फ़ंड के लिए सिफ़ारिस-कविता-रसूल हमज़ातोव-Hindi Poetry-कविता-Hindi Poem | Kavita Rasul Gamzatov(Rasool Hamzatov) 

फ़ंड के लिए सिफ़ारिस-कविता-रसूल हमज़ातोव-Hindi Poetry-कविता-Hindi Poem | Kavita Rasul Gamzatov(Rasool Hamzatov)

फ़ंडवालों से गुज़ारिश है कि कुछ सदका-ए-ज़र
सायले-मुहव्वल-ए-बाला को मिले बारे-दिगर
पोच लिखते हैं जो वो लिखते हैं तसलीम मगर
उनकी औलाद व अज़्ज़ा को नहीं उसकी ख़बर
आल बेहूदा-नवीसां के लिए बाने-जूई
टालसटाय के घराने से अहम कम तो नहीं

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