओं से इश्क की किस्त भरते हैँ

 

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मिलना था इत्तिफ़ाक़ बिछड़ना नसीब था

वो उतनी दूर हो गया जितना क़रीब था

अंजुम रहबर

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rona muskuraana mohabbat ka naam hai,
ishq karana javaan dilon ka kaam hai,
kabhee khushee kabhee gam aate hain,
Is dil mein bhee kabhee subah to kabhee shaam hai.

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तेरी जब याद आती है तो फिर साँसें नहीं आती,
इश्क़ में हम सी बेचैनी कहाँ पर पाओगे हमदम।

 

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हर वक़्त फ़िराकमें रहता है ये मेरा इश्क़
तुमसे मिलने को कहता है !

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मैं तो ग़ज़ल सुना के अकेला खड़ा रहा

सब अपने अपने चाहने वालों में खो गए

कृष्ण बिहारी नूर

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इश्क़ है तो शक कैसा
अगर नहीं है तो फिर हक कैसा..?

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इश्क ने कब इजाजत ली है आशिकों से
वो होता है और हो कर ही रहता है !

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रोना मुस्कुराना मोहब्बत का नाम है,
इश्क़ करना जवान दिलों का काम है,
कभी ख़ुशी कभी गम आते हैं,
इस दिल में भी कभी सुबह तो कभी शाम है।

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झुकी झुकी सी नज़र बे=क़रार है कि नहीं

दबा दबा सा सही दिल में प्यार है कि नहीं

कैफ़ी आज़मी

 

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राख से भी आएगी खुशबू मोहब्बत की
मेरे खत तुम सरे आम जलाया ना करो !

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इस इश्क ने हमें मगरूर कर दिया,
हर खुशी से बहुत दूर कर दिया,
सोचा नहीं था कभी हमें इश्क़ होगा,
पर आपकी नजरों ने मजबूर कर दिया।

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इश्क़ का रोग भला कैसे पलेगा मुझ से
क़त्ल होता ही नहीं यार अना का मुझ से !

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मुसाफ़िरों से मोहब्बत की बात कर लेकिन

मुसाफ़िरों की मोहब्बत का ए’तिबार न कर

उमर अंसारी

 

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ऐ इश्क मुझे अब और जख्म चाहिये…!!
मेरी शायरी मे अब वो बात नही रही…!!

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जा और कोई ज़ब्त की दुनिया तलाश कर
ऐ इश्क़ हम तो अब तेरे काबिल नहीं रहे।
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हम इस कदर तुम पर मर मिटेंगे
तुम जहाँ देखोगे तुम्हे हम ही दिखेंगे!

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किसी के तुम हो किसी का ख़ुदा है दुनिया में

मिरे नसीब में तुम भी नहीं ख़ुदा भी नहीं

अख़्तर सईद ख़ान
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hai tujhako dil chaahata hai seene se laga loon tujhako,
najaren kahatee hain aankhon mein chhupa loon tujhako,
ab dil kee sun ya najaron kee,
aakhir donon ne hee ishk kiya hai tujhako.
है तुझको दिल चाहता है सीने से लगा लूँ तुझको,
नजरें कहती हैं आँखों में छुपा लूँ तुझको,
अब दिल की सुन या नजरों की
आखिर दोनों ने ही इश्क किया है तुझको।

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मेरे हवास इश्क़ में क्या कम हैं मुंतशिर,
मजनूँ का नाम हो गया क़िस्मत की बात है।

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तेरे इश्क़ में हर इम्तिहान दे देंगे
हमे है तुमसे मोहब्बत
सारी दुनिया से कह देंगे !

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जब भी आता है मिरा नाम तिरे नाम के साथ

जाने क्यूँ लोग मिरे नाम से जल जाते हैं

क़तील शिफ़ाई

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ek khoobasoorat sa rishta yoon,
khatam ho gaya,
ham dostee nibhaate rahe aur use,
ishq ho gaya.

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इश्क़ अगर ख़ाक ना करे
तो ख़ाक इश्क़ हुआ !

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इश्क सूफी है ना मुफ्ती है ना आलीम है
ये जालीम है बहूत जालीम है फकत जालीम है

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मोहब्बत करने वाले कम न होंगे

तिरी महफ़िल में लेकिन हम न होंगे

हफ़ीज़ होशियारपुरी

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एक खूबसूरत सा रिश्ता यूँ,
खतम हो गया,
हम दोस्ती निभाते रहे और उसे,
इश्क हो गया।

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लिखने को हर दिन आधा इश्क़ लिखता हूँ
तुम आओगे तभी तो पूरा होगा !

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गर हो जाए इश्क…
तो हमसे साझा कर लेना।
कुछ हम रख लेंगे
कुछ तुम रख लेना।

 

 

 

 

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इश्क़ पर ज़ोर नहीं है ये वो आतिश ग़ालिब
कि लगाए न लगे और बुझाए न बने !

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भूले हैं रफ़्ता रफ़्ता उन्हें मुद्दतों में हम

क़िस्तों में ख़ुद=कुशी का मज़ा हम से पूछिए

ख़ुमार बाराबंकवी

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इश्क ओर दोस्ती मेरे दो जहान है,
इश्क मेरी रुह, तो दोस्ती मेरा ईमान है,
इश्क पर तो फिदा करदु अपनी पुरी जिंदगी,
पर दोस्ती पर, मेरा इश्क भी कुर्बान है

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शायरी उसी के लबों पर सजती है साहिब
जिसकी आँखों में इश्क़ रोता हो!

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chalate the is jahaan mein kabhee,
Seena taan ke ham,
ye kambakht ishq kya hua,
ghutano pe aa gae ham.
चलते थे इस जहाँ में कभी,
सीना तान के हम,
ये कम्बख्त इश्क़ क्या हुआ,
घुटनो पे आ गए हम।

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तुम्हारे शहर का मौसम बड़ा सुहाना लगे

मैं एक शाम चुरा लूँ अगर बुरा न लगे

क़ैसर=उल जाफ़री

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इश्क की गहराईयों में खूबसूरत क्या है
एक मैं हूँ एक तुम हो और ज़रुरत क्या है !

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अगर इश्क़ गुनाह है तो गुनाहगार है खुदा,
जिसने बनाया दिल किसी पर आने के लिए।

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ishq ka hee to,
nasha hota hai varna,
kaun kamabakht sunasaan,
raasto par muskuraata hai.

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सर झुकाओगे तो पत्थर देवता हो जाएगा

इतना मत चाहो उसे वो बेवफ़ा हो जाएगा

बशीर बद्र

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इस कदर ये इश्क़ ऐसी साजिशें रचता है
कि मेरे चेहरे में उसका चेहरा दिखता है !

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मुक़म्मल ना सही अधूरा ही रहने दो
ये इश्क़ है कोई मक़सद तो नहीं !

 

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इश्क़ का ही तो,
नशा होता है वर्ना,
कौन कमबख्त सुनसान,
रास्तो पर मुस्कुराता है।

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लफ़्ज़ों से तुम मेरी तारीफ कर लो..
इश्क हम तेरी आंखो में ढूँढ लेंगे

Lafzo Se Tum Meri Tarif Kar Lo
Ishq Ham Teri Ankho Me Dhundh Lenge

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इतनी मिलती है मिरी ग़ज़लों से सूरत तेरी

लोग तुझ को मिरा महबूब समझते होंगे

बशीर बद्र

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शमा जली है मोहब्बत की परवाने पास आएंगे
माशूक निकले हैं सज धज कर
अब इश्क़ का माहोल बनाएंगे !

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जो मिला मुसाफ़िर वो रास्ते बदल डाले,
दो क़दम पे थी मंज़िल फ़ासले बदल डाले।

आसमाँ को छूने की कूवतें जो रखता था,
आज है वो बिखरा सा हौंसले बदल डाले।

शान से मैं चलता था कोई शाह कि तरह,
आ गया हूँ दर दर पे क़ाफ़िले बदल डाले।

फूल बनके वो हमको दे गया चुभन इतनी,
काँटों से है दोस्ती अब आसरे बदल डाले।

इश्क़ ही ख़ुदा है सुन के थी आरज़ू आई,
ख़ूब तुम ख़ुदा निकले वाक़िये बदल डाले।

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इश्क़ ने ग़ालिब निकम्मा कर दिया
वर्ना हम भी आदमी थे काम के!

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आरज़ू है कि तू यहाँ आए

और फिर उम्र भर न जाए कहीं

नासिर काज़मी

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हर वक़्त फ़िराकमें रहता है ये मेरा इश्क़
तुमसे मिलने को कहता है !
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mausam – e – ishq hai ye zara,
khushk ho jaega,
na ulajha karo ham se,
varana ishq ho jaega।
मौसम – ए – इश्क है ये ज़रा,
खुश्क हो जाएगा,
ना उलझा करो हम से,
वरना इश्क हो जाएगा।

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इश्क है वही जो हो एक तरफा,
इजहार=ए=इश्क तो ख्वाहिश बन जाती है,
है अगर इश्क तो आँखों में दिखाओ,
जुबां खोलने से ये नुमाइश बन जाती है।

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इश्क का तो पता नहीं पर
जो तुमसे है वो किसी और से नहीं !

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बदन में जैसे लहू ताज़ियाना हो गया है

उसे गले से लगाए ज़माना हो गया है

इरफ़ान सिद्दीक़ी

 

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प्यार का पहला इश्क़ का दूसरा
मोहब्बत का तीसरा अक्षर अधूरा होता है
इसलिए हम तुम्हे चाहते है
क्योंकि चाहत का हर अक्षर पूरा होता है ।?

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Ishq Shayari in Hindi

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इश्क क्या चीज होती है यह पूछिये परवाने से,
जिंदगी जिसको मयस्सर हुई मर जाने के बाद।

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सितारों से आगे जहाँ और भी हैं
अभी इश्क़ के इम्तिहाँ और भी हैं!

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मोहब्बत की तो कोई हद, कोई सरहद नहीं होती

हमारे दरमियाँ ये फ़ासले, कैसे निकल आए

ख़ालिद मोईन

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इश्क ने कब इजाजत ली है आशिकों से
वो होता है और हो कर ही रहता है !

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वो मुझ तक आने की राह चाहता है,
लेकिन मेरी मोहब्बत का गवाह चाहता है,
खुद आते जाते मौसमों की तरह है,
और मेरे इश्क़ की इन्तहा चाहता है।

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aadhe se kuchh jyaada hai,
poore se kuchh kam,
kuchh jindagee, kuchh gam,
kuchh ishk, kuchh ham.

