सावन आया हैकविता-रामेश्वर नाथ मिश्र ‘अनुरोध’ -Hindi Poetry-कविता-Hindi Poem | Kavita Rameshwar Nath Mishra Anurodh

सावन आया हैकविता-रामेश्वर नाथ मिश्र ‘अनुरोध’ -Hindi Poetry-कविता-Hindi Poem | Kavita Rameshwar Nath Mishra Anurodh

 

बिजली-सी कजली की धुन सुन,
विरहन-सी दुलहन तज ठनगन,
निकली आँगन में बनठन कर,
जाना जब ननदी का वीरन-
परदेसी पाहुन आया है;
अभी अभी सावन आया है।

 

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