संडा मरका जाइ पुकारे-भैरउ बाणी नामदेउ जीउ की ੴ सतिगुर प्रसादि -शब्द (गुरू ग्रंथ साहिब) -संत नामदेव जी-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Sant Namdev Ji

संडा मरका जाइ पुकारे-भैरउ बाणी नामदेउ जीउ की
ੴ सतिगुर प्रसादि -शब्द (गुरू ग्रंथ साहिब) -संत नामदेव जी-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Sant Namdev Ji

संडा मरका जाइ पुकारे ॥
पड़ै नही हम ही पचि हारे ॥
रामु कहै कर ताल बजावै चटीआ सभै बिगारे ॥1॥

राम नामा जपिबो करै ॥
हिरदै हरि जी को सिमरनु धरै ॥1॥रहाउ॥

बसुधा बसि कीनी सभ राजे बिनती करै पटरानी ॥
पूतु प्रहिलादु कहिआ नही मानै तिनि तउ अउरै ठानी ॥2॥

दुसट सभा मिलि मंतर उपाइआ करसह अउध घनेरी ॥
गिरि तर जल जुआला भै राखिओ राजा रामि माइआ फेरी ॥3॥

काढि खड़गु कालु भै कोपिओ मोहि बताउ जु तुहि राखै ॥
पीत पीतांबर त्रिभवण धणी थ्मभ माहि हरि भाखै ॥4॥

हरनाखसु जिनि नखह बिदारिओ सुरि नर कीए सनाथा ॥
कहि नामदेउ हम नरहरि धिआवह रामु अभै पद दाता ॥5॥3॥9॥1165॥

 

Leave a Reply