रोशन हुआ-उमेश दाधीच -Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Umesh Dadhich

रोशन हुआ-उमेश दाधीच -Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Umesh Dadhich

किसे खबर कि कब कब क्या क्या रोशन हुआ
इन गीतों में तू आज पहली मर्तबा रोशन हुआ

तू लिपट कर रोईं बेपनाह उससे इस कदर
जैसे मेरे बुझने से कही कोई और रोशन हुआ ।।

बातो, मुलाकातों को भुलाकर तू रोशन हुआ
यादो व जज्बातो को जलाकर तू रोशन हुआ

ख्वाब से इश्क़ में मैं और तू गर थे हमसफर
हक़ीक़त में ख्वाबो को जलाकर तू रोशन हुआ ।।

जवाब था मेरा पर तू सवालो में रोशन हुआ
रोज़ होना था तुझे पर सालो से रोशन हुआ

तेरे अपने भटक गए अंधेरो में कही आज
और तू है कि जाकर उजालो में रोशन हुआ ।।

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