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कितनी लम्बी ख़ामोशी से गुज़रा हूँ

उन से कितना कुछ कहने की कोशिश की

गुलज़ार

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इश्क ने कब इजाजत ली है आशिकों से,
वो होता है और होकर
ही रहता है

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इश्क़ का रोग भला कैसे पलेगा मुझ से
क़त्ल होता ही नहीं यार अना का मुझ से !

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अकेले हम ही शामिल नहीं हैं इस जुर्म में जनाब,
नजरें जब भी मिली थी मुस्कराये तुम भी थे।

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हम एस कदर तुम पर मर मिटेंगे
तुम जहाँ देखोगे तुम्हे हम ही दिखेंगे!

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आख़री हिचकी तिरे ज़ानूँ पे आए

मौत भी मैं शाइराना चाहता हूँ

क़तील शिफ़ाई

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आधे से कुछ ज्यादा है,
पूरे से कुछ कम,
कुछ जिंदगी, कुछ गम,
कुछ इश्क, कुछ हम।

 

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इश्क के रास्ते में मुमसिक तो बहुत मिले,
मिला दे महबूब से न आज तक कोई ऐसा मिला.

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Ishq Kab Izaazat Li Hai Aashikon Se?
Wo Hota Hai Aur Hokar
Hi Rahata Hai.

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इश्क कर लीजिए बेइंतेहा किताबो से..
एक यही ऐसी चीज़ है
जो अपनी बातों से पलटा नही करती.

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आते आते मिरा नाम सा रह गया

उस के होंटों पे कुछ काँपता रह गया

वसीम बरेलवी

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इश्क़ नाज़ुक मिज़ाज है बेहद
अक़्ल का बोझ उठा नहीं सकता!

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हम इस कदर तुम पर मर मिटेंगे
तुम जहाँ देखोगे तुम्हे हम ही दिखेंगे!

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मेरी किस्मत में है एक दिन गिरफ्तार=ए=वफ़ा होना,
मेरे चेहरे पे तेरे प्यार का इलज़ाम लिखा है।

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ishq adhoora rah jaaye to,
khud par naaj karana,
kahate hain sachchee mohabbat,
mukammal nahin hotee.
इश्क़ अधूरा रह जाये तो,
खुद पर नाज करना,
कहते हैं सच्ची मोहब्बत,
मुकम्मल नहीं होती।

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याद रखना ही मोहब्बत में नहीं है सब कुछ

भूल जाना भी बड़ी बात हुआ करती है

जमाल एहसानी

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इश्क़ है या कुछ और ये तो
पता नहीं ,
पर जो तुमसे है वो किसी
और से नही.
Ishq Hai Ya Kuchh Aur Ye To
Pata Nahi,
Par Jo Tumhase Hai Wo Kisi
Aur Se Nahi.

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तुम्हारे इश्क़ का मौसम
हर मौसम से सुहाना होता है !

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इश्क़ अगर ख़ाक ना करे
तो ख़ाक इश्क़ हुआ !

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अपनी तबाहियों का मुझे कोई ग़म नहीं

तुम ने किसी के साथ मोहब्बत निभा तो दी

साहिर लुधियानवी

 

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आधे से कुछ ज्यादा है,
पूरे से कुछ कम…
कुछ जिंदगी… कुछ गम,
कुछ इश्क… कुछ हम…

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अच्छा सुनो तुम
अपना जरा ध्यान रखना,
अभी मौसम बीमारी का भी हैं
और इश्क का भी.

Achchha Suno Tum
Apna Jara Dhyaan Rakhana
Abhi Mausam Bimaari Ka Bhi Hai
Aur Ishq Ka Bhi

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लोग पूछते हैं कौन सी दुनिया में जीते हो,
अरे इश्क़ में दुनिया कहाँ नजर आती है।

 

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पत्थर मुझे कहता है मिरा चाहने वाला

मैं मोम हूँ उस ने मुझे छू कर नहीं देखा

बशीर बद्र

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ham is kadar tum par mar mitenge,
tum jahaan bhee dekhoge,
keval ham hee dikhenge

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राह ए दूर ए इश्क़ में रोता है क्या
आगे आगे देखिए होता है क्या!

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इश्क़ पर ज़ोर नहीं है ये वो आतिश ग़ालिब
कि लगाए न लगे और बुझाए न बने !

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फिर इश्क़ का जूनून चढ़ रहा है सिर पे,
मयख़ाने से कह दो दरवाज़ा खुला रखे।

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ये मोहब्बत की कहानी नहीं मरती लेकिन

लोग किरदार निभाते हुए मर जाते हैं

अब्बास ताबिश

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इश्क में इसलिए भी धोखा खानें लगें हैं लोग,
दिल की जगह जिस्म को चाहनें लगे हैं लोग.

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क्या कहूँ तुमसे मैं क्या है इश्क
जान का रोग है बला है इश्क!

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हम इस कदर तुम पर मर मिटेंगे
तुम जहाँ भी देखोगे,
केवल हम ही दिखेंगे।

 

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इश्क़ से तबीअत ने ज़ीस्त का मज़ा पाया

दर्द की दवा पाई दर्द=ए=बे=दवा पाया

मिर्ज़ा ग़ालिब

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मुक़म्मल ना सही अधूरा ही रहने दो
ये इश्क़ है कोई मक़सद तो नहीं !

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कोई समझे तो एक बात कहूँ
इश्क़ तौफ़ीक़ है गुनाह नहीं!
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अकेले हम ही शामिल नहीं इस जुर्म में जनाब,
नजरें जब भी मिली थी मुस्कराये तुम भी थे।

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इश्क़ ने ग़ालिब निकम्मा कर दिया
वर्ना हम भी आदमी थे काम के!

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जिस की आँखों में कटी थीं सदियाँ

उस ने सदियों की जुदाई दी है

गुलज़ार

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ishq kee aakharee hadon mein hoon saahab,
raakh ban gaya hai,
isase jyaada nahee jal sakata.
इश्क़ की आखरी हदों में हूँ साहब,
राख बन गया है,
इससे ज्यादा नही जल सकता।

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सच्चे इश्क में अल्फाज़ से ज्यादा..!
एहसास की एहमियत होती है…!।

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बड़ी अजीब सी मोहब्बत थी तुम्हारी
पहले पागल किया फिर पागल कहा
फिर पागल समझ कर छोड़ दिया!

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ये इश्क़ के इन्तहा थी
या दीवानगी मेरी,
हर सूरत में मुझे
सूरत तेरी नज़र आने लगी.

Ye Ishq Ki Intehaa Thi
Ya Deewanagi Meri
Har Surat Me Mujhe
Surat Teri Nazar Aane Lagi

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मैं जब सो जाऊँ इन आँखों पे अपने होंट रख देना

यक़ीं आ जाएगा पलकों तले भी दिल धड़कता है

बशीर बद्र

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चाहने की वजह कुछ भी नहीं ,
बस इश्क
की फितरत है, बे= वजह होना… . !!

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तजुर्बा एक ही काफी था बयान करने के लिए,
मैंने देखा ही नहीं इश्क़ दोबारा करके।

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चाहे कितनी भी तकलीफ दे इश्क़
पर सुकून भी इश्क़ से ही मिलता है!

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सितारों से आगे जहाँ और भी हैं
अभी इश्क़ के इम्तिहाँ और भी हैं!

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जाने वाले से मुलाक़ात न होने पाई

दिल की दिल में ही रही बात न होने पाई

शकील बदायुनी

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ishk kal bhee tha ishk aaj bhee hai dost,
bas mein jahaan kal tha vahaan aaj koee aur hain.

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साहिब ए अकल हो तो एक मशविरा तो दो
एहतियात से इश्क करुं या इश्क से एहतियात!

 

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कुछ अजब हाल है इन दिनों तबियत का साहब,
ख़ुशी ख़ुशी न लगे और ग़म बुरा न लगे ।

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इन आँखो में कैद थे गुनाह ए
इश्क कि सजा के बेहिसाब आंसु….
तेरी यादों ने आकर उनकी जमानत कर दी….

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शदीद प्यास थी फिर भी छुआ न पानी को

मैं देखता रहा दरिया तिरी रवानी को

शहरयार

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लफ़्ज़ों से तुम मेरी तारीफ कर लो
इश्क हम तेरी आंखो में ढूँढ लेंगे!

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इश्क़ नाज़ुक मिज़ाज है बेहद
अक़्ल का बोझ उठा नहीं सकता!

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किसी का इश्क़ किसी का ख्याल थे हम भी,
गए दिनों में बहुत बा=कमाल थे हम भी।

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इश्क कल भी था इश्क आज भी है दोस्त,
बस में जहां कल था वहां आज कोई और हैं।

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उन का ज़िक्र उन की तमन्ना उन की याद

वक़्त कितना क़ीमती है आज कल

शकील बदायुनी

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इश्क का दस्तूर ही ऐसा है
जो इस को जन लेता है ये उसकी जान लेता है !

 

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जरुरी तो नहीं, हर चाहत का मतलब इश्क हो,
कभी कभी कुछ अनजान रिश्तों के लिए भी…
दिल बेचैन हो जाता है…!!!!

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ये इश्क़ जिसके कहर से डरता है ज़माना,
कमबख्त मेरे सब्र के टुकड़ों पे पला है ।

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udaasiya ishk pahachaan hain,
muskara diye to ishk bura maan jaayega.
उदासिया इश्क पहचान हैं,
मुस्करा दिये तो इश्क बुरा मान जायेगा।

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ऐ दोस्त हम ने तर्क=ए=मोहब्बत के बावजूद

महसूस की है तेरी ज़रूरत कभी कभी

नासिर काज़मी

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इश्क का रोग है जाता नहीं
कसम से,
गले में डालकर सारे
ताबीज देखे मैंने

Ishq Ka Rog Hai, Jata Nahi
Kasam Se
Gale Me Daalkar Saare
Yabij Dekhe Maine

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तुम्हारे इश्क़ का मौसम
हर मौसम से सुहाना होता है !

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जश्न=ए=शब में मेरी कभी जल न सका इश्क़ का दिया,
वो अपनी अना में रही और मैंने अपने ग़मो को ज़िया।
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kuchh puraane khayaalaaton ka hai ishk apana,
jara see muskaraahat par dil phisal jaata hai.

