वारदात…-ग़ज़लें-मोहनजीत कुकरेजा -Hindi Poetry-कविता-Hindi Poem | Kavita Mohanjeet Kukreja Ghazals

वारदात…-ग़ज़लें-मोहनजीत कुकरेजा -Hindi Poetry-कविता-Hindi Poem | Kavita Mohanjeet Kukreja Ghazals

कल बरसों बाद ख़ुद से मुलाक़ात हो गई
बातों-बातों में शाम ढली और रात हो गई

शब् भर पढ़ते-पढ़ाते रहे, सुनते रहे सुनाते रहे
दिल ना हुआ कोई किताब-ए-जज़्बात हो गई

कुछ एक ने हंसाया और कुछ ने रुलाया भी…
चंद क़िस्सों पर तो आँखों से बरसात हो गई

दिल के किसी मसले पर छिड़ गई एक बहस
बातों-बातों में फिर ना जाने क्या बात हो गई

बाद का कुछ याद नहीं… फिर मगर अकेला हूँ
सुना है सुबह एक क़त्ल की वारदात हो गई !!

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