सतिगुरू ने राजपूतों के -शहीदान-ए-वफ़ा-अल्लाह यार ख़ां -Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Allah Yar Khan Jogi ,

सतिगुरू ने राजपूतों के -शहीदान-ए-वफ़ा-अल्लाह यार ख़ां -Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Allah Yar Khan Jogi ,

सतिगुरू ने राजपूतों के छक्के छुड़ा दिए ।
मुग़लों के वलवले भी जो थे सब मिटा दिए ।
दुश्मन को अपनी तेग़ के जौहर दिखा दिए ।
कुशतों के एक आन में पुशते लगा दिए ।
राजा जो चढ़ के आये थे बाहर पहाड़ से ।
पछता रहे थे जी में गुरू की लताड़ से ।

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