होली-ऐ फागुन आ रही हो आना-दीपक सिंह

होली-ऐ फागुन आ रही हो आना-दीपक सिंह

 

ऐ फागुन आ रही हो आना,
आके धरा पे रंग बरसाना।
गलियों में जब रंग उड़ेंगे,
रंगों में उमंग दिखाना।।

पीला रंग प्रीति ले आना,
लाल वीरों की निशानी बताना।
हरा रंग सिंचित जमीं है,
गुलाबी को प्रेम कहानी बताना।।

ऐ फागुन आ रही हो आना,
आके धरा पे रंग बरसाना।।

जो दो लिपटे तुम मिल जाना,
नांरगी को नवधा भक्ति बताना।
नीला रंग आसमां सृजन है ,
श्वेत सत्य की निशानी बताना।।

ऐ फागुन आ रही हो आना,
आके धरा पे रंग बरसाना।

आसमां में सातों का आना,
इनको इंद्रधनुष बताना।
काला रंग श्याम का है,
भूरे को संयम सबल बताना।।

ऐ फागुन आ रही हो आना
आके धरा पे रंग बरसाना।।

सुनहरा तुम मुकाम ले आना,
तुम बैंगनी सपने दिखाना।
धूमेला रंग धरा का है,
रंगों को केवल रंग न बताना।।

ऐ फागुन आ रही हो आना,
आके धरा पे रंग बरसाना।
गलियों में जब रंग उड़ेंगे,
रंगो में उमंग दिखाना।।

 

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