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लोग कहते हैं कि तू अब भी ख़फ़ा है मुझ से

तेरी आँखों ने तो कुछ और कहा है मुझ से

जाँ निसार अख़्तर

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मुक़म्मल इश्क़ तो इबादत है
बस करते चले जाना है!

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कत्ल किया था जिसने मेरी मासूम मुहब्बत का
वो बा=इज़्ज़त बरी है
और हम इश्क़ करके सारे शहर के गुनहगार हो गये
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फ़रिश्ते ही होंगे जिनका हुआ इश्क मुकम्मल,
इंसानों को तो हमने सिर्फ बर्बाद होते देखा है।

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राह ए दूर ए इश्क़ में रोता है क्या
आगे आगे देखिए होता है क्या!

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कभी यक=ब=यक तवज्जोह कभी दफ़अतन तग़ाफ़ुल

मुझे आज़मा रहा है कोई रुख़ बदल बदल कर

शकील बदायुनी

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कुछ पुराने खयालातों का है इश्क अपना,
जरा सी मुस्कराहट पर दिल फिसल जाता है।

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सोच कर पांव डालना इसमें इश्क दरिया नहीं दलदल है!

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मेरी रूह गुलाम हो गई है, तेरे इश्क़ में शायद,
वरना यूँ छटपटाना, मेरी आदत तो ना थी ।

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क्या कहूँ तुमसे मैं क्या है इश्क
जान का रोग है बला है इश्क!

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आप दौलत के तराज़ू में दिलों को तौलें

हम मोहब्बत से मोहब्बत का सिला देते हैं

साहिर लुधियानवी
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खुदा तू इश्क न करना
वरना बहुत पछतायेगा,
हम तो मर के तेरे पास आयेंगे
तू कहाँ जायेगा?

Khuda Tu Ishq Na Karana
Warana Bahut pachhatayega
Ham To Mar Ke Tere Paas Aayenge
Tu Kaha Jayega?

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इश्क़ है या कुछ और ये तो
पता नहीं पर जो तुमसे है
वो किसी और से नही!

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हमारे इश्क़ को यूं न आज़माओ सनम,
पत्थरों को धड़कना सिखा देते हैं हम ।

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गलत सुना था कि,
इश्क़ आँखों से होता हे
दिल तो वो भी ले जाते है,
जो पलके तक नही उठाते हे

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उस को रुख़्सत तो किया था मुझे मालूम न था

सारा घर ले गया घर छोड़ के जाने वाला

निदा फ़ाज़ली

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junoon – e – ishk kee rasmen ajeeb kya kahana,
main usase door vo mujhase kareeb kya kahana.
जुनून – ए – इश्क की रस्में अजीब क्या कहना,
मैं उससे दूर वो मुझसे करीब क्या कहना।

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कोई समझे तो एक बात कहूँ
इश्क़ तौफ़ीक़ है गुनाह नहीं!

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हमें तो प्यार के दो लफ्ज भी नसीब नहीं,
और
बदनाम ऐसे हैं जैसे इश्क के बादशाह थे हम ।

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Ham aaj aapke liye lai hain best ishq shayari jab unki kami se aapke chehre per udaasi aur unki maujoodgi se aapke chehre per muskan a jaaye.

Tab aap samajh lena ki aap bhi ishq ki kashti mein baith chuke ho jab aapko kisi se Ishq ho jata hai to uski thodi kami bhi aapke chehre per udaasi le aati hai.

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तुझसे इश्क़ कर के
ये यक़ीन हुआ की
इबादत के लिए ख़ुदा का मिलना
ज़रूरी नहीं है

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मेरे हम=नफ़स मेरे हम=नवा मुझे दोस्त बन के दग़ा न दे

मैं हूँ दर्द=ए=इश्क़ से जाँ=ब=लब मुझे ज़िंदगी की दुआ न दे

शकील बदायुनी

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इश्क़ के चर्चे भले ही सारी दुनिया में होते होंगे,
पर दिल तो ख़ामोशी से ही टूटते हैं….!!!!

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प्यार करना सीखा है नफरतो का कोई ठौर नही
बस तु ही तु है इस दिल मे दूसरा कोई और नही!

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वो अच्छे हैं तो बेहतर , बुरे हैं तो भी कबूल,
मिजाज़=ए=इश्क में ऐब=ओ=हुनर देखे नहीं जाते ।

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Agar aapko bhi hai kisi se ishq aur aapane abhi bhi use izhaar nahin kiya hai to aap hamari yah shayari use kar sakte hain.

Hamari je shayariyan aap apne ishq ke pass bhej sakte hain jisse aapke bich mein aur bhi jyada ishq badh jaaye.

Chaliye to hamari je hindi ishq shayari padhte hain aur sath hi sath hamare ishq ko bhi padh aate hain.

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आशिक़ी में ‘मीर’ जैसे ख़्वाब मत देखा करो

बावले हो जाओगे महताब मत देखा करो

अहमद फ़राज़

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मेरे ख़्वाबों में भी तू मेरे ख़यालों में भी तू

कौन सी चीज़ तुझे तुझ से जुदा पेश करूँ

साहिर लुधियानवी

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ना आह सुनाई दी ना तड़प दिखाई दी….!!
बर्बाद हो गए तेरे इश्क में हम बड़ी खामोशी के साथ….!!

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होठो पे होठ रख कर सो गए है,
यह कह कर गर्मी की रात है कहीं प्यास ना लग जाए

Hotho Pe Hoth Rakh Kar So Gaye Hai,
Yah Kah Kar,
Garmi Ki Raat Hai Kahi Pyaas Naa Lag Jaye

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अब तो है इश्क़=ए=बुताँ में
ज़िंदगानी का मज़ा
जब ख़ुदा का सामना होगा तो
देखा जाएगा
..
अकबर इलाहाबादी

Ab To Hai Ishk=E=Bunta Me
Zindagani Ka Maza
Jab Khuda Ka Saamana Hoga Yo
Dekha Jaayega

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उनके लबो में भी क्या खूब नशा है,
लगता है की उनके जूठे पानी से ही शराब बनती है

Unake Labo Me Bhi Kya Khub Nasha Hai,
Lagata Hain Ki,
Unake Juthe Pani Se Hi Sharab Banati Hai

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एक ख़लिश सी रह गयी दिल में,मुझ जैसा इश्क़ करता, मुझ से भी कोई!

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कोई ऐ ‘शकील’ पूछे ये जुनूँ नहीं तो क्या है

कि उसी के हो गए हम जो न हो सका हमारा

शकील बदायुनी

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दिल इश्क से
बंधा हुआ एक
जिद्दी परिंदा है !
उम्मीदों से ही घायल है
उम्मीदों पर ही जिंदा !!

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तेरी याद क्यूँ आती है ये मालुम नहीं,
लेकिन जब भी आती है अच्छा लगता है.

Teri Yaad Kyu Aati Hai Ye Malum Nahi,
Lekin Jab Bhi Aati Hai Achchha Lagata Hai.

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गुज़रे है
आज इश्क के उस मुकाम से,
नफरत सी हो गयी है मोहब्बत के
नाम से

Guzare Hai
Aaj Ishk Ke Us Mukaam Se,
Nafarat Si Ho Gayi Hai Mohabbat Ke
Naam Se.

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ये मत पुछ कि मैं तुमसे कितना प्यार करता हूँ
बस इतना जान लो कि,
बस तुमसे करता हूँ और बेपनाह करता हूँ.

Ye Mat Puchh Ki Mai Tumase Kitana Pyar Karata Hun
Bas Itana Jaan Lo Ki
Bas Tumase Karata Hun Aur Bepanah Karata Hun.

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मोहब्बत वहीं तक है सच्ची मोहब्बत

जहाँ तक कोई अहद=ओ=पैमाँ नहीं है

आरज़ू लखनवी

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हुस्न की मल्लिका हो या साँवली सी सूरत…!!
इश्क अगर रूह से हो तो हर चेहरा कमाल लगता है…!!

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भूलने का तो सवाल ही पैदा नहीं होता,
मैंने नहीं मेरे दिल ने चुना है तुम्हें.

Bhulane Ka To Sawaal Hi Paida Nahi Hota,
Maine Nahi Mere Dil Ne Chuna Hai Tumhe.

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इश्क चख लिया था इत्तफ़ाक से,
ज़बान पर आज भी दर्द के
छाले हैं.

Ishk Chakh Liya Tha Itfaak Se
Jabaan Par Aaj Bhi Dard Ke
Chhale Hain

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मैने रंग दिया हर पन्ना तेरे नाम से ,
मेरी किताबों से पूछ इश्क किसे कहते हैं.

Maine Rang Diya Har Panna Tere Naam Se,
Meri Kitabon Se Puchh Ishk Kise Kahate Hai.

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दिवाना हर शख़्स को बना देता है इश्क़,सैर जन्नत की करा देता है इश्क़,मरीज हो अगर दिल के तो कर लो इश्क़,क्योंकि धड़कना दिलों को सिखा देता है इश्क़।

 

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तुझ को ख़बर नहीं मगर इक सादा=लौह को

बर्बाद कर दिया तिरे दो दिन के प्यार ने

साहिर लुधियानवी

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इश्क का समंदर भी क्या समंदर है, जो डूब गया वो आशिक जो बच गया वो दीवाना

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कोई पुछ रहा है मुझसे मेरी जीन्दगी की कीमंत,
मुझे याद आ रहा है तेरा हल्के से मुस्कुराना.

Koi Puchh Raha Hai Mujhase Meri Zindagi Ki Kimat,
Mujhe Yaad Aa Raha Hai Tera Halke Se Muskurana.
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फ़रिश्ते ही होंगे जिनका हुआ इश्क मुकम्मल,इंसानों को तो हमने सिर्फ बर्बाद होते देखा है…

 

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तेरी बेवफाई का सौ बार शुक्रिया,
मेरी जान छूटी इश्क़=ऐ=बवाल से .

Teri Bewafayi Ka Sau Baar Shukriya
Meri Jaan Chhuti Ishk=E=Bavaal Se

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हम इश्क़ में हैं फ़र्द तो तुम हुस्न में यकता

हम सा भी नहीं एक जो तुम सा नहीं कोई

लाला माधव राम जौहर

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farishte he honge jinaka hua ishk mukammal, insanon ko to hamane sirf barbad hote dekha hai…***”

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कभी सीने से लगा कर मेरे दिल की
धड़कन तो सुन,
हर पल तुम्हारा ही नाम लेती है.

