यह ज़िन्दगी तेरी मनुष्य- कविता-राजप्रीत हंस-Hindi Poetry-कविता-Hindi Poem | Kavita Rajpreet Hans 

यह ज़िन्दगी तेरी मनुष्य- कविता-राजप्रीत हंस-Hindi Poetry-कविता-Hindi Poem | Kavita Rajpreet Hans

यह ज़िन्दगी तेरी मनुष्य,
मुसीबतों से भरी है,
यह किसी और ने नहीं,
बस, तूने स्वयं ने ही भरी है।

करता अगर संघर्ष ज़िन्दगी में
तो होते न तेरे सपने दफ़न,
यूँ न चला जाता दुनियाँ से,
ओढ़कर असफलता का कफ़न।।

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