शक्ति के रूप-आखिर समुद्र से तात्पर्य-नरेश मेहता-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Naresh Mehta

शक्ति के रूप-आखिर समुद्र से तात्पर्य-नरेश मेहता-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Naresh Mehta

 

समूह की शक्ति
पहाड़ जैसी विपुल, विराट अवश्य
पर मात्र जड़।
व्यक्ति की शक्ति
नदी का संकटपूर्ण एकाकीपन भले ही
पर प्रखर, चैतन्य और गतिशील।

 

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