हिंदी के ठेकेदार-कविताएँ-गोलेन्द्र पटेल-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Golendra Patel

हिंदी के ठेकेदार-कविताएँ-गोलेन्द्र पटेल-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Golendra Patel

 

हिंदी के ठेकेदार साहब
हिंदी पढ़ रहे हो
हिंदी पढ़ा रहे हो
हिंदी के प्रचार-प्रसार के लिए
हिंदी दिवस पर खुब भाषण दे रहे हो
दीजिए , हम सुन रहे हैं
और गुन रहे हैं
कि आप अपने वाल पर क्यों नहीं करते हैं
हिंदी के किसी नवांकुर रचनाकार की
कोई रचना साझा
खैर,
हमें आपकी भाषा से नहीं है
बैर
पर हम आपकी ठेकेदारी में काम नहीं करेंगे
आपकी ठेकेदारी आपको मुबारक ;

तुम नाराज क्यों हो रहे हो
तुम्हारे हिंदी के लोग ही कौन कहीं
नवोदित रचनाकारों को अपने वाल पर साझा करते हैं
कुछ लोगों को छोड़कर शेष तो हमारे जैसे ही हैं
वे ठेकेदार नहीं हैं तो क्या हुआ
वे हमसे भी बढ़कर हैं
वे हिंदी के साहित्यकार नहीं
बल्कि शासक हैं शासक…।

रचना: 14-09-2019

 

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