सेई पूरे साह जिनी पूरा पाइआ-गुरू अंगद देव जी-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Guru Angad Dev Ji

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सेई पूरे साह जिनी पूरा पाइआ ॥
अठी वेपरवाह रहनि इकतै रंगि ॥
दरसनि रूपि अथाह विरले पाईअहि ॥
करमि पूरै पूरा गुरू पूरा जा का बोलु ॥
नानक पूरा जे करे घटै नाही तोलु ॥2॥146॥

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