श्री गुरू नानक देव जी तों कलियां दी सुगंधि सदक्कड़े !-कविताएं-गुरु नानक देव जी-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Guru Nanak Dev Ji

श्री गुरू नानक देव जी तों कलियां दी सुगंधि सदक्कड़े !-कविताएं-गुरु नानक देव जी-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Guru Nanak Dev Ji

अज्ज नसीम जदों कलियां नूं आ के गल्ल सुणाई:-
‘गुर नानक प्रीतम कल आसन, पक्की इह अवाई’ ।
सुन कलियां भर चाउ आख्या:-‘सहीयो अज्ज न खिड़ना,
कल प्रीतम दे आयां कट्ठी देईए मुशक लुटाई’ ।

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