हाइकु-हाइकु-गौतम कुमार सागर-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Gautam Kumar Sagar

हाइकु-हाइकु-गौतम कुमार सागर-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Gautam Kumar Sagar

प्रेम के पत्र
भरित दीमक से
यादें सिसके।

चमगादड़
टंगे नयन द्वार
स्वप्न समान ।

गिरह पड़े
बार-बार उलझे
साँसों का गुच्छा ।

 

प्रेम का जाल
हाथ में है जिसके
वो फँसा पड़ा।

नयन कोर
अटका एक अश्रु
दृष्टि अछोर

नयन सीप
अश्रु महासागर
सपने मोती

 

वर्षा का तन
धरती का बदन
नव्य-सर्जन

फूल भीतर
मिट्टी की कोख
पलती गंध

वादों का पान
मुख शब्द- रंगीन
नही यकीन

 

आस कटोरा
दूध-जल मिश्रित
बनिए हंस

तुषार-वीणा
मरुस्थल का गीत
अजब सुर

गुलाबी गात
ईश्वरीय -संदेश
कन्या का जन्म

 

उषा घूँघट
हटाता दिनकर
लजाती रात

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