वक़्त को यूँही ना ज़ाया करो-उत्साही उज्जवल -Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Utsahi Ujjwal

वक़्त को यूँही ना ज़ाया करो-उत्साही उज्जवल -Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Utsahi Ujjwal

वक़्त को यूँही ना ज़ाया करो
पल-पल से खुशियाँ चुराया करो

रास्ते बना लो अपने हाथों से
हर बात किस्मत पर ना लाया करो

दान देते है सब मंदिरो में यहाँ
तुम भूखों को खाना खिलाया करो

नदी हो तुम बहते रहना तुम्हें
शहरों से नहीं, सागर से दिल लगाया करो

सीढ़ी चढ़ोगे तो गिरोगे भी
जब भी गिर जाओ ख़ुद को उठाया करो

माना नफ़रत फैली है चारों तरफ
हो स्वच्छंद प्यार तुम तो लुटाया करो

 

Leave a Reply