साधो इहु तनु मिथिआ जानउ- शब्द-ੴ सतिगुर प्रसादि रागु बसंतु हिंडोल महला ९-गुरू तेग बहादुर साहिब-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Guru Guru Teg Bahadur Sahib

साधो इहु तनु मिथिआ जानउ- शब्द-ੴ सतिगुर प्रसादि
रागु बसंतु हिंडोल महला ९-गुरू तेग बहादुर साहिब-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Guru Guru Teg Bahadur Sahib

साधो इहु तनु मिथिआ जानउ ॥
या भीतरि जो रामु बसतु है साचो ताहि पछानो ॥1॥रहाउ॥
इहु जगु है संपति सुपने की देखि कहा ऐडानो ॥
संगि तिहारै कछू न चालै ताहि कहा लपटानो ॥1॥
उसतति निंदा दोऊ परहरि हरि कीरति उरि आनो ॥
जन नानक सभ ही मै पूरन एक पुरख भगवानो ॥2॥1॥1186॥

This Post Has One Comment

Leave a Reply