स्त्री-सुदामा पाण्डे का प्रजातंत्र-मादा कविताएँ-सुदामा पांडेय धूमिल-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Sudama Panday Dhoomil

स्त्री-सुदामा पाण्डे का प्रजातंत्र-मादा कविताएँ-सुदामा पांडेय धूमिल-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Sudama Panday Dhoomil

मुझे पता है
स्त्री–
देह के अंधेरे में
बिस्तर की
अराजकता है ।
स्त्री पूंजी है
बीड़ी से लेकर
बिस्तर तक
विज्ञापन में फैली हुई ।

Leave a Reply