सिध बोले सुन नानका तुह जग नूं करामात दिखलाई -बाबे नानक देव जी दी वार-भाई गुरदास जी-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Bhai Gurdas Ji 

सिध बोले सुन नानका तुह जग नूं करामात दिखलाई -बाबे नानक देव जी दी वार-भाई गुरदास जी-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Bhai Gurdas Ji

सिध बोले सुन नानका तुह जग नूं करामात दिखलाई ॥
कुझ दिखाईं असानूं भी तूं क्युं ढिल अजेही लाई ॥
बाबा बोले नाथ जी असां वेखे जोगी वसतु न काई ॥
गुर संगत बानी बिना दूजी ओट नहीं है राई ॥
सिव रूपी करता पुरख चले नाहीं धरत चलाई ॥
सिध तंत्र मंत्र कर झड़ पए शबद गुरू कै कला छपाई ॥
ददे दाता गुरू है कके कीमत किनै न पाई ॥
सो दीन नानक सतिगुर सरणाई ॥42॥

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