हिम्मत-अफ़्ज़ाई !-ग़ज़लें-मोहनजीत कुकरेजा -Hindi Poetry-कविता-Hindi Poem | Kavita Mohanjeet Kukreja Ghazals

हिम्मत-अफ़्ज़ाई !-ग़ज़लें-मोहनजीत कुकरेजा -Hindi Poetry-कविता-Hindi Poem | Kavita Mohanjeet Kukreja Ghazals

इन से कब कुछ हुआ है… आँसुओं को तो थाम लो
नाकामियों की छोड़ फ़िक़्र, सिर्फ़ हौसले से काम लो !

तक़दीर कोई दुश्मन नहीं कि हमेशा रहेगी ख़िलाफ़
ख़फ़ा सही, माशूक़ ही है, वही दर्जा, वही मक़ाम दो !

थक गए हो अगर चलके, दम लो, थोड़ा रुक जाओ
ख़ुद को एक जाम… और क़दमों को ज़रा आराम दो !

कोशिशें मुसलसल हैँ अगर, ख़्वाब अधूरे रहेंगे क्यों
मंज़िल चलके क़रीब आएगी, तुम अगरचे ठान लो !

हमराह अगर मिले कोई, दुःख-सुख बांटो, साथ चलो
वगरना अपने इस सफ़र को ख़ुद-ब-ख़ुद अंजाम दो !

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