लोकतंत्र: एक-प्रदीप सिंह-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Pradeep Singh

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मेरी
ऊंगली पे
लगा काली स्याही का
निशान
प्रमाण है
कि
मैंने हथियार थमा दिए हैं फिर
उसे
जो करेगा
इस्तमाल मेरे ही खिलाफ।

 

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