Kabhi Seene Se Laga Kar Mere Dil Ki
Dhadakan To Sun,
Har Pal Tumhara Naam Leti Hai.

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इश्क ने कब इजाजत ली है आशिकों से,वो होता है और हो कर ही रहता है

 

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इक खिलौना टूट जाएगा नया मिल जाएगा

मैं नहीं तो कोई तुझ को दूसरा मिल जाएगा

अदीम हाशमी

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main bhe hua karata tha vakel ishk valon ka kabhe….nazaren us se kya milen aj khud kataghare mein hoon…

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इक झलक जो मुझे आज तेरी मिल गयी,
मुझे फिर से आज जीने की वजह मिल गयी.

Ek Jhalak Jo Mujhe Aaj Teri Mil Gayi,
Mujhe Fir Se Aaj Jeene Ki Wazah Mil Gayi.

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धुआँ धुआँ
सा लग रहा है शहर में
लगता है किसी का इश्क़ जल रहा है
ठंड में

Dhuaa=Dhua
Sa Lag Raha Hai Shahar Me
Lagata Hai Kisi Ka Ishk jal Raha Hain
Thand Me

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मुझे लत तुम्हारी लगी है. . .
और इल्जाम मोबाइल पर आता है

Mujhe Lat Tumhaari Lagi Hai,
Aur Ilzaam Mobile Par Aata Hai.

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दिवाना हर शख़्स को बना देता है इश्क़,सैर जन्नत की करा देता है इश्क,मरीज हो अगर दिल के तो कर लो इस्क,क्योंकि धड़कना दिलों को सिखा देता है इश्क।

 

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हम जानते तो इश्क़ न करते किसू के साथ

ले जाते दिल को ख़ाक में इस आरज़ू के साथ

मीर तक़ी मीर

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ishk hai vahe jo ho ek tarafa;ijahar hai ishk to khvaesh ban jate hai;hai agar ishk to ankhon mein dikhao;juban kholane se ye numaish ban jate hai.

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शक नहीं रखना मोहब्बत का
तुम्हारे बिना भी हम तुम्हारे रहते है

Shak Nahi Rakhana Mohabbat Ka,
Tumhare Bina Ham Tumhare Hi Rhate Hai.

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ना कर तू इतनी कोशिशे,
मेरे दर्द को समझने की,
पहले इश्क़ कर, फिर चोट खा,
फिर लिख दवा मेरे दर्द की.

Naa Kar Tu Itani Koshishe
Mere Dard Ko Samjhane Ki
Pahale Ishk Kar Fir Chot Kha
Fir Likh Dawa Mere Dard Ki

 

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धूप मायूस लौट जाती है,
छत पे कपड़े सुखाने तो आया करो.

Dhoop Mayus Ho Ke Kaut Jati Hai,
Chhat Pe Karade Sukhane To Aaya Karo.

 

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इश्क़ अधूरा रह जाए तो,खुद पर नाज़ करना,कहते है सच्ची मोहब्बत मुकम्मल नहीं होती।

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देखे हैं बहुत हम ने हंगामे मोहब्बत के

आग़ाज़ भी रुस्वाई अंजाम भी रुस्वाई

सूफ़ी तबस्सुम

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mere ishq se mile hai ,,tere husn ko ye shauharat ,tera zikr he kahan thamere devanage se pahale ,,*

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भटक जाते हैं लोग अक्सरइश्क़ की गलियों में,इस सफर का कोई इकनक्शा तो होना चाहिए।

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पाँव लटका के दुनिया की तरफ,
आओ बैठे किसी सितारे पर.

Panv Lataka Ke Duniya Ki Taraf,
Aao Baithe Kisi Sitare Par.

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तेरी ख़ामोशी,
अगर तेरी मज़बूरी है, तो
रहने दे इश्क़ कौन सा जरुरी है.

Teri Khamoshi
Agar Majburi Hai To
Rahane De Ishk Kaun Sa Jaruri Hai.

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क्यो ना करूं गुरूर मै अपने आप पर,
मुझे उसने चाहा जिसके चाहने वाले हजार थे.

Kyu Naa Karu Gurur Mai Apane Aap Par,
Mujhe Usane Chaha Jisake Chahane Wale Hazaro The.

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सिलसिले तोड़ गया वो सभी जाते जाते

वर्ना इतने तो मरासिम थे कि आते जाते

अहमद फ़राज़
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kuchh to sharafat sekh le, ai ishq sharab se………..!!botal pe likha to hota hai, main janaleva hoon……

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गजल=ए=उल्फत पढ़ लिया करो,एक खुराक सुबह एक खुराक शाम,ये वही दवा है जिससे,बीमारे=इश्क को मिलता है तुरंत आराम।

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सोने दो मुझे,
तुम्हारे ख्वाब भी तो देखने हैं.

Sone Bhi Do Mujhe,
Tumhare Khwab Bhi To Dekhane Hai.

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इश्क़ के चर्चे भले ही सारी
दुनिया में होते होंगे,
पर दिल तो ख़ामोशी से ही
टूटते हैं

Ishk Ke Charche Bhale Hi Sari
Duniya Me Hote Honge
Par Dil To Khamoshi Se Hi
Tutate Hain

 

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कुछ और भी तुम को आता है क्या
जब देखो याद आते हो..

Kuchh Aur Bhi Tum Ko Aata Hai Kya
Jab Dekho Tab Yaad Aate Ho..

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मैं भी हुआ करता था वकील इश्क वालों का कभी….नज़रें उस से क्या मिलीं आज खुद कटघरे में हूँ…

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गर्मी=ए=हसरत=ए=नाकाम से जल जाते हैं

हम चराग़ों की तरह शाम से जल जाते हैं

क़तील शिफ़ाई

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barason se kayam hai ishq apane usoolon par,ye kal bhe takalef deta tha ye aj bhe takalef deta hai.

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सुबह का मतलब मेरे लिए सूरज निकलना नही,
तेरी मुस्कराहट से दिन शुरू होना है .

Subah Ka Matalab Mere Liye Suraj Nikalana Nahi,
Teri Muskurahato Se Din Shuru Hota Hai.

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आपकी नशीली यादों में डूबकर,
हमने इश्क की गहराई
को समझा,
आप तो दे रहे थे धोखा और,
हमने जानकर भी कभी आपको
बेवफा न समझा.

Aapki Nashili Yaado Me Dubkar
Hamne Ishk Ki Gaharayi
Ko Samjha
Aap To De Rahe The Dhokha Aur
Hamane Jaankar Bhi Aapko
Bewafa Naa Samjha

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एक दूसरे को उसी में देख लेंगे,
तेरे शहर का चाँद मेरे शहर में भी निकलता है.

Ek Dusare Ko Usi Me Dekh Lenge,
Tere Shahar Ka Chand Mere Shar Me Bhi Nikalata Hai.

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किस दर्जा दिल=शिकन थे मोहब्बत के हादसे

हम ज़िंदगी में फिर कोई अरमाँ न कर सके

साहिर लुधियानवी

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band kar die hain hamane to daravaje ishk kepar kamabakht tere yaden to dararon se he chale ae.

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तेरी आँखों में शरारत सी है,
बताओ दिल लेना चाहते हो या जान

Teri Ankhon Me Shararat Si Hai,
Batao Dil Lena Chahate Ho Ya Jaan

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सुनो ना
हमारे और तुम्हारे इश्क का
चर्चा है अब शहरो में.
कोई सुनता नही
अब लैला=मजनूँ की कहानी..

Suno Naa
Hamare Aur Tumhaare Ishk Kaa
Charcha Hai Ab Shaharo Me
Koi Sunata Nahi
Ab Laila=Majanu Ki Kahaani

 

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कल तक सिर्फ़ एक अजनबी थे तुम,
आज दिल की एक एक धड़कन पर हुकूमत है तुम्हारी

Kal Tak Sirf Ek Ajanabi The Tum,
Aaj Dil Ki Ek=Ek Dhadakan Par Hukumat Hai Tumhari.

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मैं उस की दस्तरस में हूँ मगर वो

मुझे मेरी रज़ा से माँगता है

परवीन शाकिर

 

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ishk ke gaharaeyon mein.. khoobasoorat kya hai..!!ek main hoon, ek tum ho aur zarurat kya hai..!

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ख़्वाहिश ए ज़िंदगी बस इतनी सी है के,
साथ तुम्हारा हो और ज़िंदगी कभी ख़त्म ना हो.

Khwahishe=E=Zindagi Bas Itani Si Hai Hai Ke,
Sath Tumhara Ho Aur Zindagi Kabhi Khatm Naa Ho.

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आरज़ू, अरमान,

इश्क़, तमन्ना, वफ़ा, मोहब्बत,
चीज़ें तो अच्छी है पर दाम बहुत है..

Aarzoo, Armaan,
Ishk, Tamanna Wafa, Mohabbat
Chiz Achchhi Hai Par Daam Bahut Hai

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एक कमी थी ताज=महल में

मैं ने तिरी तस्वीर लगा दी

कैफ़ भोपाली

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khatam ho gae kahane, bas kuchh alafaj bake hain;ek adhoore ishk ke ek mukammal se yad bake hai.

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वो जो लाखों में एक एक होता है ना,
बस मेरे लिए तुम वही हो.

Wo Jo Lakho Me Ek Hota Hain Naa,
Bas Mere Liye Tum Wahi Ho.

 

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कूचा=ए=इश्क़ में निकल आया
जिस को ख़ाना=ख़राब होना था
..

जिगर मुरादाबादी

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मुस्कुरा जाता हूँ अक्सर गुस्से में भी तेरा नाम सुन कर,
तेरे नाम से इतनी मोहब्बत है तो सोच तुझसे कितनी होगी.

Muskura Jata Hu Hun Aksar Gusse Me Bhi,
Tera Naam Sun Kar,
Tere Naam Se Itani Mohabbat Hai,
To Soch Tujhase Kitani Hogi.

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उन का ग़म उन का तसव्वुर उन के शिकवे अब कहाँ

अब तो ये बातें भी ऐ दिल हो गईं आई गई

साहिर लुधियानवी

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ishk hindi shayari

ishq ne hame benam kar diya,har khushe se hame anjan kar diya,hamane to kabhe nahe chaha ke hamebhe mohabbat ho,lekin tumhare ek nazar nehame nelam kar diya…

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साँसे मेरी, जिन्दगी मेरी और मोहब्बत भी मेरी,
मगर हर चीज मुकम्मल करने के लिए जरुरत तेरी है.

