संगीत-शरीर कविता फसलें और फूल-भवानी प्रसाद मिश्र-Hindi Poetry-कविता-Hindi Poem | Kavita Bhawani Prasad Mishra

संगीत-शरीर कविता फसलें और फूल-भवानी प्रसाद मिश्र-Hindi Poetry-कविता-Hindi Poem | Kavita Bhawani Prasad Mishra

 

अमरूद से
आम पर
जा रही है गिलहरी

आते-जाते
गा रही है गिलहरी

इस किचकिच को संगीत
हाँ कह सकते हैं

भाव है इसमें
भावना है भय है
चिंता है स्नेह है लय है !

 

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