रॉक ऑन-ग़ज़लें व फ़िल्मी गीत-जावेद अख़्तर-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Javed Akhtar

रॉक ऑन-ग़ज़लें व फ़िल्मी गीत-जावेद अख़्तर-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Javed Akhtar

दिल क्या कहता है मेरा
क्या मैं बताऊं
तुम ये समझोगे शायद
मैं पागल हूं

दिल करता है टीवी टावर पे
मैं चढ़ जाऊं
चिल्ला चिल्ला के मैं ये
सबसे कह दूं

रॉक ऑन
है ये वक्त का इशारा
रॉक ऑन
हर लम्हा पुकारा
रॉक ऑन
यूं ही देखता है क्या तू
रॉक ऑन ज़िन्दगी मिलेगी ना दोबारा

दिल करता है सड़कों पर
ज़ोर से गाऊं
सब अपने अपने घर की खिड़की खोलें
फिर मैं ऐसे जोशीले गीत सुनाऊं
मेरे गीतों को सुनके सब ये बोलें

जैसे जीने को दिल चाहे
जी वैसे तू
मेरी तो है बस ये राय की
अपने जितने भी अरमान हैं पूरे कर ले तू

(रॉक ऑन)

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