सिर पर बोझ लिए चलती वो-कविता -दीपक सिंह-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Deepak Singh

सिर पर बोझ लिए चलती वो-कविता -दीपक सिंह-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Deepak Singh

 

सिर पर बोझ लिए चलती वो,
आंखों से ममता छलकाती वो ।
करुण वेदना हदय में दबाकर,
किस्मत से लड़ती जाती वो ।।

एक पेड़ की डाली पर,
गांठ लगा धोती लटकाए।
पुत्र प्रेम से सिंचित होकर,
लाल को झूला झुलाती वो,
करूण वेदना हदय में दबाकर,
किस्मत से लड़ती जाती वो ।।

केश हैं अरूझे मैले कपड़े,
पर चेहरे पर मुस्कान लिए ।
तपती धरती छाँव में चलती,
कोमल पैरों को बचाती वो,
करुण वेदना हदय में दबाकर,
किस्मत से लड़ती जाती वो।।

 

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