स्याम वेद कउ सोध कर मथ वेदांत ब्यास सुणाया ॥-बाबे नानक देव जी दी वार-भाई गुरदास जी-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Bhai Gurdas Ji 

स्याम वेद कउ सोध कर मथ वेदांत ब्यास सुणाया ॥-बाबे नानक देव जी दी वार-भाई गुरदास जी-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Bhai Gurdas Ji

 

स्याम वेद कउ सोध कर मथ वेदांत ब्यास सुणाया ॥
कथनी बदनी बाहरा आपे आपन ब्रहम जणाया ॥
नदरी किसे न ल्यावई हउमैं अन्दर भरम भुलाया ॥
आप पुजाय जगत विच भाउ भगत दा मरम न पाया ॥
त्रिपति न आवी वेद मथि अगनी अन्दरि तपत तपाया ॥
माया दंड न उतर्रे जम दंडे बहु दुख रूआया ॥
नारद मुन उपदेस्या मथ भगवत गुन गीत कराया ॥
बिन सरनी नह कोइ तराया ॥11॥

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