मोहि लागती तालाबेली-रागु गोंड बाणी नामदेउ जी की ੴ सतिगुर प्रसादि -शब्द (गुरू ग्रंथ साहिब) -संत नामदेव जी-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Sant Namdev Ji 

मोहि लागती तालाबेली-रागु गोंड बाणी नामदेउ जी की
ੴ सतिगुर प्रसादि -शब्द (गुरू ग्रंथ साहिब) -संत नामदेव जी-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Sant Namdev Ji

मोहि लागती तालाबेली ॥
बछरे बिनु गाइ अकेली ॥1॥

पानीआ बिनु मीनु तलफै ॥
ऐसे राम नामा बिनु बापुरो नामा ॥1॥रहाउ॥

जैसे गाइ का बाछा छूटला ॥
थन चोखता माखनु घूटला ॥2॥

नामदेउ नाराइनु पाइआ ॥
गुरु भेटत अलखु लखाइआ ॥3॥

जैसे बिखै हेत पर नारी ॥
ऐसे नामे प्रीति मुरारी ॥4॥

जैसे तापते निरमल घामा ॥
तैसे राम नामा बिनु बापुरो नामा ॥5॥4॥874॥

 

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