विप्लव विलास (देवनागरी रूप)-मैं मिलिट्री का बूढ़ा घोड़ा -नागार्जुन-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Nagarjun 

विप्लव विलास (देवनागरी रूप)-मैं मिलिट्री का बूढ़ा घोड़ा -नागार्जुन-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Nagarjun

कुण्ठित होइ कखनो एवं कखनो हताश
ओरा कोरूक वितर्को, आमि फेल ना कि पाश
थर थर काँपिते छे, दुर्बल हाथेर ताश
बुड़ो वयसे खाप खाएनि विप्लव विलास

(20.8.78)

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