ज़िन्दगी आ रहा हूँ मैं-ग़ज़लें व फ़िल्मी गीत-जावेद अख़्तर-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Javed Akhtar

ज़िन्दगी आ रहा हूँ मैं-ग़ज़लें व फ़िल्मी गीत-जावेद अख़्तर-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Javed Akhtar

लिये सपने निगाहों में, चला हूँ तेरी राहों में
ज़िंदगी आ रहा हूँ मैं – 2

कई यादों के चेहरे हैं, कई किस्से पुराने हैं
तेरी सौ दास्तानें हैं, तेरे कितने फ़साने हैं – 2
मगर एक वो कहानी है, जो अब मुझको सुनानी है
ज़िन्दगी आ रहा हूँ मैं

मेरे हाथों की गरमी से, पिघल जायेंगी ज़ंजीरें
मेरे कदमों की आहट से, बदल जायेंगी तक़दीरें – 2
उम्मीदों के दिये लेकर, ये सब तेरे लिये लेकर
ज़िन्दगी आ रहा हूँ मैं

कभी तुझको गिला मुझसे, कभी मुझको शिकायत है
मगर फिर भी तुझे मेरी, मुझे तेरी ज़रूरत है – 2
मैं ये इक़रार करता हूँ, मैं तुझसे प्यार करता हूँ
ज़िन्दगी आ रहा हूँ मैं

(मशाल)

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