Sanse Me, Zindagi Meri Aur Mohabbat Bhi Meri,
Magar Har Chiz Mukammal Karane Ke Liye Jarurat Teri Hai.

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इश्क़ जब तक न कर चुके रुस्वा
आदमी काम का नहीं होता

जिगर मुरादाबादी
Ishk Jab=Tak Na Kar Chuke Ruswa
Aadami Kaam Ka Nahi Hota

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तेरी चाहत तो मुक्कदर है मिले ना मिले
दिल को सुकुन जरुर मिलता है तुझे अपना सोचकर

Teri Chahat To Mukaddar Hai To Mile Naa Mile,
Dil Ko Sukun Jarur Milata Hai Tujhe Apana Soch Ke.

 

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Romantic Ishq Shayari

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अजीब रात थी कल तुम भी आ के लौट गए

जब आ गए थे तो पल भर ठहर गए होते

बशीर बद्र

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श्क़ अगर ख़ाक ना करेतो ख़ाक इश्क़ हुआ.

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ishk mein, main khud ko bekasoor kahate the pahalebhool jate hoon ki is dil ke bhe to shararat the kuchh…

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मेरे दिल से उसकी हर गलती माफ़ हो जाती है,
जब वो मुस्कुरा के पूछती है, नाराज हो क्या

Mere Dil Se Usaki Har Galati Maaf Ho Jati Hai,
Jab Wo Muskura Ke Puchhati Hai,
Naraz Ho Kya

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कोई समझे तो एक बात कहूँ
इश्क़ तौफ़ीक़ है गुनाह नहीं

फ़िराक़ गोरखपुरी

Koi Samjhe To Ek Baat Kahu
Ishk Taufiq Hai Gunaah Nahi

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हमारे इश्क़ में रुस्वा हुए तुम

मगर हम तो तमाशा हो गए हैं

अतहर नफ़ीस

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jane kab utarega qarz usake mohabbat ka . .har roj ansuon se ishk ke kist bharate hain

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काश दिल की आवाज़ मै इतना असर हो जाये..
हम याद करें,और उनको खबर हो जाये.

Kash Dil Ki Aawaz Me Itana Asar Ho Jaye,
Ham Yaad Kare, Aur Unako Khabar Ho Jaye.

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इश्क़ सभी को जीना सिखा देता है,वफ़ा के नाम पर मरना सीखा देता है,इश्क़ नहीं किया तो करके देखो,जालिम हर दर्द सहना सीखा देता है।

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खता ए इश्क़ नही देखता
महबूब पत्थर है या कोहिनूर है.
गर इश्क़=इश्क़ है तो हर हाल में

मंजूर है

Khata=E=Ishk Nahi Dekhta
Mahabub Patthar Hai Ya Kohinur Hai
Gar Ishk=Ishk Hai To, Har Haal Me
Manjur Hai

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लाख समजाया उसको कि दुनिया शक करती है,
मगर उसकी आदत नहीं गयी मुस्कुरा कर गुजरने की.

Lakh Samjhaya Usako Ki Duniya Shak Karati Hai,
Magar Usaki Aadat Nahi Gayi,
Muskura Kar Guzarane Ki.

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तुझ से मिल कर तो ये लगता है कि ऐ अजनबी दोस्त

तू मिरी पहली मोहब्बत थी मिरी आख़िरी दोस्त

अहमद फ़राज़

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ishq hai to shak kaisagar nahin hai to fir hak kaisa..?
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हमारी तडप तो कुछ भी नहीं है हुजुर,
सुना है कि उसके दिदार के लिए तो आइना भी तरसता है.

Hamari Tadap To Kuchh Bhi Nahi Hai Hazur,
Suna Hai Ki Usake Deedar Ke Liye To,
Aayina Bhi Tarasata Hai.

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हम इस तरह तुम पर मर मिटेंगे,तुम जहा भी देखोगे केवल हम ही दिखेंगे।

 

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वो अच्छे हैं तो बेहतर है
बुरे हैं तो भी कुबूल,
मिजाज=ए=इश्क में

ऐब=ओ=हुनर देखे
नहीं जाते

Wo Achchhe Hai To Behatar Hai
Bure Hai To Bhi Kabul
Mizaze=E=Ishk Me
EB=o=Hunar Dekhe
Nahi Jaate

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हम तो मोहब्बत के नाम से भी अनजान थे,
एक शख्स की चाहत ने पागल बना दिया.

Ham To Mohabbat Ke Naam Se Bhi Anjaan The,
Ek Shakhs Ki Chahat Ne Pagal Bana Diya.

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जब इश्क़ सिखाता है आदाब=ए=ख़ुद=आगाही

खुलते हैं ग़ुलामों पर असरार=ए=शहंशाही

अल्लामा इक़बाल

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nayanon se nain milakar, mahobbat ka ijahar karoonban kar os ke bunde., jindage tere gulajar karoonsanvar jaege tere mere jindage, ishk ke safar mentham le too hath mera, main tere har vade pe aitabar karoon*

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मैं जानता हूँ फिर भी पूछता हूँ
तुम आईना देख कर बताओ मेरी पसंद कैसी है

Mai Janata Hun Fir Bhi Puchhata Hu,
Tum Aayina Dekha Kar Batao, Meri Pasad Kaisi Hai

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जिस ख्वाब में
हो जाए दीदारे नबी हासिल
ऐ इश्क़ कभी हमको भी

वो नींद सुला दे

Jis Khwaab Me
Ho Jaaye Deedaare Nabi Hasil
E=Ishk Kabhi Hamko Bhi
Wo Neend Sula De

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तेरे वजूद में मै काश यूं उतर जाऊ,
तू देखे आइना और मै, तुझे नज़र आऊ.

Tere Wajud Me Mai Kash Yu Utar Jau,
Tu Dekhe Aayina Aur Mai,
Tujhe Nazar Aaun.

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काफ़ी है मिरे दिल की तसल्ली को यही बात

आप आ न सके आप का पैग़ाम तो आया

शकील बदायुनी

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ai ishk mujhe ab aur jakhm chahiye…!!mere shayari me ab vo bat nahe rahe…!!

 

 

 

 

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फितूर होता है
हर उम्र में जुदा=जुदा,
खिलौना, इश्क़, पैसा, ख्याति फिर

खुदा=खुदा.

Fitur Hota Hia
Har Umr Me Juda=Juda
Khilauna, Ishk, Paisa, Khyati Fir
Khuda=Khuda

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कल रात भर मैं ख्वाब में उसके आगोश में रहा,
ख्वाब ही सही, मगर कुछ पल तो मैं उसका रहा.

Kal Raat Bhar Mai Khwabo Me Usake Agosh Me Raha,
Khwab Hi Sahi,
Magar Kuchh Pal To Mai Usaka Raha.

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इश्क ने हमसे कुछ ऐसी साजिशें रची हैं,मुझमें मैं नहीं हूँ अब बस तू ही तू बसी है।

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हाँ कभी ख़्वाब=ए=इश्क़ देखा था

अब तक आँखों से ख़ूँ टपकता है

अख़्तर अंसारी

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*ishk soofe hai na mufte hai na alem haiye jalem hai bahoot jalem hai fakat jalem hai*

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हिसाब अपनी मोहब्बत का मै क्या दूँ
तुम अपनी हिचकियो को बस गिनते रहना.

Hisab Apani Mohabbat Ka Mai Kya Du
Tum Apani Hichakiyan Ko Bas Ginate Rahana.

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नजर , नमाज , नजरिया ,
सब कुछ बदल गया,
एक रोज इश्क़ हुआ , और

खुदा बदल गया.

Nazar, Namaz, Nazariya
Sab Kuchh Badal Gaya
Ek Roz Ishk Hua Aur
Khuda Badal GAYA

 

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जाने लोग मोहब्बत को क्या क्या नाम देते है,
हम तो तेरे नाम को ही मोहब्बत कहते है.

Jane Log Mohabbat Ko Kya=Kya Naam Dete Hai,
Ham To Tere Naam Ko Hi Mohabbat Kahate Hai.

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हमेशा आग के दरिया में इश्क़ क्यूँ उतरे

कभी तो हुस्न को ग़र्क़=ए=अज़ाब होना था

करामत अली करामत

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ishk hindi shayari ishk or doste mere do jahan hai,ishk mere ruh, to doste mera eman hai,ishk par to fida karadu apane pure jindage,par doste par, mera ishk bhe kurban hai**

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थाम लूँ तेरा हाथ और‪ तुझे‬ इस दुनिया से दूर ले जाऊं,
जहाँ तुझे देखने वाला‪ मेरे सिवा‬ कोई और ना हो

Tham Lu Tera Hath Aur Tujhe Is Duniya Se Dur Le Jau,
Janha Tujhe Dekhane Wala Mere Siwa Koi Aur Naa Ho.

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बहुत महँगी हुई अब तो वफा,लोग कहाँ मिलते हैं, जो सच्चा प्यार करें,मोहब्बत तो बन गई है अब सजा,आशिक कहाँ मिलते हैं,जो संग=संग इश्क का दरिया पार करें।

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बेहद बेकाबू इश्क मे
दर्द मिलना लाजमी है गालिब,

पर दर्द हद से गुजर जाये तो

दवा हो जाया करता है.

Behad Bekabu Ishk Me
Dard Milana Lazami Hai Galib
Par Har Dard Had Se Guzar Jaaye To
Dawa Ho Jaya Karata Hai

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दो घड़ी उस से रहो दूर तो यूँ लगता है

जिस तरह साया=ए=दीवार से दीवार जुदा

अहमद फ़राज़

 

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*khoobasoorat main nahin ye tumhara ishq hai…jo noor banakar mere ankhon se chhalakata hai….*

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हर बार हम पर इल्ज़ाम लगा देते हो मोहब्बत का,
कभी खुद से भी पूछा है इतने हसीन क्यों हो

Har Baar Ham Par Ilzam Laga Dete Ho Mohabbat Ka,
Kabhi Khud Se Bhi Puchha Hai,
Itane Haseen Kyu Ho

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तेरे ख़त में इश्क की गवाही
आज भी है,

हर्फ़ धुंधले हो गए पर स्याही

आज भी है.

