ज़्यारत कर मुलतान दी फिर करतारपुरे नूं आया ॥-बाबे नानक देव जी दी वार-भाई गुरदास जी-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Bhai Gurdas Ji 

ज़्यारत कर मुलतान दी फिर करतारपुरे नूं आया ॥-बाबे नानक देव जी दी वार-भाई गुरदास जी-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Bhai Gurdas Ji

ज़्यारत कर मुलतान दी फिर करतारपुरे नूं आया ॥
चड़्हे सवाई दहदेही कलिजुग नानक नाम ध्याया ॥
विन नावै होर मंगना सिर दुखां दे दुख सबाया ॥
मार्या सिक्का जगत विच नानक निरमल पंथ चलाया ॥
थाप्या लहना जींवदे गुर्याई सिर छत्र फिराया ॥
जोती जोत मिलायकै सतिगुर नानक रूप वटाया ॥
लख न कोई सकई आचरजे आचरज दिखाया ॥
कायां पलट सरूप बणाया ॥45॥

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