सुनो सुनो देशके हिन्दू – मुस्लमान-गीत-कवि प्रदीप-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Kavi Pradeep

सुनो सुनो देशके हिन्दू – मुस्लमान-गीत-कवि प्रदीप-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Kavi Pradeep

सुनो रे सुनो देश के
हिन्दू मुसलमान
अरे सुनो बहन भाई सुनो
सुनो नौजवान
ये सुभाष की कथा
इसमें है बड़ी वृथा
इसमें कहीं आग हैं ऐ
और कहीं तूफान
सुनो रे सुनो सुनो रे
सुनो देश के हिन्दू मुसलमान
अरे सुनो बहिन भाई सुनो
सुनो नौजवान ये
सुभाष की कथा सुनो रे

अपनी साड़ी का एक बड़ा
चमत्कार था सुभाष
परदेसी हुकूमत का
बहिष्कार था सुभाष
अपने गुलाम देश की
ललकार था सुभाष
माँ के चरण का पुण्य
नमस्कार था सुभाष अरे सुनो देशवासियो
सुनो देशवासियो
हिन्द के निवासियो
उसने तो ग़ज़ब किया
भाग्य ही पलट दिया
सुनो देशवासियों
हिन्द के निवासियों
उसने तो ग़ज़ब किया
भाग्य ही पलट दिया
भर दिया जय हिंद के
नारे से आसमान
सुनो रे सुनो सुनो रे सुनो
देश के हिन्दू मुसलमान
अरे सुनो रे

उसने सिखाया देश को
अंगार पे चलना
लोहे की दहकती हुई
दीवार पे चलना
उसने सिखाया बिजलियों
के तार पे चलना
तलवार सामने हो
तो तलवार पे चलना
अरे नर वो लाजवाब था
नर वो लाजवाब था
ज़िंदा इनकुलाब था
काम उसने वो किया
हिल गया ब्रितानिआं
नर वो लाजवाब था ज़िंदा इनकुलाब था
काम उसने वो किया
हिल गया ब्रितानिआं
उसकी वो आज़ाद
हिन्द फौज़ थी महान
सुनो रे सुनो सुनो रे
सुनो देश के हिन्दू मुसलमान
अरे सुनो बहिन भाई
सुनो सुनो नौजवान
ये सुभाष की कथा सुनो रे
ये सुभाष की कथा सुनो रे

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