Tere Khat Me Ishk Ki Gawahi
Aaj Bhi Hai
Harf Dhundhale Ho Gaye Par Syahi
Aaj Bhi Hai

 

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हम भूल सके हैं न तुझे भूल सकेंगे

तू याद रहेगा हमें हाँ याद रहेगा

इब्न=ए=इंशा

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nadaniyan jhalakate hain abhe bhe mere adaton se..!!main khud hairan hoon ke mujhe ishq hua kaise….!!

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तेरी याद से ही शुरू होती है मेरी हर सुबह.

Teri Yaado Se Hi Shuru Hoti Hai Meri Har Subah.

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इश्क है वही जो हो एक तरफा;इजहार है इश्क तो ख्वाईश बन जाती है;है अगर इश्क तो आँखों में दिखाओ;जुबां खोलने से ये नुमाइश बन जाती है।

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इधर आ रक़ीब मेरे,
मैं तुझे गले लगा लूँ
मेरा इश्क़ बे=मज़ा था,

तेरी दुश्मनी से पहले.

Idhar Aa Rakib Mere
Mai Tujhe Gale Laga Lu
Mera Ishk Be=Maza Tha
teri Dushamani Se Pahale

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अक्सर सोचता हूँ देख कर तस्वीर तेरी
जो तुमसे मोहब्बत ना होती तो क्या होती ज़िन्दगी मेरी

Akasar Sochata Hu Dekh Kar Tasveer Teri,
Jo Tumase Mohabbat Naa Hoti,
To Kya Hoti Zindagi Meri

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हम को किस के ग़म ने मारा ये कहानी फिर सही

किस ने तोड़ा दिल हमारा ये कहानी फिर सही

मसरूर अनवर

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pyar ka pahala ishq ka doosara mohabbat ka tesara akshar adhoora hota haiisalie ham tumhe chahate hai kyonki chahat ka har akshar poora hota hai .?**

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जिंदगी की कसम,
मेरी जिंदगी तुमसे है.

Zindagi Ki Kasam,
Meri Zindagi Tumase Hai.

 

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नमाज़ में भी
मेरी इश्क़ बाजियाँ ना गई,
पढ़ी फिर वहीं आयतें,

जिसमें,जिक्र=ए=सनम आया.

Namaaz Me Bhi
Meri Ishk Ki Baziya Na Gayi
Padhi Fir Wahi Aayate
Jisame, Zikr=E=Sanam Aaya

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मुक़म्मल ना सही अधूरा ही रहने दो,ये इश्क़ है कोई मक़सद तो नहीं.

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रोने लगता हूँ मोहब्बत में तो कहता है कोई

क्या तिरे अश्कों से ये जंगल हरा हो जाएगा

अहमद मुश्ताक़

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*hoshavalon ko khabar kya…bekhude kya chez hai…ishk kejiye…fir samajhiye…zindage kya chez hai!**

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किस तरह छुपाऊँ तुम्हें मैं,
मेरी मुस्कान में भी नजर आने लगे हो तुम.

Kis Tarah Chhupaun Tumhe Mai,
Meri Muskaan Me Bhi Nazar Aane Lage Ho.

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तफ़रीक़ हुस्न=ओ=इश्क़ के
अंदाज़ में न हो,
लफ़्ज़ों में फ़र्क़ हो मगर

आवाज़ में न हो.

Tafarik Husn=O=Ishk Ke
Andaaz Me NHo
Lafzo Me Fakr Ho Magar
Aawaz Me Naa Ho

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आँख खुलते ही याद आ जाता हैं तेरा चेहरा,
दिन की ये पहली खुशी भी कमाल होती है.

Ankhn Khulate Hi Yaad Aa Jata Hai Tera Chaihara,
Din Ki Pahali Khushi Bhi Kamaal Hoti Hai.

 

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मोहब्बतें तो फ़क़त इंतिहाएँ माँगती हैं

मोहब्बतों में भला ए’तिदाल क्या करना

हसन अब्बास रज़ा

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*ishk kar lejie beinteha kitabo se..ek yahe aise chez hai jo apane baton se palata nahe karate.***

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गलत सुना था कि इश्क आँखों से होता है,
दिल तो वो भी ले जाते है जो पलकें तक नही उठाते.

Galat Suna Tha Ki Ishk Ankho Se Hota Hai.
Dil Wo Bhi Le Jaate Hai,
Jo Palake Tak Uthate Nahi.

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इश्क वो खेल नहीं
जो छोटे दिल वाले खेलें
रूह तक काँप जाती है

सदमे सहते=सहते.

Ishk Wo Khel Nahi
Jo Chhote Dil Wale Khele
Ruh Kanp Jaati Hain
Sadame Sahate Sahate

 

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बहक न जाए कहीं आईने की नीयत,
वक़्त बे वक़्त यूँ खुद को सँवारा न करो.

Bahak Na Jaye Kahi Aayine Ki Niyat,
Wakt Be Wakt Yun Khud Ko Sanwara Na Karo.

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तमाम उम्र तिरा इंतिज़ार हम ने किया

इस इंतिज़ार में किस किस से प्यार हम ने किया

हफ़ीज़ होशियारपुरी

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ishk hindi shayaripyar tha , mohabbat the , ishq tha , ada the ,sab kuchh tha us hasen main !!*agar vafa hote to kayamat hote ,

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बड़ी दिलचस्प है..तेरी यादो का सिलसिला
कभी एक पल कभी पल=पल कभी हर पल.

Badi Dilchasp Hai, Teri Yaado Ka Silsila,
Kabhi Ek Pal Kabhi Pal=Pal Kabhi Har Pal.

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मेरे इबादत=ए=इश़्क की
कहानी ना पूछ मुझसे,
हर सांस ने हज़ारों बार
तेरा नाम लिया हैं

Mere Ibadat=E=Ishq Ki
Kahani Naa Punchh Mujhse
Har Sans Ne Hazaro Baar
Tera Naam Liya

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क्या मिला तुम को मिरे इश्क़ का चर्चा कर के

तुम भी रुस्वा हुए आख़िर मुझे रुस्वा कर के

 

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vo karate hain bat ishq ke,par ishq ke dard ka unhen ehasas nahin,ishq vo chand hai jo dikhata to hai sabako,par use pana sab ke bas ke bat nahe..**

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काश मेरा घर तेरे घर के करीब होता,
मोहब्बत ना सही देखना तो नसीब होता.

Kash Mera Ghar Tere Ghar Ke Kareeb Hota,
Mohabbat Naa Sahi Dekhana To Nasib Hota.

 

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इश्क की राहों में
जिस दिल ने शोर मचा रखा था,

बेवफाई की गलियों से आज वो

खामोश निकला.

Ishk Ki Raho Me
Jis Dil Ne Shor Macha Rakha Tha
Brwafayi Ki Galiyo Se Aaj Wo
Khamosh Nikala

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इक सफ़र में कोई दो बार नहीं लुट सकता

अब दोबारा तिरी चाहत नहीं की जा सकती

जमाल एहसानी
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ishk hindi shayariadhe se kuchh jyada hai,poore se kuchh kam…kuchh jindage… kuchh gam,kuchh ishk… kuchh ham

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काश मेरा घर तेरे घर के करीब होता,
तू ना आती तो तेरी आवाज़ तो आती.

Kash Mera Ghar Tere Ghar Ke Kareeb Hota,
Tu Naa Aati Teri Awaz To Aati.

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न तस्वीर है
आपकी जो दीदार किया जाये,
न आप पास हो, जो इश्क किया जाये,
ये कैसा दर्द दिया है, न कुछ कहा जाये

न कुछ सुना जाये.

Na Tasveer Hai
Aapki Jo Deedar Ho Kiya Jaaye
Na Aap PaAS Ho, Jo Ishk Kiya Jaaye
Ye Kaisa Dard Diya Hai, Na Kuchh Kaha Jaye
Na Kuchh Suna Jaaye

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मैं लफ़्ज़ो में कैसे बंया करूँ
जो शख़्स खुशबुओ सा लगता हो.

Mai Lafzo Me Kaise Bayan Karu
Jo Shakhs Khushbuo Sa Lagata Ho.

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इश्क के दामन से लिपटा गम ही होता है,तन्हाई की आंच से प्रीत कम नहीं होता है,खुदा भी अफ़सोस करता है आसमान पर,जब भी जमीन पर कभी आशिक रोता है।

 

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‘फ़राज़’ इश्क़ की दुनिया तो ख़ूब=सूरत थी

ये किस ने फ़ित्ना=ए=हिज्र=ओ=विसाल रक्खा है

अहमद फ़राज़

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vo kahata hai ke bata tera dard kaise samajhoo ..mainne kaha ke ishq kar aur kar ke har ja …!!

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यूँ गुमसुम मत बैठो पराये लगते हो,
मीठी बातें नहीं है तो चलो झगड़ा ही कर लो.

Yu Gumsum Mat Baitho Paraye Lagate Ho,
Mithi Baate Nahi Hai To,
Chalo Jhagada Hi Kar Lo.

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काश मेरा घर तेरे घर के करीब होता,बात करना ना सही देखना तो नसीब होता।

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अभी तो राख ही हुए है
तेरे इश्क में,
मेरे बिखरने का खेल तो

अभी बाकी है.

Abhi To Rakh Hi Huye Hai
Tere Ishk Me
Mere Bikharane Ka Khel To
Abhi Baki Hai

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हम तो समझे थे कि बरसात में बरसेगी शराब

आई बरसात तो बरसात ने दिल तोड़ दिया

सुदर्शन फ़ाकिर

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ishk mein isalie bhe dhokha khanen lagen hain log,dil ke jagah jism ko chahanen lage hain log..**

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बेशक तुम्हें गुस्सा करने का हक है मुझ पर,
पर नाराजगी में कहीं ये मत भूल जाना की,
हम बहुत प्यार करते हैं तुमसे.

Beshak Tumhe Gussa Karane Ka Haq Hai Mujh Par,
Par Narazagi Me Kahi Ye Mat Bhul Jana Ki,
Ham Bahut Pyaar Karate Hai Tumase.

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बरबाद कर देती है
मोहब्बत हर मोहब्बत करने वाले को,
क्यू कि इश्क़ हार नही मानता

और दिल बात नही मानता.

Barbaad Kar Deti Hai
Mohabbat Har Mohabbat Karane Wale Ko
Kyuki Ishk Haar Nahi Manata
Aur Dil Baat Nahi Manata

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ख़ुशी दे, या गम दे दे मग़र देते रहा कर,
तू उम्मीद है मेरी तेरी हर चीज़ अच्छी लगती है

Khushi De Ya Gam De=De Magar Dete Raha Kar,
Tu Ummid Hai Meri Teri Har Chiz Achchi Lagti Hai.

