वेलेंटाइन डे-प्रहरी : अनिल मिश्र प्रहरी (Anil Mishra Prahari)| Hindi Poem | Hindi Kavita,

वेलेंटाइन डे-प्रहरी : अनिल मिश्र प्रहरी (Anil Mishra Prahari)| Hindi Poem | Hindi Kavita,

प्यार करना क्या, हो जाता है,
किसी की आँखों में कोई खो जाता है,
प्यार मिले तो जन्नत दूर नहीं,
वरना आँसू बदन भिगो जाता है।

मंजिल न मिले तो प्यार अमर है,
पर , अधूरा प्यार एक जहर है,
प्यार जिन्दगी को सरस बनाता है,
जैसे किनारों को , सागर की लहर है।

प्यार एक मधुर एहसास, समर्पण है,
तेरी भावनाओं का सच्चा दर्पण है,
जो मिट के भी खुश हो, वह प्यार है,
एक दूजे के लिए जीवन का अर्पण है।

प्यार फूलों से निकलता सुवास है,
शब्द नहीं, अंतर्मन में इसका वास है,
प्यार पपीहे की रटन, इंतजार भी
बुझती न कभी पी के ऐसी प्यास है।

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