मै बउरी मेरा रामु भतारु-भैरउ बाणी नामदेउ जीउ की ੴ सतिगुर प्रसादि -शब्द (गुरू ग्रंथ साहिब) -संत नामदेव जी-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Sant Namdev Ji

मै बउरी मेरा रामु भतारु-भैरउ बाणी नामदेउ जीउ की
ੴ सतिगुर प्रसादि -शब्द (गुरू ग्रंथ साहिब) -संत नामदेव जी-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Sant Namdev Ji

मै बउरी मेरा रामु भतारु ॥
रचि रचि ता कउ करउ सिंगारु ॥1॥

भले निंदउ भले निंदउ भले निंदउ लोगु ॥
तनु मनु राम पिआरे जोगु ॥1॥रहाउ॥

बादु बिबादु काहू सिउ न कीजै ॥
रसना राम रसाइनु पीजै ॥2॥

अब जीअ जानि ऐसी बनि आई ॥
मिलउ गुपाल नीसानु बजाई ॥3॥

उसतति निंदा करै नरु कोई ॥
नामे स्रीरंगु भेटल सोई ॥4॥4॥1164॥

 

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