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जब उन्हें देखो प्यार आता है

और बे=इख़्तियार आता है

जलील मानिकपूरी

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*ishk ne kab ijajat le hai ashiqon sevo hota hai, aur hokar he rahata hai……***sachche ishk mein alfaz se jyada..!ehasas ke ehamiyat hote hai…!.*

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पागल उसने कर दिया, एक बार देखकर,
मै कुछ भी ना कर सका लगातार देखकर.

Pagal Usane Kar Diya, Ek Baar Dekh Kar,
Mai Kuchh Bhi Kar Saka Lagataar Dekh Kar.

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उस वक़्त तो
खुदा भी सोच में पड़ गया,
जब मैंने इश्क़ और सुकून दोनों

साथ में माँग लिया.

Us Waqt To
Khuda Bhi Soch me Pad Gaya
Jab Maine Ishk Aur Sukun Dono
Sath Me Mang Liya

 

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तेरी याद ने मेरा बुरा हाल कर दिया,
तन्हा मेरा जीना मुहाल कर दिया
सोचा जो अब तुम्हे याद न करुँ,
तो दिल ने धडकने से इन्कार कर दिया.

Teri Yaadon Ne Mera Bura Haal Kar Diya,
Tanha Mera Jeena Muhaal Kar Diya,
Socha Tha Ab Tumhe Yaad Naa Karu,
To Dil Ne Dhadakane Se Inkaar Kar Diya.

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ये मज़ा था दिल=लगी का कि बराबर आग लगती

न तुझे क़रार होता न मुझे क़रार होता

दाग़ देहलवी

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* ishk hindi shayarichahane ke vajah kuchh bhe nahin ,bas ishk ake fitarat hai, be= vajah hona… . !!**

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मुझको थाम रखा है तेरे इश्क ने इस कदर,
कई जन्मों से हम हमसफर हो जैसे.

Mujhako Tham Ke Rakha Hai Tere Ishk Ne Is Kadar,
Kai Janmo Se Ham Safar Ho Jaise.

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आज कुछ लिखने की फ़िराक में हूँ,आज सुबह ही मुझे इश्क़ हुआ है।

Love Ishq Shayari

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इश्क़ ने जब माँगा खुदा से
दर्द का हिसाब,
वो बोले हुस्न वाले ऐसे ही बेवफाई

किया करते हैं.

Ishk Ne Jab Manga Khuda Se
Dard Ka Hisab
Wo Bole Husn Wale Ese Hi Bewafayi
Kiya Karate Hai

 

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तेरी खुशुबू से लिपट कर, बितायी है सारी रात,
आज सब मेरे महकने का सबब पूछेंगे.

Teri Khushabu Se Lipat Kar, Bitayi Hai Sari Raat,
Aaj Sab Mere Mahakane Ka Sabab Puchhenge.

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तुझे कुछ इश्क़ ओ उल्फ़त के सिवा भी याद है ऐ दिल

सुनाए जा रहा है एक ही अफ़्साना बरसों से

अब्दुल मजीद सालिक

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*rahana yoon tere khayalon me.. ye mere adat hai,koe kahata ishk … koe kahata ibadat hai=***
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चलते थे इस जहाँ में कभी… सीना तान के हम,ये कम्बख्त इश्क़ क्या हुआ घुटनो पे आ गए हम।

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उसने तारीफ़ ही कुछ इस अंदाज से की मेरी,
अपनी ही तस्वीर को सौ बार देखा मैंने.

Usane Tarif Hi Kuchh Is Andaz Me Se Ki Meri,
Apani Hi Tasveer Ko Sau Baar Dekha Maine.

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गिरते रहे सजदों में हम
अपनी ही हसरतों की खातिर
अगर इश्क़=ऐ खुदा में गिरे होते तो

कोई हसरत अधूरी ना होती.

Girate Rahe Sazado Me Ham
Apni Hi Hasarato Ki Khatir
Agar Ishk=E=Khuda Me Gire Hote To
Koi Hasarat Adhuri Na Hoti

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मैं ने दिन रात ख़ुदा से ये दुआ माँगी थी

कोई आहट न हो दर पर मिरे जब तू आए

बशीर बद्र

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ishk hindi shayariin ankho mein kaid the gunah e ishk ki saja ke behisab ansu….tere yadon ne akar unake jamanat kar de….*

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उसके होंठों को चूमा तो अहसास ये हुआ,
एक पानी ही ज़रूरी नहीं प्यास बुझाने के लिए.

Usake Hotho Ko Chuma To Yesahas Ye Hua,
Ek Pani Hi Jaruri Nahi, Pyas Bujhane Ke Liye.

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ख़त्म हो गयी कहानी
बस कुछ अलफ़ाज़ बाकी हैं,
एक अधूरे इश्क की एक मुकम्मल सी

याद बाकी है

Khatm Ho Gayi Kahani
Bas Kuchh Alfaaz Baki Hai
Ek Adhure Ishk Ki Mikamal Si
Yaad Baki Hai

 

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ज़िन्दगी में ऐसे बहुत से लोग होते है,
जो कोई वादा नहीं करते पर निभा सब कुछ लेते है.

Zindagi Me Yese Bahut Se Log Hote Hai,
Jo Wada Nahi Karate Par Nibha Dete Hai.

 

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मेरे इश्क़ से मिली है तेरे हुस्न को ये शौहरत,तेरा ज़िक्र ही कहाँ था मेरी दीवानगी से पहले..

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न वो सूरत दिखाते हैं न मिलते हैं गले आ कर

न आँखें शाद होतीं हैं न दिल मसरूर होता है

लाला माधव राम जौहर

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*jarure to nahin, har chahat ka matalab ishk ho,kabhe kabhe kuchh anajan rishton ke lie bhe…dil bechain ho jata hai…!!!!**

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इश्क का तो पता नहीं पर,जो तुमसे है वो किसी और से नहीं.

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इश्क़ नाज़ुक=मिज़ाज है बेहद
अक़्ल का बोझ उठा नहीं सकता
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अकबर इलाहाबादी

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प्यार तो प्यार है इसमें तकरार क्या,इश्क तो दिल की अमानत है इससे इंकार क्या,मैं तो दिन रात तड़पता हूँ तेरी याद में,तू भी है मेरे इश्क में बेकरार क्या ?

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नहीं पसंद मोहब्बत में मिलावट मुझको,
अगर वो मेरा है तो ख्वाब़ भी मेरे देखे..

Nahi Pasand Mohabbat Me Milawat Mujhako.
Agar Wo Mera Hai To Khwab Bhi Mere Dekhe.

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क्या जाने किस अदा से लिया तू ने मेरा नाम

दुनिया समझ रही है कि सच=मुच तिरा हूँ मैं

क़तील शिफ़ाई

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*katl kiya tha jisane mere masoom muhabbat kavo ba=izzat bare haiaur ham ishq karake sare shahar ke gunahagar ho gaye*

 

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खूबसूरत होते हैं वो पल, जब पलकों में सपने होते हैं
चाहे जितने भी दूर रहें, अपने तो अपने होते हैं.

Khubsurat Hote Hai Wo Pal,
Jab Palako Me Sapane Hote Hai.
Chahe Jitane Bhi Dur Rahe, Apane To Apane Hote Hai.

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क्या कहू तुमसे कि क्या है इश्क़,जान का रोग और बला है इश्क़।

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वो इस कमाल से खेले थे
इश्क की बाजी,
मैं अपनी फतह समझता रहा
मात होने तक

Wo Is Kamaal Se Khele The
Ishk Ki Baazi
Main Apani Fatah Samjhata Rha
Maat Hone Tak

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सुकून=ए=दिल के लिए इश्क़ तो बहाना था

वगरना थक के कहीं तो ठहर ही जाना था

फ़ातिमा हसन

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**ishq to sahab yoon he muft membadanam haihusn khud be=tab rahata hai jalavadikhane ke lie l*
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किया इश्क़ ने मेरा हाल कुछ ऐसा,ना अपनी है खबर ना दिल का पता है,कसूरवार था मेरा ये दौर=ए=जवानी,मैं समझता रहा सनम की खता है।

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मैं हुस्न हूँ, मेरा रूठना लाजिमी है,
तुम इश्क़ हो, ज़रा अदब में रहा करो.

Mai Husn Hun, Mera Ruthana Kazami Hai,
Tum Ishk Ho, Jara Adab Se Raha Karo.

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मत करवाना इश्क़ ए दस्तूर
हर किसी को ए खुदा,
हर किसी में जीते जी मरने की

ताक़त नही होती.

Mat Karwa Ishk=E=Dastur
Har Kisi Ko E Khuda
Har Kisi Me Jeete Jee Marane Ki
Takat Nahi Hoti

 

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मुझे सुकून चाहिए मतलब तुम.

Mujhe Sukun Chahiye Matalab Tum.

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घुटन सी होने लगी है, इश्क़ जताते हुए,मैं खुद से रूठ जाता हूँ, तुम्हे मनाते हुए।

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हम जुर्म=ए=मोहब्बत की सज़ा पाएँगे तन्हा

जो तुझ से हुई हो वो ख़ता साथ लिए जा

साहिर लुधियानवी
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**galat suna tha ki,ishq ankhon se hota hedil to vo bhe le jate hai,jo palake tak nahe uthate he***

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इंकार जैसी
लज्जत इक़रार में कहां.
बढ़ता रहा इश्क ग़ालिब,
उसकी नही=नही से

Jhankaar Jaisi
Lazzat Ikaraar me Kaha
Badhata Raha Ishk “Galib”
Usaki Nahi=Nahi Me

Ishq Shayari Urdu

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हमेँ कँहा मालूम था क़ि इश्क़ होता क्या है
बस एक तुम मिले और ज़िन्दगी मुहब्बत बन गई.

Hame Kya Malum Tha Ki Ishk Hota Kya Hai
Bas Ek Tum Mile Aur Zindagi Mohabbat Ban Gayi.

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कुछ तो शराफत सीख ले, ऐ इश्क़ शराब से………..!!बोतल पे लिखा तो होता है, मैं जानलेवा हूँ………….!!

