हम से चुनाँ-चुनीं न करो हम नशे में हैं -ग़ज़ल-अब्दुल हमीद अदम-Abdul Hameed Adam-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita,

हम से चुनाँ-चुनीं न करो हम नशे में हैं -ग़ज़ल-अब्दुल हमीद अदम-Abdul Hameed Adam-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita,

हम से चुनाँ-चुनीं न करो हम नशे में हैं
हम जो कहें नहीं न करो हम नशे में हैं

नश्शा कोई ढकी-छुपी तहरीक तो नहीं
हर-चंद तुम यक़ीं न करो हम नशे में हैं

ऐसा न हो कि आप की बाँहों में आ गिरें
आँखों को ख़शमगीं न करो हम नशे में हैं

बातें करो निगार ओ बहार ओ शराब की
अज़्कार-ए-शर-ओ-दीं न करो हम नशे में हैं

ये वक़्त है ‘अदम’ की तवाज़ो’ का साहिबो
तंग अपनी आस्तीं न करो हम नशे में हैं

Leave a Reply