सुनी पुकार दातार प्रभ गुर नानक जग माहं पठाया ॥-बाबे नानक देव जी दी वार-भाई गुरदास जी-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Bhai Gurdas Ji 

सुनी पुकार दातार प्रभ गुर नानक जग माहं पठाया ॥-बाबे नानक देव जी दी वार-भाई गुरदास जी-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Bhai Gurdas Ji

 

सुनी पुकार दातार प्रभ गुर नानक जग माहं पठाया ॥
चरन धोइ रहरास कर चरनामृत सिक्खां पीलाया ॥
पारब्रहम पूरन ब्रहम कलिजुग अन्दर इक दिखाया ॥
चारै पैर धरंम दे चार वरन इक वरन कराया ॥
राना रंक बराबरी पैरीं पवना जग वरताया ॥
उलटा खेल पिरंम दा पैरां उपर सीस निवाया ॥
कलिजुग बाबे तार्या सत्तनाम पड़्ह मंत्र सुणाया ॥
कलि तारन गुर नानक आया ॥23॥

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