सात जन्मों का रिश्ता-कविता-प्रफुल्ल सिंह “बेचैन कलम” -Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Praful Singh “Bechain Kalam”

सात जन्मों का रिश्ता-कविता-प्रफुल्ल सिंह “बेचैन कलम” -Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Praful Singh “Bechain Kalam”

 

एक कदम तुम आओ
दो कदम मैं आता हूं
तीन कदमों में मिलकर
चार कदम का एक सफर तय करते हैं
पांचवें कदम में एक दूसरे को समझते हैं
छठवा कदम उठाते हैं
सात जन्मों के रिश्ते के लिए
नौनिहाल जिंदगी के लिए
बस……
एक कदम तुम आओ
दो कदम मैं आता हूं..!!

 

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