श्री गुरू नानक देव जी दी नज़र-फुल्ल-कविताएं-गुरु नानक देव जी-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Guru Nanak Dev Ji

श्री गुरू नानक देव जी दी नज़र-फुल्ल-कविताएं-गुरु नानक देव जी-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Guru Nanak Dev Ji

‘अज गुर नानक आसन, कहन्दी मालन गई बगीचे,
फुल्लां नूं सुन चाउ चड़्ह ग्या:-‘आपा भेटा दीचे’ ।
इक इक तों वध चड़्ह पए आखन ‘तोड़ सार्यां लै चल
सोहण्यां दे सरदार साहमने नज़र असानूं कीचे’ ।

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