सिन्दूरी रिमझिम के बीच-असमिया कविता-नीलमणि फूकन-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Nilmani Phookan(अनुवाद- शिव किशोर तिवारी) 

सिन्दूरी रिमझिम के बीच-असमिया कविता-नीलमणि फूकन-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Nilmani Phookan(अनुवाद- शिव किशोर तिवारी)

 

सिन्दूरी रिमझिम के बीच
यकायक ग़ायब
मेरी नन्ही चिड़िया तू।

नंग-धड़ंग सो रही लड़की
की नींद का
कोई नाम है तू —
किसके हाथों निकलतीं तेरी कलियाँ?

धान इस बार भी नहीं पका
तेरी पलकों में रंग है बस

तुझे ही पता होता कि
कौन सी ॠतु है इस समय,
मेरी नन्ही चिड़िया तू।

सात समुन्दर तक
शंख बजा या नहीं?

 

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