स्वभाव-कविता-नरेश मेहता-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Naresh Mehta 

स्वभाव-कविता-नरेश मेहता-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Naresh Mehta

 

कुत्ते—
सिर्फ़ क्वाँर में ही हो पाते हैं आदमी
जब कि आदमी
वर्ष भर क्वाँर में ही बना रहता है।

 

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