लाइए, मैं चरण चूमूं आपके-खिचड़ी विप्लव देखा हमने -नागार्जुन-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Nagarjun

लाइए, मैं चरण चूमूं आपके-खिचड़ी विप्लव देखा हमने -नागार्जुन-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Nagarjun

देवि, अब तो कटें बंधन पाप के
लाइए, मैं चरण चूमूँ आपके

जिद निभाई, डग बढ़ाए नाप के
लाइए, मैं चरण चूमूँ आपके

सौ नमूने बने इनकी छाप के
लाइए, मैं चरण चूमूँ आपके

किए पूरे सभी सपने बाप के
लाइए, मैं चरण चूमूँ आपके

हो गए हैं विगत क्षण अभिशाप के
लाइए, मैं चरण चूमूँ आपके

मिट गए हैं चिह्न अन्तस्ताप के
लाइए, मैं चरण चूमूँ आपके

दया उमड़ी, गुल खिले शर-चाप के
लाइए, मैं चरण चूमूँ आपके

सिद्धी होगी, मिलेंगे फल जाप के
लाइए, मैं चरण चूमूँ आपके

थक गए हैं हाथ गोबर थाप के
लाइए, मैं चरण चूमूँ आपके

खो गए लय बोल के, आलाप के
लाइए, मैं चरण चूमूँ आपके

कढ़ी आहें, जमे बादल भाप के
लाइए, मैं चरण चूमूँ आपके

देवि, अब तो कटे बँधन पाप के
लाइए, मैं चरण चूमूँ आपके

(१९७४)

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