साथ… एक ख़्वाब!-कविता-मोहनजीत कुकरेजा -Hindi Poetry-कविता-Hindi Poem | Kavita Mohanjeet Kukreja

साथ… एक ख़्वाब!-कविता-मोहनजीत कुकरेजा -Hindi Poetry-कविता-Hindi Poem | Kavita Mohanjeet Kukreja

 

बहुत दूर तक रहा
बहुत देर तक रहा
बड़ा तो हुआ
मगर पूरा नहीं
मैंने भी बुना था
एक ख़्वाब !

बहुत दूर तक चला
बहुत देर तक चला
मंज़िल तक मगर
पहुँचा नहीं
मैंने भी चुना था
एक साथ !!

 

This Post Has One Comment

Leave a Reply