 

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लोग कहते हैं कि इश्क इतना मत करो,कि हुस्न सर पर सवार हो जाये,हम कहते हैं कि इश्क इतना करो,कि ” पत्थर दिल ” को भी तुमसे प्यार हो जाये।

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हम तिरे शौक़ में यूँ ख़ुद को गँवा बैठे हैं

जैसे बच्चे किसी त्यौहार में गुम हो जाएँ

अहमद फ़राज़

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ishq ke charche bhale he sare duniya mein hote honge,par dil to khamoshe se he tootate hain….!!!!***

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ये बात किसने उड़ाई की
मुझे इश्क है तुमसे,
हाँ, तुमको यकीं आये तो

अफवाह नही हैं ये.

Ye Baat Kisane Udayi Ki
Mujhe Ishk Hai Tumase
Ha, Tumako Yakin Aaye To
Afawah Nahi Hai Ye

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अब छोड़ दिया है “इश्क़” का “स्कूल”हमने भीहमसे अब “मोहब्बत” की “फीस” अदा नही होती !

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सुनो अपना ख्याल रखा करो मेरे लिए,
बेशक़ सांसे तुम्हारी चलती है,
लेकिन तुम में जान तो हमारी बसती है

Suno Apana Khyal Rakha Karo Mere Liye,
Beshak Sanse Tumhari Chalati Hai,
Lekin Tum Me Jaan Hamari Basati Hai.

 

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जब से तू ने मुझे दीवाना बना रक्खा है

संग हर शख़्स ने हाथों में उठा रक्खा है

हकीम नासिर

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ishk hindi shayariai ishk!!tera vakel banake bura kiya mainne.yahan har shayar tere khilaf saboot lie baitha hai***

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इश्क़ इनायत है खुदा की,
तो मैं गुनाहगार कैसे?

Ishk Inayat Hai Khuda Ki
To Mai Gunahgaar Kaise?

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हमारे इश्क को यूँ ना आजमाओ सनम,
पथ्थरों को भी धड़कना सिखा देते है हम..

Hamare Ishk Ko Yun Naa Aazamao Sanam,
Pattharo Ko Bhi Dhadakana Sikha Dete Hai.

 

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Ishq Status In Hindi

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हुई न आम जहाँ में कभी हुकूमत=ए=इश्क़

सबब ये है कि मोहब्बत ज़माना=साज़ नहीं

अल्लामा इक़बाल

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tere khat mein ishk ke gavahe aj bhe hai,harf dhundhale ho gae par syahe aj bhe hai..***

 

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पी लेने दो शराब
इस आशिक को,
लगता हैं ये भी इश्क में

चोट खाया हुआ है.

Pee Lene Do Sharab
Is Aashik Ko
Lagata Hai Ye Bhi Ishk Me
Chot Khaya Hua Hai

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मैंने जान बचा के रखी है एक जान के लिए,इतना इश्क़ कैसे हो गया एक अनजान के लिए।

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जिसे याद करने से होंठों पर मुस्कुराहट आ जाए,
एक ऐसा खूबसूरत ख़याल हो तुम.

Jise Yaad Karane Se Hotho Par Muskurahat Aa jaye,
Ek Yesa Khubsurat Khyal Ho Tum/

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इश्क़ में क्या नुक़सान नफ़अ है हम को क्या समझाते हो

हम ने सारी उम्र ही यारो दिल का कारोबार किया

जाँ निसार अख़्तर

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too yaken karen ya na karen….tere sath se main savar gae….tere ishk ke joonoon me……main sare hadon se gujar gae.***

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जो गुजरे इश्क में
सावन सुहाने, याद आते हैं
तेरी जुल्फों के मुझको

शामियाने याद आते हैं.

Jo Guzare Ishk Me
Saawan Suhaane Yaad Aate Hai
teri Zulfo Ke Mujhko
Shamiyane Yaad Aate Hai

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एक जरुरी काम है लेकिन रोजाना भूल जाती हूँ
मुझे तुमसे मुहब्बत है ये बताना भूल जाती हूँ.

Ek Jaruri Kaam Hai Lekin Rozana Bhul Jati Hu,
Mujhe Tumase Mohabbat Hai, Ye Batana Bhul Jati Hu.

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हाए रे मजबूरियाँ महरूमियाँ नाकामियाँ

इश्क़ आख़िर इश्क़ है तुम क्या करो हम क्या करें

जिगर मुरादाबादी

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kise ko ishq ke achchhae ne mar dala,kise ko ishq ke gaharae ne mar dala,karake ishq koe na bach saka,jo bach gaya usase tanhae ne mar dala.***
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खेल और इश्क़
दोनों मुख़्तलिफ़ सी बातें हैं,
एक में तुम माहिर, एक में मैं माहिर.

Khel Aur Ishk
Dono Mukhtaklif Si Baate Hai
Ek Me Tum Mahir, Ek Me Mai Mahir

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इश्क़ है अगर शिकायत न कीजिए..!और शिकवे हैं तो मोहब्बत न कीजिए..!!
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मैं ताउम्र हिचकियों में गुज़ार सकता हूँ,
जानम बशर्ते तुम याद किया करो.

Mai Taumr Hichakiyo Me Guzaar Sakata Hun,
Janam Basharate Tum Yaad Kiya Karo.

 

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चलते तो हैं वो साथ मेरे पर अंदाज देखिए,जैसे की इश्क करके वो एहसान कर रहें है।

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इस क़दर भी तो न जज़्बात पे क़ाबू रक्खो

थक गए हो तो मिरे काँधे पे बाज़ू रक्खो

इफ़्तिख़ार नसीम

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ishk hindi shayaribarabad kar dete hai mohabbat har mohabbat karane vale koishq har nahe manata aur dil bat nahe manata..!!**

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इश्क महसूस करना भी
इबादत से कम नहीं,
ज़रा बताइये छू कर’ खुदा को
किसने देखा है?

Ishk Mahsus Karana Bhi
Ibadat Se Kam Nahi
Jara Batayiye Chhu Kar Khuda Ko
Kisane Dekha Hai?

 

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हमने पूछा ‘दीवानगी’ क्या होती है
वो बोले दिल तुम्हारा और हक़ूमत हमारी.

Hamane Puchha Deewanagi Kya Hoti Hai
Wo Bole Dil Tumhara Aur Hukumat Hamari.

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बरसों से कायम है इश्क़ अपने उसूलों पर,ये कल भी तकलीफ देता था ये आज भी तकलीफ देता है.

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ज़मीं के लोग तो क्या दो दिलों की चाहत में

ख़ुदा भी हो तो उसे दरमियान लाओ मत

उबैदुल्लाह अलीम

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*duniya mein tere ishq ka charcha na karenge,mar jayenge lekin tujhe rusva na karenge,gustakh nigahon se agar tumako gila hai,ham door se bhe ab tumhen dekha na karenge.*

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किस खत में रखकर भेजूं
अपने इन्तजार को
बेजुबां हैं इश्क़ ढूँढता हैं
खामोशी से तुझे.

Kis Khat Me Rakhkar Bheju?
Apane Intzaar Ko
Bejuban Hai ishk Dhundhata Hai
Khamoshi Se Tujhe

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अब तो बिना शक्कर की चाय भी मीठी लगती है
जब तुम मेरे सामने आँखों में आँखें
डालकर बात करती हो.

Ab Bina Shakkar Ki Chay Bhi Mithi Lagati Hai,
Jab Tum Mere Samane Ankhon Me Ankhen,
Daal Kar Baat Karati Ho.

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तुम्हारे इश्क़ का मौसम,हर मौसम से सुहाना होता है ..

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क्या हसीं ख़्वाब मोहब्बत ने दिखाया था हमें

खुल गई आँख तो ताबीर पे रोना आया

शकील बदायुनी

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**jhuka le unhonne nazare jab mera nam aya ‪ishq mera nakam he sahe par kahe to kam aya***

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मुक्कमल इश्क की
तलबगार नहीं हैं आँखें.
थोड़ा=थोडा ही सही,
रोज़ तेरे दीदार की चाहत है

Mukkamal Ishk Ki
Talbdaar Nahi Hai Ankhe
Thoda=Thoda Hi Sahi
Roz Tere Deedaar Ki Chahat Hai

 

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नशा था उनके प्यार का, जिसमें हम खो गए ,
उन्हें भी पता नहीं चला कि कब हम उनके हो गए.

Nasha Tha Unake Pyar Ka, Jisame Ham Kho Gaye.
Unhe Bhi Pata Nahi Chala Ki,
Kab Ham Unake Ho Gaye.

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चलते तो हैं वो साथ मेरे पर अदाज देखिए,जैसे की इश्क करके वो एहसान कर रहें है।

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तुम नहीं पास कोई पास नहीं

अब मुझे ज़िंदगी की आस नहीं

जिगर बरेलवी

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ishk hindi shayaritum haqeqat=e=ishq hon ya fareb mere ankhon ka,na dil se nikalate ho na mere zindage mein ate ho…**

 

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चलते तो हैं
वो साथ मेरे, पर अंदाज देखिए,
जैसे की इश्क करके वो
एहसान कर रहें है

Chalate To Hai
Wo Mre Sath, Par Andaaz Dekhiye
Jaise Ki Ishk Karake Wo
Ehasaan Kar rahe Hai

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खुदा का शुक्र है कि ख्वाब बना दिए,
वरना तुम्हें देखने की तो हसरत दिल में ही रह जाती.

Khuda Ka Shukr Hai Ki Khwab Bana Diya,
Warana Tumhe Dekhane Ki Hasarat
Dil Me Hi Rah Jati.

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इसमें नुक्सान और फायदा कैसा,ये इश्क़ है कारोबार नहीं।

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चर्चे… किस्से…नाराजगी आने दो,मुझको इश्क़ में औरइश्क़ को मुझमें मशहूर हो जाने दो।

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इश्क़ में कुछ नज़र नहीं आया

जिस तरफ़ देखिए अँधेरा है

नूह नारवी

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*mohabbat‬ nahe the to ek bar samajhaya‬ to hota…bechara‬ dil tumhare ‪#‎khamoshe‬ ko ‪ishq‬ samajh baitha..!!***
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मत कर यूं बेपनाह इश्क,
ऐ नादां दिल उनसे,
बहुत जख़्म लगते हैं,
जब उँचाई से
गिरते हैं

Mat Kar Tu Bepnah Ishk
E Nadan Dil Unase
Bahut Zakhm Lagate Hai
Jab Unchayi Se
Girate Hai

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बरसों से कायम है इश्क़ अपने उसूलों पर,ये कल भी तकलीफ देता था और ये आज भी तकलीफ देता है।

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