ये आम बात है-नरिन्द्र कुमार-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Narinder Kumar

ये आम बात है-नरिन्द्र कुमार-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Narinder Kumar

 

जिस बात से तू प्रेशान है
ये आम बात है
नफ़रत मुकाम है
ये आम बात है

तंगहाली,बदहाली हर गली
शेयर बाजार में उफान है

जब भूख शरेआम हो
जहर बांटना नेक काम है

हवा पानी बिके , अब धूप बिकेगी
मुनाफाखोर का मुनाफा,
तरक्की की पहचान है

मोजूद हैं लाल किले तक
पहुंचाने वाले बदरंग मकान
राजगद्दी दिलाने वाले
भूखे लोग,बेरोजगार जवान हैं।

 

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