रुख़ परी चश्म परी ज़ुल्फ़ परी आन परी-ग़ज़लें-नज़ीर अकबराबादी-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Nazeer Akbarabadi

रुख़ परी चश्म परी ज़ुल्फ़ परी आन परी-ग़ज़लें-नज़ीर अकबराबादी-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Nazeer Akbarabadi

रुख़ परी, चश्म परी, ज़ुल्फ़ परी, आन परी
कयों न अब नामे-ख़ुदा हो तेरे कुरबान परी

झुमके झुमके वो सुरैया के करनफूल, वो फूल
बुन्दे बाले परी, मोती परी और कान परी

हुस्न गुलज़ार कमर शक्ल सुराही गर्दन
मह-जबीं सेब-ए-ज़कन चाह-ए-ज़नख़दान परी

मुस्कुराने की अदा जैसे चमक बिजली की
आन हंसने की क्यामत, लब-ओ-दन्दान परी

आंख मस्ती की भरी, शोख़ निगाहें चंचल
कहर काजल की खिंचावट, मिसी-ओ-पान-परी

चाक सीने का ग़ज़ब साफ़ बदन मोती सा
एक तस्वीर सी कुर्ती का गरेबान परी

क्या कहूं उसके सरापा की मैं तारीफ़ ‘नज़ीर’
क़द परी, धज परी, आलम परी और शान परी

 

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